Latest Updates
-
Ekadashi Udyapan Rules: क्या एकादशी व्रत का उद्यापन करना चाहिए या नहीं? जानें क्या कहता है शास्त्र? -
Bank Holidays in June: जून में इतने दिन बंद रहेंगे बैंक, प्लान बनाने से पहले चेक कर लें छुट्टियों की लिस्ट -
Bada Mangal 2026: आज चौथे बड़े मंगल पर जरूर पढ़ें बाबा नीम करौली के ये अनमोल विचार, बदल जाएगी किस्मत -
UP Dhaba Style Poori Aloo Recipe: घर पर बनाएं यूपी के मशहूर ढाबे जैसा स्वाद -
Bada Mangal 2026 Wishes: पवनपुत्र का आशीर्वाद...आज चौथे बड़े मंगल पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 26 May 2026: मेष और सिंह राशि वालों को मिलेगा भाग्य का साथ, जानें अपनी किस्मत के सितारे -
Mughlai Method Shahi Korma Recipe: घर पर बनाएं शाही अंदाज में लाजवाब कोरमा -
Eid Mubarak Wishes For Wife: बकरीद पर अपनी बेगम को दें मोहब्बत भरा पैगाम, दिल से रहें हैप्पी ईद -
कौन हैं भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह? जिनका अक्षय कुमार संग 'घिस घिस घिस' गाने पर डांस हुआ वायरल -
Delhi Wali Ram Laddu Recipe: घर पर बनाएं दिल्ली के मशहूर और कुरकुरे राम लड्डू
पुराने जोड़ों के दर्द से लेकर मइग्रेन तक में राहत देता है क्रायोथेरेपी
क्रायोथेरेपी एक प्रकार की कोल्ड थेरेपी है जिसका उपयोग एथलीट्स, स्पोर्ट्सपर्सन, सेलेब्स, ट्रेनर्स और ऐसे लोग जो बहुत अधिक दर्द से जूझ रहे होते हैं वे लोग करते हैं। अब यह लोगों में तनाव दूर करने के लिए भी लोकप्रिय हो रही है।

दर्द दूर करने के एक माध्यम के रूप में इस पद्धति में आपको स्वयं को एक ठंडे, फ्रोजन चेंबर में कुछ निश्चित समय के लिए लॉक करना पड़ता है ताकि आपके शरीर की दुखने वाली मांसपेशियां खुल सकें। यह दर्दनिवारक और युवा दिखने में सहायक होने के साथ और भी कई लाभ शरीर को पहुंचाती है।

1. आपका दिमाग साफ़ होता है
यह इस थेरेपी के सबसे चर्चित लाभों में से एक है। कोल्ड थेरेपी के नियमित सेशन लेने से आपके ब्रेन को पोषण मिलता है। आपका मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है और तनाव और निराशा के गंभीर लक्षणों से भी राहत मिल सकती है। जब हमारा शरीर बहुत अधिक ठंडे स्थान पर रहता है तो "हैप्पी" एंडोरफिन्स जैसे डोपामाइन मुक्त करता है जो इन चीजों से निपटने में सहायक होता है। अध्ययनों से यह भी पता चला है कि क्रायोथेरेपी डिमेंशिया और अल्जाइमर जैसी समस्याओं के उपचार में भी सहायक है क्योंकि इससे शरीर में एंटीऑक्सीडेंट का स्तर बढ़ता है जो तनाव दूर करने में सहायक होता है।

2. माइग्रेन से निपटने में सहायक
माइग्रेन और गंभीर सिरदर्द से निपटना बहुत कठिन होता है, विशेष रूप से तब जब किसी भी पेनकिलर से दर्द दूर ना हो रहा हो। क्रायोथेरेपी से माइग्रेन की तकलीफ कम होती है क्योंकि यह माथे या गर्दन के आसपास की मांसपेशियों पर दबाव डालकर सूजन कम करती है। यह बढ़े हुए ब्लडप्रेशर को भी कम करती है। मांसपेशियों में होने वाली जलन को कम करती है और उन्हें सुन्न करती है तथा गंभीर से गंभीर दर्द को भी प्राकृतिक और सरल तरीके से दूर करती है।

3. यह दर्द और रिकवरी में सहायक है
बहुत से एथलीट और व्यावसायिक क्रायोथेरेपी का उपयोग इसलिए करते हैं क्योंकि इसके चिकित्सीय प्रभाव दर्द और रिकवरी से जुड़े हुए हैं। आइस या हॉट बाथ मांसपेशियों के दर्द को कम करता है उसी तरह क्रायोथेरेपी दर्द, जकड़न, सूजन को कम करती है और मांसपेशियों की रिकवरी करती है जो अकसर बहुत अधिक वर्कआउट करने के बाद होता है। यह कोशिकाओं को हुई क्षति को भी ठीक करता है। वास्तव में क्रायोथेरेपी आर्थराइटिस से जुडी समस्याएं जैसे पुराना और गंभीर दर्द और सूजन को भी कम करने में सहायक है।

4. इम्यूनिटी (प्रतिरोधक क्षमता) बढ़ाने में सहायक
बॉडी वेलनेस (शरीर का स्वस्थ होना) में इम्यूनिटी की बहुत बड़ी भूमिका होती है। यदि अतीत में कभी आपको कम इम्यूनिटी के कारण कोई बीमारी हुई है तो क्रायोथेरेपी आपके शरीर को पुनर्जीवित करने में सहायक होती है। अध्ययनों से पता चला है कि क्रायोथेरेपी के नियमित सत्र में शामिल होने से आपके शरीर को फायदा हो सकता है क्योंकि इससे सफेद रक्त कोशिकाएं (डबल्यूबीसी) और प्रोटीन एंजाइम्स का उत्पादन बढ़ता है जो शरीर की सूजन को कम करने में सहायक होते हैं।

5. वजन कम करने में सहायक
वजन कम करना एक लंबी, कठिन यात्रा होती है परन्तु उपचार के विभिन्न माध्यम जैसे क्रायोथेरेपी इसे आसान बना देती है। जब आप स्वयं को एक ठंडे चैंबर में बंद कर लेते हैं तो आपका शरीर कैलोरीज को बर्न करने के लिए मेहनत करता है जिससे आपका मेटाबोलिज्म (चयापचय दर) बढ़ता है जिससे फैट सेल्स बर्न होते हैं। इसके अलावा यह वेट लॉस के बाद होने वाले प्रभावों से निपटने में भी सहायक है तथा आपके स्वास्थ्य की रिकवरी और शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में भी सहायक होती है।



Click it and Unblock the Notifications