बवासीर में दूध पीना चाहिए या छाछ, जानें सही जवाब

जब किसी व्यक्ति को बवासीर की समस्या होती है तो उसके गुदा के अंदर और बाहरी त्वचा पर सूजन आ जाती है। इसके अलावा मस्से भी नजर आते हैं, जो छूने पर ही महसूस हो सकते हैं। यह समस्या काफी दर्दनाक होती है। ऐसे में इस समस्या के दौरान व्यक्ति को अपनी डाइट का पूरा ख्याल रखना जरूरी होता है। जिन लोगों को बवासीर की समस्या होती है उनके मन में यह सवाल जरूर उठता है कि क्या उन्हें दूध का सेवन करना चाहिए या नहीं? यहां हम बात करेंगे कि दूध का सेवन किसी मरीज को कैसे प्रभावित कर सकता है? यह दिया जाता है कि दूध और डेयरी उत्पादों में बहुत कम फाइबर होता है, इनके सेवन से कब्ज हो सकता है या स्थिति और खराब हो सकती है।

दूध का सेवन करना चाहिए या नहीं?

दूध का सेवन करना चाहिए या नहीं?

नहीं, बवासीर के दौरान व्यक्ति को डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन नहीं करना चाहिए। डेयरी प्रोडक्ट्स में दूध के साथ चीज़, पनीर आदि भी शामिल हैं। हालांकि इस पर अभी और रिसर्च होनी बाकी है लेकिन डॉक्टर्स का कहना है कि बवासीर के दौरान यदि दूध पिया जाए तो इससे कब्ज की समस्या पैदा हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि दूध को लो फाइबर फूड के रूप में देखा जाता है।

चाय या कॉफी से बचें

चाय या कॉफी से बचें

इसके अलावा, आपको कुछ दूध उत्पादों जैसे चाय और कॉफी के सेवन से बचना चाहिए। ये उत्पाद आपके शरीर को निर्जलित कर सकते हैं जिससे कब्ज हो सकता है। यदि आपको बवासीर है, तो यह सलाह दी जाती है कि आप अपने कैफीन की खपत को काफी कम कर दें।

छाछ का सेवन करना चाहिए या नहीं?

छाछ का सेवन करना चाहिए या नहीं?

बवासीर के दौरान दूध की जगह छाछ पीएं ये बहुत फायदेमंद होता है। एक गिलास छाछ में अजवाइन और काला नमक मिलाकर पीएं। ये न सिर्फ बवासीर के दर्द की समस्या से राहत मिलती है। वहीं अगर इसका नियमित रूप से सेवन किया जाए तो कब्ज की समस्या से भी छुटकारा मिल सकता है।

सर्जरी के बाद दूध का सेवन करें या नहीं

सर्जरी के बाद दूध का सेवन करें या नहीं

बवासीर की सर्जरी के बाद व्यक्ति कम से कम 4 घंटे तक कुछ भी नहीं खा सकता। उसके बाद वह लिक्विड डाइट पर रहता है। उस दौरान वह केला, सिंपल चावल आदि का सेवन कर सकता है। सर्जरी के बाद व्यक्ति दूध का सेवन कर सकता है। लेकिन व्यक्ति एक दिन में केवल दो कप दूध का ही सेवन कर सकता है।

किन फल एवं सब्जियों का सेवन करें

जिन लोगों को बवासीर है वे आलू, शिमला मिर्च, बैंगन, अरबी, भिंडी, जामुन, कच्चा, आम, कटहल आदि का सेवन करने से बचें या सीमित मात्रा में करें। वहीं आडू और केला भी बवासीर रोगियों के लिए जोखिम का कारण बन सकते हैं।

Desktop Bottom Promotion