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क्या आपका बच्चा भी सोते हुए मुंह से सांस लेता है, जानें इसके नुकसान
आपने अगर कभी गौर किया हो तो कई बच्चें रात को सोते हुए मुंह से सांस लेते हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि बच्चों की ये आदत उनके लिए नुकसानदायक हो सकती है। मुंह से सांस लेने की वजह से बच्चे को मुंह के सूखेपन (ड्राई माउथ) की समस्या हो सकती है। क्योंकि मुंह से सांस लेने से हवा उनके पूरे मुंह से गुजरती है और साथ मॉइश्चर (नमी) को भी ले जाती है, जबकि मुंह को बैक्टीरिया से बचाने के लिए आपके मुंह में सलाइवा (थूक) की पर्याप्त मात्रा बेहद जरूरी है। इसके अलावा भी मुंह से सांस लेने से क्या-क्या परेशानी हो सकती है।

मुंह से जुड़ी कई समस्याओं का डर
सलाइवा की कमी की वजह से कैविटीज, दांतों का इंफेक्शन, सांसों की बदबू जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चें के चेहरे और दांतों का शेप भी बिगड़ सकता है। जब बच्चा लंबे समय तक मुंह से सांस लेता है, तो उसके रूप में ये परिवर्तन हो सकते हैं- चेहरा पतला और लंबा हो सकता है, दांत आड़े-टेढ़े हो सकते हैं, मुस्कुराते या हंसते समय मसूड़े दिखाई देने की समस्या आदि।

हाई बीपी और हार्ट की बीमारियां
विशेषज्ञों के मुताबिक मुंह से सांस लेने के दौरान सही मात्रा में ऑक्सीजन शरीर में नहीं पहुंच पाती है, जिसके कारण धमनियों में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। ऑक्सीजन की कमी उसे हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का शिकार बना सकती है। इसके अलावा बच्चे को अनिद्रा की समस्या भी हो सकती है।

हो सकती है ऑक्सीजन की कमी
मुंह से सांस लेने पर सांस की नली सूख जाती है। इससे कुछ मात्रा में ऑक्सीजन अलविओली में खप जाती है। अलविओली श्वसनतंत्र का एक ऐसा हिस्सा है, जो ऑक्सीजन को कार्बन डाई ऑक्साइड के मॉलिक्यूल्स में बदलता है। इस कारण शरीर के बाकी अंगों तक वो सभी ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता है।

नहीं आती अच्छी नींद
आमतौर पर जो लोग मुंह से सांस लेते हैं, उन्हें अच्छी नींद नहीं आती है, जिसके कारण उनका शरीर सोने के बाद भी थका हुआ रहता है। कम नींद लेने से दिमाग कमजोर होता है और कई तरह की शारीरिक समस्याएं और खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं।



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