टेस्‍ट में ही नहीं हेल्‍थ में भी बेस्‍ट होती है आइस टी, ये है बनाने का आसान तरीका

क्या आप चाय पीने के शौकीन है, लेकिन कई बार इस शौक की वजह से आपको एसिडिटी जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से गुजरना पड़ता है। तो ऐसे में आईस टी आपके लिए बढ़िया ऑप्शन होगी। जी हां, गर्मियों के मौसम में कूल-कूल आइस टी पीने का अपना अलग ही मजा है। जो सेहत को कई तरह से फायदा पहुंचाती है। जैसा कि इसके नाम से ही पता चल जाता है कि इसे बर्फ के साथ तैयार किया जाता है। हालांकि, इसे ब्लैक या ग्रीन टी से बनाया जाता है। लेकिन आप चाहें, तो किसी भी हर्बल टी में बर्फ मिलाकर भी आइस टी बना सकते हैं। इसका स्वाद बढ़ाने के लिए आप इसमें नीबू, चेरी, नारंगी आदि का फ्लेवर भी मिला सकते हैं। यहां हम आपको आइस टी के फायदे-नुकसान और इसे बनाने का तरीका बताने वाले है।

न्यूटीशंस से भरपूर होती है आइस टी

न्यूटीशंस से भरपूर होती है आइस टी

आइस टी के सेवन से हमारे शरीर को कई न्यूटीशंस मिलते है। क्यूंकि इसमें पोटैशियम, डाइटरी फाइबर, मैगनीज, कैफीन, फ्लोराइड, फ्लेवोनॉएड और अन्य कई एंटीऑक्सीडेंट तत्व मौजूद होते हैं। हालांकि हर किस्म की आइस टी जैसे ग्रीन या हर्बल टी में अलग-अलग पौष्टिक तत्व होते हैं।

आइस टी बनाने का तरीका

आइस टी बनाने का तरीका

सामग्री

ब्लैक टी के चार टी बैग

6-8 कप पानी

नींबू के चार स्लाइस

ऐसे बनाएं

ऐसे बनाएं

आइस टी बनाना कोई बहुत बड़ा काम नहीं है। इसके लिए एक बर्तन में पानी उबालें। फिर पानी में टी बैग डालें। जिसे आपको करीब 10 मिनट तक उबालना है। जब ये उबल जाए तो गैस बंद कर दें। और चाय को ठंडा होने दें। फिर एक कप या ग्लास में आइस क्यूब डालें। और उसमें ये चाय मिलाए। फिर इसमें नींबू के स्लाइस डाल दें। इसे दो-तीन मिनट ठंडा होने दें। इस तरह आपकी आइस टी बन जाएगी।

आइस टी के हेल्थ बेनिफिटस

वजन करे कम

आइस टी उनके लिए सबसे अच्छी है जो अपना वजन घटना चाहते है। क्यूंकि इसमें कैलोरी और शुगर की मात्रा बहुत कम होती है। यह आपकी रोजाना की कैलोरी काउंट को बढ़ाए बिना, आपको रिफ्रेश महसूस करने में भी मदद करती है।

हाइड्रेट रहती है बॉडी

आइस टी पीने का एक फायदा ये भी है कि इससे शरीर हाइड्रेट रहता है। सबसे अच्छी बात ये है कि आप आइस टी में अपना मनपसंद फ्लेवर मिला सकते हैं, जैसे आप एप्पल या मिंट आइस टी भी बना सकते हैं।

कैंसर के खतरे को करे कम

रिसर्च में ये बात सामने आती है कि आइस टी में मौजूद तत्व कैंसर के खतरे को कम करने में मददगार साबित होते हैं। क्यूंकि इसमें एपीगैलोकाटेचिन गैल्लेट नाम का तत्व होता है, जो कैंसर से लड़ने में मदद करता है।

हार्ट डिजीज से बचाती है

आइस टी में मौजूद फ्लेवोनॉएड एक बेहतर एंटी-ऑक्सीडेंट है, जो दिल की धमनियों और रक्त वाहिकाओं के ऊतकों में होने वाली सूजन को कम करता है। इसलिए अगर आप आइस टी का सेवन करते है तो आप हार्ट से जुड़ी बीमारियों से बचे रहते हैं।

नुकसान भी हैं कुछ

हालांकि, अधिक मात्रा में आइस टी पीने से कई नुकसान भी है। क्यूंकि ज्याकदा मात्रा में आइस टी पीना यानि ज्यादा मात्रा में कैफीन का सेवन करना। जो कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम पर नेगेटिव प्रभाव पड़ता है। वहीं खासकर जिनका ब्लड प्रेशर हाई हाई रहता है, तो ब्लैक आइस टी पीना और भी ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है। अधिक आइस टी पीने से किडनी पर भी नैगेटिव इंपेक्ट पड़ता है। इसके अधिक सेवन से शरीर में एक तरह का केमिकल जमने लगता है, जो कि किडनी स्टोन और किडनी फेलियर का कारण बनता है। इसलिए आइस टी का जरूरत से ज्यादा सेवन करने से बचें।

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