Latest Updates
-
Hindu Nav Varsh 2026: कब से शुरू होगा हिंदू नववर्ष? जानें विक्रम संवत 2083 की तिथि और महत्व -
Kharmas 2026 Date: 14 या 15 मार्च, कब से शुरू हो रहा है खरमास? जानें इस दौरान क्या करें और क्या नहीं -
Friday the 13th: 13 तारीख को पड़ने वाले शुक्रवार को क्यों अशुभ मानते हैं लोग? जानें इसके पीछे का रहस्य -
World Sleep Day 2026: क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड स्लीप डे? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और इस साल थीम -
Alvida Jumma 2026: औरतें अलविदा जुमा की नमाज कैसे पढ़ें? जानें सही तरीका, नियत और दुआ -
Alvida Jumma 2026: अलविदा जुमा की नमाज में कितनी रकात होती है? जानिए नमाज पढ़ने का तरीका, नियत और दुआ -
Alvida Jumma Mubarak 2026: फलक से रहमत बरसेगी...इन संदेशों के साथ अपनों को दें अलविदा जुमे की मुबारकबाद -
कौन थे हरि मुरली? जिनका 27 की उम्र में हुआ निधन, चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर 50 से ज्यादा फिल्मों में किया काम -
शादी के 4 साल बाद क्यों अलग हुए हंसिका मोटवानी और सोहेल कथूरिया? एक्ट्रेस ने नहीं ली एलिमनी -
No Gas Recipes: गैस खत्म हो जाए तो भी टेंशन नहीं, ट्राई करें ये 5 आसान रेसिपी
ओमिक्रॉन BA.2 के बाद BA.3 का मंडराया खतरा, जानिए कितना है घातक यह वैरिएंट
लंबे समय के बाद चीजें धीरे-धीरे सामान्य होनी शुरू हुई हैं और अब लोगों को ऐसा लगने लगा है कि जीवन की गाड़ी अपनी पटरी पर लौटने लगी है। लेकिन अभी तक कोरोना वायरस का खतरा टला नहीं है। हाल ही में, कोरोना वायरस ने वेरिएंट ओमिक्रॉन के एक नए सबवेरिएंट बीए.3 के बारे में पता चला है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शनिवार को बताया है कि ओमिक्रॉन का बीए.3 सबवेरिएंट भी है। हालांकि कोविड की तीसरी लहर कम हो रही है, लेकिन जोखिम अभी भी पहले की तरह ही बना हुआ है और अब चौथी लहर की आंशका भी मंडराने लगी है। 5 मार्च, 2022 को, मारिया वान केरखोव, संक्रामक रोग महामारीविद और विश्व स्वास्थ्य संगठन में कोविड-19 तकनीकी प्रमुख, ने बताया कि ओमिक्रॉन के बीए.1 और बीए.2 के अलावा एक बीए.3 सबवेरिएंट भी है। बता दें कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के बारे में सबसे पहली बार नवंबर में पता चला था और 26 नवंबर को डब्ल्यूएचओ ने इसे चिंता के एक प्रकार के रूप में नामित किया था। मारिया वान केरखोव ने कहा, "दुनिया भर में पाए जाने वाले सबसे प्रमुख बीए.1, बीए.1.1 और बीए.2 हैं। लेकिन बीए.3 और अन्य उप वंश भी हैं।

बीए.3 ओमाइक्रोन सबवेरिएंट क्या है?
डब्ल्यूएचओ की जानकारी के अनुसार, बीए.3 ओमाइक्रोन सबवेरिएंट में बहुत ज्यादा तेजी से फैलने की क्षमता नहीं है। लेकिन इसकी गंभीरता की बात की जाए तो यह ओमीक्रॉन के बीए.1 और बीए.2 दो सबवेरिएंट की तरह ही बेहद गंभीर है। हाल ही में, ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट बीए.3 के मामले सामने आए हैं। सबसे पहले उत्तर पश्चिम दक्षिण अफ्रीका में बीए.3 सब-वैरिएंट के मामले पाए गए। 18 जनवरी, 2022 को जर्नल ऑफ मेडिकल वायरोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन ने भी इस सब-वैरिएंट की पुष्टि की है। यह अध्ययन बताता है कि ओमिक्रॉन के बीए.1 और बीए.2 के कॉम्बिनेशन से यह नया सब-वैरिएंट सामने आया है। वैसे इसके स्पाइक प्रोटीन में कोई विशिष्ट म्यूटेशन नहीं पाया गया है।

बीए.3 के बारे में क्यों है कम जानकारी
ऐसा माना जा रहा है कि ओमिक्रॉन का यह नया सबवेरिएंट उतनी तेजी से नहीं फैलता है, क्योंकि इसमें कुछ म्यूटेशन कम हैं। ऐसे में लोग अभी इसको लेकर बहुत अधिक जागरूक नहीं है। अब तक ओमिक्रॉन के बीए.1 और बीए.2 को भी प्रमुख सब-वेरिएंट माना गया है, लेकिन गंभीरता के मामले में बीए.3 भी कम नहीं है। इसलिए, इसे लेकर भी सजग होने और पर्याप्त शोध व अध्ययन किए जाने की आवश्यकता है।

ओमिक्रॉन बीए.3 से जुड़ी गंभीरता और लक्षण क्या हैं?
अगर ओमिक्रॉन वायरस के इस नए सब वेरिएंट की गंभीरता की बात की जाए तो यह मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करता है कि संक्रमित व्यक्ति कर शरीर वायरस के प्रति कैसे प्रतिक्रिया करता है। हालांकि, ओमिक्रॉन को अब तक खोजे गए अन्य सभी प्रकारों में कोरोनावायरस का हल्का संस्करण माना जाता है। तीसरी लहर के दौरान, जो मुख्य रूप से इसके सबवेरिएंट बीए.1 के कारण हुई थी, अस्पताल में भर्ती होने के मामले कम थे। हालांकि, यहां इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि ओमिक्रॉन वायरस में संचरण की दर अपेक्षाकृत तीव्र है।
वहीं अगर, बात ओमिक्रॉन के सबवेरिएंट बीए.3 के लक्षणों की हो, तो इससे प्रभावित होने पर व्यक्ति में अलग से कोई लक्षण नजर नहीं आते। इस नए सब वेरिएंट्स के लक्षण अन्य सब-वैरिएंट्स की तरह ही होने के अनुमान हैं। कोविड के ओमिक्रॉन वैरिएंट और इसके सब-वैरिएंट्स के कारण संक्रमित होने वाले व्यक्तियों को कुछ सामान्य लक्षणों जैसे गले में खराश, नाक बहना, छींक आना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और हल्का बुखार जैसे लक्षण नजर आते हैं। बीए.3 सबवेरिएंट के मामले में अभी तक कोई विशिष्ट लक्षण सामने नहीं आया है।

क्या ओमिक्रॉन बीए.3 चौथी लहर की वजह बन सकता है?
जिस तरह लगातार कोरोना वायरस के नए वेरिएंट्स और उनके भी सब वेरिएंट्स की जानकारी सामने आ रही हैं, उसे लेकर यह अवश्य कहा जा सकता है कि अभी भी लोगों को पर्याप्त सतर्क होने की जरूरत है। हाल ही में वैज्ञानिकों ने भी जून में कोरोना की चौथी लहर के आने की चेतावनी दी है। यकीनन ओमीक्रॉन के मामले कुछ देशों में बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए यह माना जा रहा है कि ओमिक्रॉन और इसके सबवेरिएंट चौथी लहर का कारण बन सकते हैं। चूंकि कोरोना वायरस का वेरिएंट ओमिक्रॉन पूर्व में बेहद ही घातक साबित हुआ है तो ऐसे में उनके सब-वेरिएंट्स को लेकर बेफिक्र हो जाना सही नहीं है। हालांकि, ओमिक्रॉन के सब-वेरिएंट बीए.3 को लेकर एक पॉजिटिव बात यह है कि यह अन्य दो सब वेरिएंट की तरह बहुत अधिक तीव्र गति से नहीं फैलता। लेकिन फिर भी अभी भी इस सब-वेरिएंट को लेकर पर्याप्त शोध किया जाना आवश्यक है। इसलिए सुरक्षा के लिहाज से कोरोना से बचाव के उपायों का लगातार पालन करते रहें और जल्द से जल्द अपना वैक्सीनेशन पूरा करवा लें।



Click it and Unblock the Notifications











