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हाई ब्लड प्रेशर कर सकता है हड्डियों को कमजोर, जानिए क्या कहती है रिसर्च
ऑस्टियोपोरोसिस एक बोन डिज़ीज है जो बोन की मिनरल डेंसिटी में कमी लाती है और इसकी वजह से बोन का स्ट्रक्चर बदल सकता है। ऐसे में इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि बोन्स के कमजोर होने से जुड़े इन परिवर्तनों के कारण फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है। इस पर हुई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि हाई बीपी या हाइपरटेंशन वाले वाले व्यक्तियों में ऑस्टियोपोरोसिस के कारण फ्रैक्चर का अधिक खतरा होता है। तो आइए बीपी और ऑस्टियोपोरोसिस के आपसी कनेक्शन को जांचने के लिए हुई रिसर्च के बारे में विस्तार से जानते है।

क्या कहती है रिपोर्ट
हाल ही हुई एक रिसर्च से ये पता चलता है कि बीपी की वजह से आपकी बोन्स की मिनरल डेंसिटी कम हो सकती है। ये रिसर्च चूहों पर की गई। जिसमें युवा चूहों में हाई ब्लड प्रेशर के कारण हड्डियां कमजोर पाई गई, जैसा कि सामान्य उम्र बढ़ने की प्रक्रिया के दौरान देखा जाता है। इस रिपोर्ट का निष्कर्ष ये भी निकला है कि कि युवा चूहों में बोन लॉस हाई ब्लड प्रेशर के कारण बढ़ने वाली सूजन के कारण भी हो सकता है।

ऑस्टियोपारोसिस और हाई ब्लड प्रेशर
ऑस्टियोपोरोसिस की वजह से हड्डी की ताकत कम हो सकती है और हड्डी के फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है। पोस्टमेनोपॉज़ल महिलाओं और वृद्ध पुरुषों में ऑस्टियोपोरोसिस फ्रैक्चर प्रमुख रूप से देखे जाते है। यह फ्रैक्चर अक्सर कूल्हे, कशेरुक, रीढ़ या कलाई में होते हैं। रिसर्चस का मानना है कि शरीर में सूजन बढ़ने की स्थिति हाई ब्लड और ऑस्टियोपोरोसिस के बीच संबंध को जोड़ सकती हैं। जबकि पूर्व में हुई स्टडीज से ये पता चला है कि सूजन हाई ब्लड प्रेशर बढ़ाने में योगदान करती है। इसमें बोन मैरो में एक्टिवेटेड इम्यून सेल्स का संचय शामिल होता है जो प्रो-इंफ्लेमेटरी प्रोटीन का स्राव करता है। ये एक्टिवेटेड इम्यून सेल्स और प्रो-इंफ्लेमेटरी प्रोटीन बोन टिश्यू के बनने और टूटने के बीच संतुलन बनाए रखने में शामिल कोशिकाओं के अस्तित्व और गतिविधि को प्रभावित कर सकते हैं। जबकि सामान्यत: यह देखा जाता है कि बोन की डेंसिटी और ताकत में धीरे-धीरे गिरावट आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ होती है।

हाई ब्लड प्रेशर और बोन हेल्थ
क्या युवा जानवरों में हाई ब्लड प्रेशर के परिणामस्वरूप एजिंग प्रोसेस के दौरान हड्डियों का नुकसान होता है और हाई बीपी और सूजन बोन लॉस को कैसे प्रभावित करता हैं, इस बारे में अच्छे से समझने के लिए रिसर्चस ने जानवरों में हाई ब्लड प्रेशर को प्रेरित करने के लिए हार्मोन एंजियोटेंसिन आईआईटी का इस्तेमाल किया। जो कि ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने वाला एक महत्वपूर्ण हार्मोन है, और जिनको हाई ब्लड प्रेशर रहता है उनमें इस हार्मोन से जुड़े सिस्टम की गड़बड़ी देखी जाती है। इस रिसर्च में 4 महीने की उम्र के छोटे चूहों के दो समूह और 16 महीने की उम्र के उम्रदराज चूहों के दो समूह शामिल थे। युवा और बूढ़े चूहों को छह सप्ताह के लिए एंजियोटेंसिन II या प्लेसीबो व्हीकल लगाया गया। ट्रीटमेंट के छह सप्ताह बाद, बोन की कंडीशन जानने के लिए युवा और बूढ़े चूहों का लुंबर वर्टेब्रा लिया गया। तो इसमें ये बात सामने आई कि एंजियोटेंसिन II का उपयोग करने वाले युवा चूहों में हाई ब्लड प्रेशर रहने से व्हीकल ट्रीटमेंट वाले युवा चूहों की तुलना में हड्डियों की मात्रा, संरचनात्मक अखंडता और ताकत में कमी आई है। तो इस तरह ये बात स्पष्ट होती है कि हाई ब्लड प्रेशर हमारी बोन को कमजोर बनाता है और ताकत में कमी लाता है। इसलिए अगर आपका आपका ब्लड प्रेशर भी सामान्य से ज्यादा रहने लगा है तो आपको अपनी बोन हेल्थ पर विशेष ध्यान देना चाहिए।



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