हाईड्रोथेरपी एक्सरसाइज जो ज्वाइंट पेन कम करने में है मददगार

प्राकृतिक चिकित्सा प्रणाली चिकित्सा की एक रचनात्मक विधि है, जिसका लक्ष्य प्रकृति में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध तत्वों का भरपूर और उचित इस्तेमाल कर किसी भी रोग को जड़ से खत्म करना है। 'जल' भी उन्हींस तत्वोंभ में से एक है जो कई रोगों का उपचार करता है, लेकिन आपको इसके इस्तेमाल का सही तरीका पता होना चाहिए। साइंस की भाषा में जल द्वारा उपचार करने को हाइड्रोथेरेपी या जलीय चिकित्सा कहते हैं। जो गठिया और इससे जुड़ी जटिलताओं पर काबू पाने के लिए प्रभावी उपचार है। इसका उपयोग विशेष रूप से उन लोगों के लिए किया जाता है जिनकी ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी हुई है, साथ ही साथ उन लोगों के लिए जो पीठ दर्द, सोरियाटिक गठिया, एंकिलॉज़िंग स्पॉन्डिलाइटिस और ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित हैं। यहां हम आपको बताएंगे हाइड्रोथेरेपी एक्सरसाइज कैसे की जाती है और ये किस तरह फायदेमंद साबित होती है।

हाइड्रोथेरेपी एक्सरसाइज क्या है और इसे कैसे करें

हाइड्रोथेरेपी एक्सरसाइज क्या है और इसे कैसे करें

स्विमिंग पूल में की जाने वाले एक्सरसाइज को हाइड्रोथेरेपी एक्सरसाइज कहा जाता है। जिसमें पूल की गहराई कंधों और कमर के बीच होती है और पानी को आरामदायक तापमान पर रखा जाता है। जो कि 32 और 36 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहता है। हाइड्रोथेरेपी के लिए एक्सरसाइज आमतौर पर एक फिजिकल थैरेपिस्ट की सहायता से किए जाते हैं।

जोड़ों के दर्द और आर्थराइइटिस के लक्षणों को कम करने के अलावा, हाइड्रोथेरेपी का इनमें भी उपयोग किया जाता है:

जोड़ों के दर्द और आर्थराइइटिस के लक्षणों को कम करने के अलावा, हाइड्रोथेरेपी का इनमें भी उपयोग किया जाता है:

- रिलेक्सेशन के लिए

- ब्लड सर्कुलेशन में सुधार के लिए

- चिंता, अवसाद और दर्द को कम करने के लिए

- मस्कुलोस्केलेटल समस्याओं का उपचार करने के लिए

जोड़ों के दर्द या गठिया से पीड़ित लोगों के इलाज में हाइड्रोथेरेपी की भूमिका

जोड़ों के दर्द या गठिया से पीड़ित लोगों के इलाज में हाइड्रोथेरेपी की भूमिका

जिन लोगों ने पानी के भीतर चलने का प्रयास किया है, वे जानते हैं कि ऐसा करना सूखी जमीन पर चलने की तुलना में अधिक कठिन है। पानी के प्रतिरोध के कारण चलना अधिक मुश्किल हो जाता है, जो मांसपेशियों की ताकत के विकास में योगदान देता है। चूंकि पानी के भीतर कोई गुरुत्वाकर्षण नहीं है, ऐसे में पेशेंट अपनी मांसपेशियों का अधिक सक्रिय तरीके से उपयोग कर सकते हैं और अधिक सहज महसूस कर सकते हैं।

रिसर्च के अनुसार, गठिया से पीड़ित व्यक्तियों के लिए नियमित एक्सरसाइज महत्वपूर्ण और फायदेमंद है। डेली फिजिकल एक्टिविटी कार्यक्षमता को बढ़ा सकती है, ये थकान जैसे लक्षणों, अस्पताल में भर्ती होने और हृदय रोग जैसी बीमारियों के बढ़ने के जोखिम को कम कर सकती है, जो कि सूजन संबंधी गठिया से जुड़ी हैं।

ये बड़े आश्चर्य की बात है कि गठिया से पीड़ित अधिकांश लोग एक्टिविटीज करने से बचते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि ऐसा करने से उनकी स्थिति और बिगड़ जाएगी और इस कारण उन्हें बहुत दर्द होगा। हालांकि, ऐसे रोगियों को हाइड्रोथेरेपी से राहत मिल सकती है। मस्कुलोस्केलेटल केयर जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, रुमेटीइड गठिया के रोगियों को, जिन्होंने हाइड्रोथेरेपी से उपचार लिया, उन्हें जोड़ों के दर्द में काफी राहत मिली। इसके अलावा, इस थैरेपी को लेने के बाद एक्टिविटीज कम करने के उनके दृष्टिकोण में भी सुधार आया, और इसके बाद वो वर्कआउट को एंजॉय करने लगे।

हाइड्रोथेरेपी के लाभ

हाइड्रोथेरेपी के लाभ

- पुराने दर्द के इलाज के लिए यह एक प्रभावी उपचार हो सकता है।

- थेरेपी आराम को बढ़ावा देते हुए टाइट, टेंस मसल्स को ढीला करने में मदद करती है।

- ये डाइजेशन एक्टिविटी और मेटाबॉलिज्म रेट को भी बढ़ाता है।

- पूल का पानी ज्वाइंटस को हिलने-डुलने के लिए प्रतिरोध प्रदान करता है। जब कोई अपने पैरों और बाहों को पानी हटाने के लिए इस्तेमाल करता है, तो यह मसल्स की ताकत में सुधार करने में सहायता करता है।

- हाइड्रोथेरेपी कार्डियोरेस्पिरेटरी फिटनेस को भी बढ़ाती है, जो कि हेल्दी हार्ट के लिए आवश्यक है।

- यह पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को भी बढ़ावा देता है।

Story first published: Wednesday, September 28, 2022, 16:00 [IST]
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