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दिवाली पर मेहंदी लगाने से पहले बरतें ये सावधानी, ज्यादा रंग के चक्कर में हो सकता है ये नुकसान
दिवाली पर मेहंदी की मनमोहक डिजाइन हाथों की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। आजकल मार्केट में झटपट मेहंदी के रंग को बढ़ाने के नाम कई तरह के कोन मिल रहे हैं। फेस्टिव सीजन आते ही बाजारों में हर ओर मेहंदी की बिक्री बढ़ जाती है। मार्केट में हर्बल और आयुर्वेदिक मेहंदी के नाम से बिकने वाली मेहंदी के कोन में केमिकल पाए जाते हैं। यह ऐसे केमिकल हैं जो त्वचा को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता हैं।
इससे कई तरह के हेल्थ को साइड इफेक्ट्स झेलने पड़ सकते हैं। आइए जानते हैं कि केमिकल मेहंदी लगाने से पहले क्या सावधानी बरतनी चाहिए।

मेहंदी में होते है खतरनाक केमिकल
मेहंदी में प्रमुख रूप से गाढ़ा रंग देने के लिए केमिकल मिलाए जाते हैं। जो त्वचा के लिए हानिकारक हैं, लेकिन हम आसानी से इनकी पहचान नहीं कर पाते हैं। जब तक हमें इसका असर पता चलता है, तब तक देर हो चुकी होती है।
इसलिए पैक्ड मेहंदी का ही प्रयोग बेहतर होगा। इसमें भी देख लें कि कहीं इसमें लैड के कैमिकल या फिर अमोनिया आदि तो नहीं है। अगर इसमें इन दोनों में से कोई भी चीज मौजूद है तो उस मेहंदी से परहेज करें। केमिकल मेहंदी से रैशेज और एलर्जी रिएक्शन हो सकता है।

ये रसायन पाए जाते हैं केमिकल मेहंदी में
सोडियम पिक्रमेट
- यह घातक रसायन ज्वलनशील पदार्थों में मिलाया जाता है। यह शरीर के प्रोटीन में मिलकर रंग को गाढ़ा बनाता है। मेहंदी में सबसे ज्यादा इसका इस्तेमाल किया जाता है। यह मेहंदी तेल के नाम से भी जाना जाता है।
ऑक्सेलिक एसिड
- यह ब्लीचिंग के लिए प्रयोग होता है।
पीपीडी
- इसका उपयोग बालों को रंगने वाली डाई में की जाती है लेकिन अब कुछ लोग हाथों में लगने वाली मेहंदी में भी इसे मिलाने लगे हैं।

ये होते है नुकसान
-त्वचा में खुजली होना।
-अचानक फफोले पड़ जाना।
-त्वचा का अत्यधिक शुष्क होना।
-त्वचा में जलन होना।
-फुंसी व दाने निकल आना।

ज्यादा रंग के झांसे से बचें
अगर कोई भी मेहंदी लगाने वाली या वाला आपको मेहंदी रचने की गारंटी दे तो समझ जाइए कि उसमें केमिकल मिला हुआ है। असली मेहंदी को हाथों में लगाने से पहले दो से तीन घंटे तक भिगोकर रखना पड़ता है। इसके बाद हाथों में लगने के बाद भी काफी देर तक हाथों में लगाना होना है इसके बाद ही उसका रंग आता है।



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