Latest Updates
-
Jamai Sasthi 2026: दामाद की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है व्रत, जानें जमाई षष्ठी का महत्व और मनाने का तरीका -
5 Minute Protein Masala Omelette Recipe: झटपट बनाएं होटल जैसा टेस्टी और हेल्दी नाश्ता -
Aaj Ka Rashifal 20 June 2026: शनिवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी शनिदेव की कृपा, धन लाभ के प्रबल योग -
Restaurant Style Egg Masala Gravy Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा चटपटा अंडा मसाला -
International Yoga Day 2026: नाभि खिसकने पर करें ये 4 योगासन, मिलेगा तुरंत आराम -
कब से शुरू हो रहे हैं श्राद्ध? जानें तिथि, धार्मिक महत्व और पितरों के तर्पण की सही विधि -
जुलाई 2026 में कितने दिन बंद रहेंगे बैंक? यहां देखें स्टेट वाइज छुट्टियों की लिस्ट -
Restaurant Secret Amritsari Kulcha Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसा कुरकुरा कुलचा -
Father's Day 2026: पापा को स्पेशल फील कराने के लिए बेस्ट हैं ये शॉर्ट स्पीच और कविताएं, जो छू लेंगी दिल -
निर्जला एकादशी व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जान लें क्या कहते हैं शास्त्र और नियम
दिवाली पर मेहंदी लगाने से पहले बरतें ये सावधानी, ज्यादा रंग के चक्कर में हो सकता है ये नुकसान
दिवाली पर मेहंदी की मनमोहक डिजाइन हाथों की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। आजकल मार्केट में झटपट मेहंदी के रंग को बढ़ाने के नाम कई तरह के कोन मिल रहे हैं। फेस्टिव सीजन आते ही बाजारों में हर ओर मेहंदी की बिक्री बढ़ जाती है। मार्केट में हर्बल और आयुर्वेदिक मेहंदी के नाम से बिकने वाली मेहंदी के कोन में केमिकल पाए जाते हैं। यह ऐसे केमिकल हैं जो त्वचा को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता हैं।
इससे कई तरह के हेल्थ को साइड इफेक्ट्स झेलने पड़ सकते हैं। आइए जानते हैं कि केमिकल मेहंदी लगाने से पहले क्या सावधानी बरतनी चाहिए।

मेहंदी में होते है खतरनाक केमिकल
मेहंदी में प्रमुख रूप से गाढ़ा रंग देने के लिए केमिकल मिलाए जाते हैं। जो त्वचा के लिए हानिकारक हैं, लेकिन हम आसानी से इनकी पहचान नहीं कर पाते हैं। जब तक हमें इसका असर पता चलता है, तब तक देर हो चुकी होती है।
इसलिए पैक्ड मेहंदी का ही प्रयोग बेहतर होगा। इसमें भी देख लें कि कहीं इसमें लैड के कैमिकल या फिर अमोनिया आदि तो नहीं है। अगर इसमें इन दोनों में से कोई भी चीज मौजूद है तो उस मेहंदी से परहेज करें। केमिकल मेहंदी से रैशेज और एलर्जी रिएक्शन हो सकता है।

ये रसायन पाए जाते हैं केमिकल मेहंदी में
सोडियम पिक्रमेट
- यह घातक रसायन ज्वलनशील पदार्थों में मिलाया जाता है। यह शरीर के प्रोटीन में मिलकर रंग को गाढ़ा बनाता है। मेहंदी में सबसे ज्यादा इसका इस्तेमाल किया जाता है। यह मेहंदी तेल के नाम से भी जाना जाता है।
ऑक्सेलिक एसिड
- यह ब्लीचिंग के लिए प्रयोग होता है।
पीपीडी
- इसका उपयोग बालों को रंगने वाली डाई में की जाती है लेकिन अब कुछ लोग हाथों में लगने वाली मेहंदी में भी इसे मिलाने लगे हैं।

ये होते है नुकसान
-त्वचा में खुजली होना।
-अचानक फफोले पड़ जाना।
-त्वचा का अत्यधिक शुष्क होना।
-त्वचा में जलन होना।
-फुंसी व दाने निकल आना।

ज्यादा रंग के झांसे से बचें
अगर कोई भी मेहंदी लगाने वाली या वाला आपको मेहंदी रचने की गारंटी दे तो समझ जाइए कि उसमें केमिकल मिला हुआ है। असली मेहंदी को हाथों में लगाने से पहले दो से तीन घंटे तक भिगोकर रखना पड़ता है। इसके बाद हाथों में लगने के बाद भी काफी देर तक हाथों में लगाना होना है इसके बाद ही उसका रंग आता है।



Click it and Unblock the Notifications