अगर आपका कोई अपना डिप्रेशन में है, तो आप इन तरीकों को अपनाकर कर सकते हैं उसकी मदद

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में डिप्रेशन एक गंभीर मेंटल इश्यू बना हुआ है। जो आपकी डेली लाइफ में रूकावट डालता है। इसके साथ ही आपकी आने वाली जिंदगी में भी बिखराव पैदा करने की ताकत रखता है। मेंटल स्ट्रेस, तनाव, एनर्जी डाउन होना, किसी काम में मन ना लगना ये सब मेंटल इश्यू के लक्षण है। अगर आपका कोई अपना दोस्त, रिश्तेदार, या कोई परिचित इस समस्या से आपको लगता है कि ग्रस्त है तो उसकी मदद करना आपकी जिम्मेदारी हो जाती है। डिप्रेशन में आए हुए लोगों को बस एक सहारे की जरूर होती है और अगर उनको वो सहारा मिल जाता है, तो वो डिप्रेशन से जल्दी उबर सकते हैं। हम यहां आपको WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) द्वारा बताए गये कुछ तरीके शेयर कर रहे हैं, जिनको आप ध्यान में रखते हुए डिप्रेशन में गये अपने परिचित को निकाल सकते हैं।

उनसे बात करें-

उनसे बात करें-

सबसे अहम से मेंटल हेल्थ से जूझ रहे शख्स के साथ बात करना। जब तक वो अपनी समस्याएं किसी के साथ शेयर नहीं करता तब तक उसकी प्रॉबलम उसके दिमाग में चिपकी रहेंगी। जैसे जैसे वो आपके साथ बातें शेयर करने लगेगा और आप उसको उसकी परेशानियों में हिम्मत देते रहेंगे वो जल्द अपने अवसाद से निकल सकेगा।

डेली रूटीन के कामों में उसकी मदद करें-

डेली रूटीन के कामों में उसकी मदद करें-

डिप्रेशन में आए शख्स की आप उसके दैनिक कामों में मदद कर सकते हैं। उनकी एक्टिविटी में आपको भाग लेना मुश्किल बना सकता है लेकिन अगर आप हौंसले के साथ उनके साथ काम में हाथ बंटाना शुरू करते हैं तो उनको इ बात का अहसास होगा कि आप उसके हमदर्द है। आप उसको दूसरी गतिविधियों में शामिल करने के लिए मना सकते हैं। जिस वजह से उसको समस्याएं हो रही है, वो धीरे-धीरे कम होने लगेगी।

उनको पेशेवर से मिलने के लिए प्रोत्साहित करें-

उनको पेशेवर से मिलने के लिए प्रोत्साहित करें-

ऐसी स्थिति में दोस्तों और रिश्तेदारों का समर्थन काफी मायने रखता है। डिप्रेशन में आए व्याक्ति को आप इस बात के लिए प्रोत्साहित करें कि वो एक प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सक से जरूर मिले। इससे उसकी समस्याओं को काबू होने में वो पूरी मदद करेगें।

विश्व स्वास्थ्य संगठन

विश्व स्वास्थ्य संगठन

 पूरे धैर्य के साथ उसका साथ दें

पूरे धैर्य के साथ उसका साथ दें

अगर आपके किसी दोस्त या किसी परिचित को अवसाद है, तो पूरे धैर्य के साथ उसका साथ दें। समझदार और उसकी सहायता करने का उसको भरोसा दिलाएं। ये एक गंभीर और कठिन वक्त हैं। लेकिन कहते हैं ना बुरे वक्त के बाद अच्छा वक्त जरूर आता है। इसलिए समय पर भरोसा रखें, साथ ही अपने आप पर भी जिससे आप पूरी शक्ति के साथ अपने प्रिय को अवसाद की कंडीशन से बाहर निकाल सकें।

Story first published: Thursday, January 5, 2023, 18:24 [IST]
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