Latest Updates
-
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ से पहले चेहरे पर चाहिए नेचुरल ग्लो? ट्राई करें शहनाज हुसैन के ये 5 होममेड फेस पैक -
Sharad Purnima 2026: 25 या 26 अक्टूबर, कब है शरद पूर्णिमा? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय -
Shamonda Virus: शमोंडा वायरस क्या है और कैसे फैलता है? फ्रांस में पहली बार इंसान संक्रमित, जांच शुरू -
बार-बार सिरदर्द होना हो सकता है इन 6 गंभीर बीमारियों का संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी -
सौंफ और धनिया का पानी पीने से सेहत को मिलते हैं कई फायदे, जानें सेवन का सही तरीका -
नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं ये 5 योगासन, नियमित अभ्यास से हार्ट डिजीज का खतरा होगा कम -
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं कॉफी पाउडर, स्किन की इन 5 समस्याओं से मिलेगा छुटकारा -
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई -
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर
म्यूजिक थेरेपी कैंसर रोगियों के तनाव और और चिंता को कम करने में कारगर: रिसर्च
हर किसी के लिए संगीत का एक अलग मतलब होता है। किसी के लिए संगीत मन की शांति के लिए होता तो किसी के लिए साधना का एक रूप, किसी के लिए ईश्वर से मिलने का जरिया होता है, लेकिन संगीत अस्वस्थ लोगों के लिए उनके सही होने तक का मार्ग भी बनता है। आपने कई स्टोरीज और न्यूज पढ़ी होंगी कि ऑपरेशन के दौरान रोगी संगीत सुन रहा था या फिर कोई इंन्स्रूमेंट प्ले कर रहा था। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है, संगीत के जरीये खुद को शांत रखना। एक नई स्टडी से पता चलता है कि संगीत को सुनने या म्यूजिक थेरेपिस्ट के साथ काम करने से कैंसर पेशेंट की अपनी बीमारी का स्ट्रेस और होने वाली परेशानियों के लेवल को कम किया जा सकता है।
रिसर्च के मुताबिक, रिकॉर्ड किए गए संगीत को सुनना, संगीत को गुनगुनाना, कोई वाद्य यंत्र बजाना, या फिर किसी संगीत को बनाने में मदद करना रोगी के मेंटल स्ट्रेस, दर्द कम करने में पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिलता है।
ये रिसर्च कोक्रेन डेटाबेस के अगस्त अंक में पब्लिश की गई है।

रिकॉर्ड किए म्यूजिक को सुनने से मरीजों में पॉजिटिव रिस्पॉन्स
इस अध्ययन के बुताबिक, संगीत की रिंग में आ जानें से कैंसर से पीड़ित लोगों के लिए ये एक ट्रीटमेंट की तरह काम करती है। जोक ब्रैड, पीएचडी, ड्रेक्सेल विश्वविद्यालय में क्रिएटिव आर्ट थेरेपी में असिसटेंट प्रोफेसर ने एक न्यूज रिलीज में बताया कि "ट्रेंड म्यूजिक थेरेपिस्ट द्वारा प्रदान किए गए म्युजिक इंटरवेंशन्स के साथ-साथ पहले से रिकॉर्ड किए गए म्यूजिक को सुनना पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिखाई पड़ेते हैं, लेकिन इस समय ये निर्धारित करने के लिए पूरे सबूत नहीं हैं कि क्या एक इंटरवेंशन्स दूसरे की तुलना में अधिक प्रभावी हो सकता है।'

संगीत कैंसर के मरीजों की चिंता कम करता है
म्यूजिक थेरेपिस्ट रोगियों के लाइफ क्वालिटी को बढ़ाने का काम कर सकते हैं। संगीत भी रोगियों के मूड और दर्द के लेवल को कम करता है। शोधकर्ताओं ने जानकारी दी कि हार्ट रेट, पल्स रेट और ब्लड प्रेशर पर लाभकारी प्रभाव देखने को मिलते हैं।
शोधकर्ताओं का कहना है कि इसके प्रभाव के बढ़ाने के लिए और अधिक रिसर्च की जरूरत है। म्यूजिक मरीज की चिंता दूर करने में हेल्प करता है। वो अपने शरीर को देखने पर होने वाले दुख को कम करने के लिए संगीत को हीलिंग की तरह देखता है।

संगीत से मरीज के मूड में सुधार होता है
अमेरिकन म्यूजिक थेरेपी एसोसिएशन के अनुसार, म्यूजिक कैंसर के मरीजों के मूड में भी सुधार करता है। जब वे अपने मन पसंद के संगीत को सुनते हैं तो वो कुछ वक्त के लिए अपने अंदर होने वाली बीमारी को भूल जाते हैं और अपने पसंद के गानें और म्यूजिक में रम जाते हैं। इससे उनको मूड में सुधार होता है। उनके मन में आने वाले बुरे विचार भी संगीत की मदद से कम हो सकते हैं।

संगीत चिकित्सा, साइकोलॉजिक, इमोशनल, फिजिकल, स्प्रिचुअल और कॉगनेटिव तरीके सेआप की मदद कर सकती है-
ब्लड प्रेशर नॉॉर्मल करना।
याददाश्त में सुधार होना।
दूसरों के साथ संगीत का अनुभव शेयर कर कम्युनिकेशन बढ़ाना।
सेल्फ-कम्युनिकेशन, अपने विचारों और भावनाओं के बारें में सोंचना।
मांसपेशियों का तनाव कम करना।
प्रेरणा में बढ़ोत्तरी।
पेन मेनेजमेंट।
संगीत सुनने में मजा आना।
संगीत थेरेपी को लेकर पूरी जानकारी म्यूजिक थेरेपिस्ट से बात करके या मिलकर अधिक जानकारी पाई जा सकती है।



Click it and Unblock the Notifications
