जिनको नहीं होता है दूध हजम, वे अपनाएं ये आयुर्वेद‍िक उपाय

दूध में पर्याप्त मात्रा में विटामिन, कैल्शियम, प्रोटीन, फॉस्फोरस और पोटैशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं। इनसे बॉडी को कई तरह के हेल्थ बेनिफिट्स मिलते हैं। लेकिन अगर आयुर्वेद में दिए गए नियमों के अनुसार इसे अलग-अलग चीजों के साथ पीते हैं तो कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स को कंट्रोल किया जा सकता है।

इसके अलावा कई लोगों को दूध पीने से पेट फूलने या फिर लूज मोशन की समस्या हो जाती है। आर्युवेद के अनुसार दूध को पचाने के लिए कुछ नियम होते हैं, जिनका पालन करके आप आसनी से दूध हजम कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे दूध को हजम क‍िया जाएं।

Natural Remedies for Lactose Intolerance and Know Best Time to Drink Milk

कैसे फायदेमंद है आयुर्वेद का नियम?

एक्सपर्ट का कहना है कि वैसे तो दूध में पर्याप्त न्यूट्रिएंट्स होते हैं जो हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद हैं। लेकिन आयुर्वेद के नियमानुसार दूध को दूसरे फूड के साथ मिलाकर पीने से इसके न्यूट्रिएंट्स और बढ़ जाते हैं। ये कॉम्बिनेशन बॉडी को पाइल्स, कब्ज, एसिडिटी, नींद न आना जैसी प्रॉब्लम्स से बचाते हैं।

Natural Remedies for Lactose Intolerance and Know Best Time to Drink Milk

दूध पचाने के लिए आयुर्वेदिक नुस्खे़

- ध्‍यान रखें कि कच्‍चा दूध न पीएं। आयुर्वेद के अनुसार दूध को उबालकर गुनगुना पीना चाह‍िए।
- दूध में हल्दी शिलाजीत डालकर पी लें। इससे आसानी से दूध हजम होगा साथ ही आप हर बीमारी से कोसों दूर रहेंगे।
मसालों में यूज होने वाली छोटी पीपल 3 लेकर दूध में उबाल लें। इसका सेवन करें।
- पीपल पीपलामूल चित्रस्य सौंठ जिसे आयुर्वेद में पंचकोल कहते हैं। इसे 1 गिलास पानी में उबाला जब 50 ग्राम रह तो उसे छान कर पी लें। इसके बाद आप जितना चाहे उतना दूध पी सकते हैं।
- अगर आपको दूध पीने के बाद ऐसा लगता है क‍ि पेट फूल रहा है, तो दूध में थोड़ा सा अदरक, लौंग, इलायची और केसर मिलाकर पीएं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Desktop Bottom Promotion