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पीएम मोदी की सेहत का राज है ये मशरुम, 30 हजार रुपए किलो कीमत के इन मशरुम को खाने के जानें फायदे
जब से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, लोग केवल एक ही चीज की बात करते आ रहे हैं, वह है उनकी कठोर दिनचर्या। वह बिना छुट्टी लिए हर दिन लगभग 16 से 18 घंटे काम करते है। इस सब के बावजूद, वह योग और हेल्दी डाइट के संयोजन के साथ खुद को फिट रखते हैं। लेकिन बहुत कम लोग इस बारे में जानते है कि नरेंद्र मोदी अपने डाइट को लेकर बहुत कॉन्शियस है वो खुद को स्वस्थ और एक्टिव रखने के लिए एक खास तौर पर पहाड़ों पर पाया जाने वाला ब्लैक मोरल मशरुम खाते हैं। इसकी कीमत मार्केट में 30 हजार रुपए किलो हैं।
मोदी ने खुद गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद एक अनौपचारिक बातचीत के यह खुलासा किया था, कि वो ये मशरूम तब से खा रहे हैं जब से वो हिमाचल प्रदेश में पार्टी गतिविधियों के लिए भाजपा के राष्ट्रीय सचिव थे। उन्होंने ये कथित तौर पर कहा था "मेरी अच्छी सेहत का राज़ हिमाचल प्रदेश का मशरूम है। इसे खाने के कई फायदे हैं। आइए जानते है इन ब्लैक मोरल मशरुम को खाने के फायदे।

मोरल मशरूम क्या है?
इस मशरूम का वैज्ञानिक नाम मोरचेला एस्कुलेंटा (Morchella esculenta) है और यह आमतौर पर हिमाचल प्रदेश में पाया जाता है। विश्व स्तर पर इसकी बड़ी मांग है। इस मशरूम की कीमत मार्केट में लगभग 30 हजार से 80 हजार रुपये किलो है। बताया जाता है कि यह विटामिन डी, प्रोटीन, फाइबर और विटामिन बी जैसे पोषक तत्वों का भंडार है। यह इम्यून सिस्टम कर लिए बहुत फायदेमंद होता है।

यहां मिलते हैं ये मशरूम
ये मशरूम 7,000 फीट की ऊंचाई पर देवदार के पेड़ों में पाए जाते हैं, मुख्य रूप से ये शिमला, चंबा, कुल्लू और मंडी जिलों में। हिमाचल प्रदेश के अलावा, वे उत्तराखंड और कश्मीर में भी पाए जाते हैं। ये मार्च से लेकर मई के अंत तक पहाड़ों में मिलते हैं।

विटामिंस का भंडार
मोरल मशरूम में भरपूर मात्रा में विटामिन डी 2 (एर्गोकैल्सीफेरोल) होता है। प्रति 100 ग्राम मशरूम में लगभग 206 आईयू विटामिन डी2 और एमिनो एसिड पाया जाता है। विटामिन डी की मदद से शरीर में कैल्शियम का निर्माण होता है और कैल्शियम हड्डियों की मजबूती के लिए आवश्यक होता है।

दिल और डायबिटीज की समस्या से बचाता है
ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से हृदय रोग, पार्किंसंस रोग डायबिटीज का खतरा होता है। इससे बचने के लिए एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर चीजें खानी चाहिए। अध्ययनों से पता चला है कि मोरल मशरूम में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस लड़ने की क्षमता होती है। इसमें मौजूद एमिनो एसिड हार्ट की समस्या से आपको बचाता है।

लीवर के लिए फायदेमंद
कार्बन टेट्राक्लोराइड एक ऐसा यौगिक है जिसे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र और किडनी रोगों से जोड़ा गया है। यह यौगिक लीवर को भी नुकसान पहुंचता है। इस मशरूम को खाने से लीवर को स्वस्थ रखा जा सकता है। मोरल मशरूम में लीवर की सुरक्षा करने वाले तत्व होते हैं।

इम्युनिटी सिस्टम को बनाए मजबूत
एक अध्ययन के अनुसार मोरल मशरूम में गैलेक्टोमैनन नामक तत्व होता है, जो इम्युनिटी सिस्टम मजबूत करने में सहायक है। अगर आप बार-बार बीमार पड़ते हैं, तो आपको किसी भी कीमत पर इसका सेवन करना चाहिए।



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