रात में खानी चाह‍िए दाल या नहीं, जानें आयुर्वेद में क्‍या कहा है

दाल और रोटी भारतीय थाली में परोसे जाने वाली सबसे प्रमुख भोजन हैं। दाल, चावल, रोटी और सब्ज़ी का सेवन करने वालों को सभी प्रकार के पोषक तत्व प्राप्त होते हैं और पेट भरने की संतुष्टि भी होती है। लेकिन, कई बार लोगों को दाल का सेवन करने से कुछ परेशानियां होती हैं। इसकी वजह है ग़लत तरीके से दाल का सेवन। वहीं, कुछ लोगों के मन में अक्सर सवाल आता है कि क्या रात के समय दाल खाने से पेट से जुड़ी परेशानियां होती हैं। आइए जानते हैं दाल खाने से जुड़े इस मिथक के बारे में और जानें क्या है इसका पूरा सच।

Should you eat dal at night?

क्या कहता है आयुर्वेद ?

जैसा कि आयुर्वेद में भोजन से जुड़े नियमों को बनाने के लिए शरीर की प्रकृति यानि दोष को आधार बनाया जाता है। इसीलिए, जब आप कुछ भोजन करते हैं तो उससे आपके शरीर की प्रकृति भी प्रभावित होती है और कफ, वात या पित्त दोष बढ़ जाता है। चूंकि, हर अनाज की तासीर भी अलग-अलग होती है इसीलिए, जब आप कोई ऐसा अनाज खाते हैं जो पचने में भारी हो तो आपके डायजेस्टिव सिस्टम को समस्या हो सकती है।

रात को दाल खानी चाहिए या नहीं ? | Should we eat Daal at Night ? | Boldsky

एक्सपर्ट्स के अनसार, रात के भोजन यानि डिनर में दाल खाना सेहत और शरीर दोनों के लिए अच्छा है। आमतौर पर रात के खाने में दाल खाने से लोगों को अपच या इनडायजेशन की समस्या होती है। अरहर या तूर दाल, चने की दाल, मटर की दाल खाने से बचें और मूंग या उड़द की दाल खाएं जो जल्दी पक जाती है और पचने में भी आसान होती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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