मेटल ब्रेसेस पहनने के बाद रखें खास ख्‍याल, वरना टूट सकती है वायर हो सकता है नुकसान

ब्रेसेस लगाने से लेकर इनकी उचित देखभाल करने का मतलब है कि आपको अपनी डेली ओरल हाइजीन रुटीन के साथ कुछ आदतों को बदलना होगा। मेटल ब्रेसेस लगाने के बाद अगर आप अपने दांतों की सही देखभाल नहीं करते हैं, तो ये खराब हो सकते हैं। इस वजह से आपकी ऑर्थोडोंटिक ट्रीटमेंट प्लान खराब हो सकता है। अपने मेटल ब्रेसेस की सही देखभाल करने के लिए आपको कुछ टिप्स का ध्यान रखना जरूरी है। आइए ऐसे ही कुछ टिप्स के बारे में जानें।

दांतों को नियमित रुप से ब्रश करें

दांतों को नियमित रुप से ब्रश करें

मेटल ब्रेसेस लगाने के बाद आपका ऑर्थोडॉन्टिस्‍ट आपको विशेष टूथपेस्‍ट,फ्लॉस की जानकारी देगा, जो आपको सांसों की बदूबू, कैविटी, मसूड़ों की बीमारी से दूर रखेगा। इसके अलावा ब्रश करते हुए आपको ध्‍यान रखना होगा क‍ि आप ब्रश करते हुए मेटल वायर न तोड़ दे।

इसलिए ऐसे ब्रिसल वाले टूथब्रश इस्तेमाल करें, जो सॉफ्ट हों।

नियमित रूप से कुछ भी खाने के बाद 2-3 बार अच्छे से कुल्ला करें, ताकि खाना दांतों पर न चिपके।

दांतों में फंसे खाने को निकालने के लिए टूथब्रश को मसूड़ों के साथ एंगल पोजिशन में रखें। इसी तरह ब्रैकेट्स के ऊपर से खाना निकालें।

ऊपर की ओर ब्रश करने के लिए टूथब्रश को ब्रैकेट के नीचे की ओर रखें।

फ्लॉस का जरुर करें इस्तेमाल

फ्लॉस का जरुर करें इस्तेमाल

अपने ऑर्थोडॉन्टिस्ट द्वारा सुझाए गए फ्लॉस को खरीदने के बाद, दिन में कम से कम एक बार इसका इस्तेमाल करना जरुरी होता है। ब्रेसेस के साथ सही तरीके से फ्लॉस करने से दांतों की सड़न और सांसों की दुर्गंध जैसी समस्याओं नहीं होती है। आइए जानते है क‍ि कैसे अपने दांतों को सही ढंग से फ़्लॉस करें:

- अपने मुंह में पिछले दांतों तक पहुंचने के लिए फ्लॉसिंग धागे के एक लंबे सेक्‍शन का प्रयोग करें।

- शीशे के सामने खड़े होकर फ्लॉसिंग करें

फ्लॉस को अपने दांतों के बीच या तारों के नीचे खिसकाने के लिए उंगलियों को यूज करें।

- तार के नीचे होने पर फ्लॉस को न खींचे

- दांतों को साफ करने के ल‍िए फ्लॉस या फ्लॉस पिक के एक नए सेक्‍शन बदलते रहें।

- मसूड़े की सूजन न बढ़े इस ल‍िए मसूड़ों के आसपास भोजन के जमा ब्‍लॉक को साफ करें।

- फ्लासिंग के बाद जो मलबे या ब्‍लॉक ढ़ीले हुए उन्‍हें हटाने के लिए अच्‍छे से कुल्‍ला करें।

आपके दांतों के बीच या आपके ब्रेसिज़ पर फंसे भोजन के टुकड़ों को हटाने के लिए दिन के दौरान अपने साथ फ्लॉस का एक कंटेनर साथ रखें।

ओरल इरिगेटर की आवश्‍यकता

ओरल इरिगेटर की आवश्‍यकता

मुंह से एक्‍स्‍ट्रा प्‍लाग और खाने के कण निकालने के ल‍िए आपको ओरल इरिगेटर की जरुरत पड़ेगी। ये एक छोटा सा उपकरण है इसमें लगी वांड इरिगेटर के टैंक से एक मॉडरेट प्रेशर आपके मुंह में पानी फेंकता है, जो खाना, बैक्टीरिया, प्लाक जैसी गंदगी को दांतों, मसूड़ों और ब्रेसेस से हटाएगा।अपने अपने ऑर्थोडॉन्टिस्ट के निर्देशानुसार इसे हफ्ते में एक बार उपयोग कर सकते हैं।

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क्‍या नहीं खाएं?

क्‍या नहीं खाएं?

मेटल ब्रेसेस पहनने के बाद आपके दांत, मसूड़ों और एलवियोलर बोन्स को अधिक पोषक तत्वों की जरूरत होती है। ब्रेसेस पहनने के बाद कुछ खाद्य और पेय पदार्थ को खाने से बचना चाहिए, जिससे आपके ब्रेसेस को नुकसान पहुंचे।

बादाम या अखरोट जैसे कठोर ड्रायफ्रूट्स ब्रेसेस के वायर को तोड़ सकते हैं। स्टिकी कैंडीज जैसे कारमेल या कैंडी बार ब्रेससे के वायर में चिपक सकती है। पॉपकॉर्न की सख्त गुठली आपके ब्रेसेस को नुकसान पहुंचा सकती है। ब्रेसेज़ पहनने के बाद कच्ची या रेशेदार सब्जियां चिपकने का डर रहती है।

साबुत कच्चे फल जैसे सेब और नाशपाती खाने से बचें। सख्त मांस जैसे स्टेक या पोर्क चॉप्स ये भी खाने से बचें। इसके अलावा क्रंची स्‍नैक्‍स जैसे चिप्‍स या कुरकुरे। मीट, पीनट बटर और सेब जैसे फलों को खाने से भी बचना चाहिए। क ये आपके ब्रेसेस को डैमेज भी कर सकते हैं।

Story first published: Tuesday, August 24, 2021, 19:10 [IST]
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