धूल, मिट्टी और पॉल्‍यूशन से होने लगता है जुकाम, जानें इससे कैसे बचें

धूल-धुएं से अगर बार-बार छींक आने लगती है तो यह समस्या ठीक नहीं है क्योंकि इससे आपको चिड़चिड़ होने के साथ ही सिरदर्द भी हो सकता है। कई लोगों को बहुत ज्यादा छींक एकसाथ आने लगती है तो यह रोग-प्रतिरोधक क्षमता की कमी को दर्शाता है। धूल-धुएं से संपर्क में आने पर म्यूकस झिल्ली उत्तेजित हो जाती है इससे छींक आने लगती है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि आप सही समय पर इस समस्या का उपचार कर लें नहीं तो आप बार-बार परेशानियों का सामना करेंगे। आइए जानते है कैसे धूल-धुंए की वजह से बार-बार आने वाले छींक का उपचार करें।

अजवाइन

अजवाइन

एक गिलास पानी में एक चम्मच अजवाइन डालकर अच्छे से उबाल लें। इसे थोड़ा ठंडा करके छान लें। फिर इसमें शहद मिलाकर सेवन करें। इसके अलावा आप शहद के स्थान पर गुड़ का इस्तेमाल भी कर सकते हैं लेकिन गुड़ आपको जब पानी गर्म हो रहा हो तभी डाल देना और अच्छे से उबालना है। इस पानी को पीने के बाद ऐसी जगह पर आराम करें, जहां ज्यादा हवा न हो तो आपको जल्दी आराम मिलेगा।

सौंफ

सौंफ

गर्मियों में सौंफ का उपाय सबसे बेहतर रहता है क्योंकि यह शरीर में गर्मी नहीं करता है। गुड़ का सेवन कई लोगों को पेट में गर्मी कर देता है। ऐसे में आप लोग यदि बार-बार आने वाली छींक से तुरंत राहत चाहते हैं तो एक कप पानी में एक चम्मच सौंफ डालकर उबाल लें और उसे थोड़ा ठंडा होने पर थोड़ा-थोड़ा करके पी लें। यदि गरम-गरम इसे आप पी सकते हैं तो और भी बढ़िया बात होगी।

संतरा

संतरा

यदि आपको धूल-धुएं से बार-बार छींक आ रही है तब तो आपको संतरे का जूस पीना ही चाहिए क्योंकि इसका सेवन करने से आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होगी जिससे कि आसानी से आप असमय बार-बार आने वाले छींक की समस्या से राहत पा सकेंगे। पर ध्यान रहे संतरे का जूस बिल्कुल भी ठंडा नहीं होना चाहिए।

हल्दी

हल्दी

हल्दी के उपयोग से आप इस समस्या से बहुत जल्दी राहत पा सकते हैं इसलिए बार-बार छींक आ रही है तो गर्म दूध में हल्दी डालकर उसका सेवन अवश्य करें। भोजन में भी हल्दी की मात्रा बढ़ा दें। ऐसा करने से लंबे समय के लिए आपको इस समस्या से परेशान नहीं होना पड़ेगा। आप आधे चम्मच नमक और आधा चम्मच हल्दी खाकर, ऊपर से गरम पानी का सेवन कर सकते हैं। यह उपाय भी तुरंत असर दिखाता है।

मुलेठी

मुलेठी

यदि आप किसी चीज का सेवन न करके इस समस्या को दूर भगाना चाहते हैं तब भाप आपके लिए एक अच्छा विकल्प है। मुलेठी के चूर्ण को पानी में उबालकर इसका काढ़ा बना लें। इसको तबतक उबालते रहें जबतक इसमें से एक प्रकार की महक न आने लगे। अब आप इस काढ़े से आराम से भाप लें और यदि गले में खराश महसूस हो रही है तब आपको चूर्ण के सेवन से ही लाभ होने लगेंगे।

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