Latest Updates
-
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी पर चाय पी सकते हैं या नहीं? जानें व्रत से जुड़े सभी जरूरी नियम -
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी के दिन झाड़ू लगाना शुभ या अशुभ? बसौड़ा पर भूलकर भी न करें ये गलतियां -
Sheetala Ashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है शीतला अष्टमी? जानिए सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
Sheetala Ashtami Vrat Katha: शीतला अष्टमी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, घर में आएगी सुख-समृद्धि -
Sheetala Ashtami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद बना रहे...इन संदेशों के साथ अपनों को दें बसौड़ा की बधाई -
कौन हैं संजू सैमसन की पत्नी चारुलता रमेश? टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेटर ने लिखा भावुक पोस्ट -
रणदीप हुड्डा बने पापा, लिन लैशराम ने बेटी को दिया जन्म, इंस्टाग्राम पर शेयर की क्यूट फोटो -
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि
सिर्फ गन्ने से ही नहीं नारियल और खजूर भी तैयार होता है गुड़, जानें कौनसा गुड़ है ज्यादा फायदेमंद
गुड़ का इस्तेमाल सदियों से मीठे के तौर पर किया जा रहा है। 'गुड़ या चीनी' की बहस में हमेशा गुड़ से होने वाले स्वास्थय लाभ को ज्यादा तवज्जों दी गई है। आपको जानकार हैरानी होगी कि गुड़ की भी कई वैरायटी होती है। जी हां, भारत में ज्यादात्तर हिस्सों में गन्ने का रस मिलता है लेकिन भारत के कई हिस्सों में खजूर और नारियल का गुड़ का भी इस्तेमाल किया जाता है। इन सभी प्रकार के गुड़ खाने से शरीर को खास तरह का स्वास्थय लाभ मिलता है। आइए जानते है कैसे अलग-अलग गुड़ की विशेषता और इन्हें खाने के फायदे।

गन्ने का गुड़
गन्ने का गुड़ गन्ने के रस को उबालने, छानने और पारंपरिक तरीकों से घुमाने के बाद तैयार किया जाता है। इस गुड़ का ज्यादात्तर खाने में इस्तेमाल किया जाता है। इस का रंग हल्के से गहरा भूरा रंग का होता है और इसे काटने में कठिनाई होती है जो, इसकी शुद्धता को बताने का एक तरीका है। गुड़ जितना गहरे रंग का होता है, उतना ही अच्छा होता है। हल्के रंग का गुड़ मिलावट का प्रतीक है।

गन्ने के गुड़ को खाने के स्वास्थ्य लाभ:
ये गुड़ वजन घटाने में मदद करता है, इसमें मौजूद पोटेशियम मांसपेशियों में इलेक्ट्रोलाइट को मैंटेन करने में मदद करता है। हेल्दी डाइट के लिए ये चीनी का बेस्ट रिप्लेसमेंट ऑप्शन है।

सांस से जुड़ी समस्याओं से बचाता है
हर रोज गुड़ का सेवन करने से खांसी या श्वसन पथ के संक्रमण जैसे अस्थमा और ब्रोंकाइटिस की संभावना को कम कर देता है।

लीवर को करता है डिटॉक्सीफाई
गुड़ एक बेहतरीन क्लींजर है, जो लीवर से अशुद्ध गंदगी निकालकर लीवर को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है।

गुड़ का नारियल
ये गुड़ का एक और रुप है, जिसे आप अक्सर दक्षिणी भारत के व्यंजनों के साथ देख सकते है। इस गुड़ को नारियल के अनफिल्टर्ड रस और अनफर्मेंटेंड अर्क के साथ बनाया जाता है, यह गुड़ स्वाद में मीठा होता है और इसकी बनावट क्रिस्टलीकृत होती है। गुड़ के दोनों प्रकारों की तुलना में इसका स्वाद अधिक मीठा होता है। नारियल का गुड़ आयरन, पोटेशियम और मैग्नीशियम से भरपूर होता है, जो कि हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी हैं।
अन्य प्रकारों की तरह, नारियल के गुड़ का भी अपना अनूठा स्वाद और कई स्वास्थ्य लाभ हैं:
फ्लू जैसे लक्षणों को शांत करता है
गले में खराश और अन्य खांसी और सर्दी की समस्याओं के लिए गुड़ एक उत्कृष्ट उपाय है। आप अपने घरेलू उपचार में भी गुड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं।
पेट को ठंडा रखता है
गुड़ शरीर को एक स्थिर तापमान बनाए रखने में मदद करता है, इस प्रकार, पेट को ठंडा रखने में मदद करता है।

रक्तचाप को नियंत्रित करता है
गुड़ में सोडियम, आयरन और पोटेशियम होता है जो ब्लडप्रेशर को मैंटेन रखता है।
खजूर का गुड़
यह गुड़ पश्चिम बंगाल और झारखंड में तैयार किए जाने वाला एक लोकप्रिय गुड़ है। इसे खजूर का गुड़ या पाताली गुड़ के नाम से भी जाना जाता है। खजूर का गुड़, खजूर के पेड़ों के अर्क से बनाया जाता है। इस गुड़ की ऐसी बनावट होती है जिससे ये मुंह में डालते ही पिघल जाता है। इस गुड़ से खजूर की मिठास और खजूर के पौष्टिक लाभ मिलते हैं।
खजूर के गुड़ के फायदे
प्राकृतिक स्वीटनर होने के साथ-साथ यह गुड़ हमारी सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद है। खजूर के गुड़ में मौजूद फाइबर हमारे पाचन तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही साथ यह एंडोर्फिन के उत्पादन को बढ़ावा देता है, जिसकी मदद से मासिक धर्म के दौरान होने वाली ऐंठन में राहत मिलती है। खजूर का गुड़ आयरन का एक अच्छा स्रोत है जो शरीर को हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है। एनीमिक रोगियों को इसे अपने आहार में शामिल करने का प्रयास करना चाहिए।

कौनसा गुड़ है ज्यादात्तर फायदेमंद
गुड़ के ये सभी प्रकार अलग-अलग पौष्टिक तत्वों से भरपूर है। गन्ने का गुड़ अनफ़िल्टर गन्ने के रस से बनाया जाता है, जो वेट को मॉनिटर करने के साथ ही डायबिटीक पैशेंट के लिए एक हेल्दी ऑप्शन है।
जबकि नारियल गुड़ आयरन, फोलेट और मैग्नीशियम जैसे एंटीऑक्सिडेंट और खनिजों का एक बड़ा स्रोत है और इसे गन्ने के गुड़ की तुलना में एक बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प माना जाता है। दूसरी ओर खजूर का गुड़ न केवल आयरन, फोलेट, पोटेशियम और कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों से भरा होता है, बल्कि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी सबसे कम होता है और इसे खांसी और सर्दी के इलाज के रुप में इस्तेमाल में लिया जाता है। यह गन्ने के गुड़ की तुलना में अधिक स्वास्थ्यवर्धक विकल्प है, इन सभी गुड़ से होने वाले फायदों के लिए इसका सेवन कम मात्रा में करें।
जी हां, वजन घटाने के लिए गुड़ के सेवन को बेहतर माना गया है। क्योंकि शुद्ध और बिना मिलावटी वाले गुड़ में कोई ट्रांस वसा या किसी अन्य प्रकार का वसा नहीं है। ट्रांस फैट से वजन बढ़ता है।
खजूर और गन्ने की रस की तुलना में नारियल गुड़ सेहत के लिए बेहतर होता है। इसमें आयरन, फोलेट और मैग्नीशियम जैसे एंटीऑक्सिडेंट और खनिजों का एक बड़ा स्रोत है और इसे गन्ने के गुड़ की तुलना में एक बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प माना जाता है।
वैसे तो गुड़ का रंग गहरा भूरा होना चाहिए। गुड़ में पीला रंग केमिकल ट्रीटमेंट की तरफ इशारा करते हैं। कोशिश करें की आप सख्त गुड़ ही खरीदें। ये इस बात को सुनिश्चित करता है कि गन्ने के रस को उबालते समय इसमें कोई एडिटिव्स नहीं मिलाए गए हो।



Click it and Unblock the Notifications











