Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
क्या होता है जब आप एंटी-बायोटिक कोर्स को बीच में ही छोड़ देते हैं, शरीर की इम्यूनिटी पर पड़ता है ऐसा असर
कई बार जब व्यक्ति बीमार होता है तो उसे जल्द ठीक करने के लिए डॉक्टर अन्य दवाओं के साथ एंटी-बायोटिक लेने की भी सलाह देते हैं। ब्रोंकाइटिस जैसी स्वास्थ्य समस्या होने पर एंटी-बायोटिक का सेवन लाभकारी माना जाता है। हालांकि, एंटी-बायोटिक लेने का अपना एक कोर्स होता है और उसे हमेशा ही पूरा करने की सलाह दी जाती है।
अमूमन यह देखने में आता है कि लोग जब दवा लेना शुरू करते हैं और दो से तीन दिन में जब उन्हें आराम लगता है, तो वह दवाई लेना छोड़ देते हैं। यहां तक कि वह एंटी-बायोटिक का कोर्स भी पूरा नहीं करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि एंटी-बायोटिक दवाओं का कोर्स बीच में ही छोड़ देने से क्या होता है? और आपको यह कोर्स पूरा करना चाहिए या नहीं? तो चलिए एंटी-बायोटिक दवाओं से जुड़े ऐसे ही सवालों का जवाब आज हम आपको इस लेख में देने का प्रयास कर रहे हैं-

कब लेनी चाहिए एंटी-बायोटिक दवाएं
एंटीबायोटिक्स शक्तिशाली दवाएं हैं जिन्हें बैक्टीरिया को मारने के लिए डिज़ाइन किया गया है। लेकिन कुछ लोग सामान्य सर्दी या फ्लू जैसे वायरस के खिलाफ भी एंटीबायोटिक का सेवन करते हैं। जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह वास्तव में कुछ नुकसान कर सकता है। जब आप कॉमन कोल्ड या फ्लू आदि के लिए एंटीबायोटिक्स लेते हैं, तो यह एंटीबायोटिक प्रतिरोध का कारण बनता है। इतना ही नहीं, ऐसा करने से शरीर के सभी गैर-हानिकारक बैक्टीरिया भी एंटी-बायोटिक के संपर्क में आ जाते हैं।

एंटीबायोटिक्स कैसे काम करते हैं?
एंटीबायोटिक्स आमतौर पर दो प्रकार के होते हैं- बैक्टीरियोस्टेटिक और जीवाणुनाशक। बैक्टीरियोस्टेटिक एंटीबायोटिक्स, जैसे एज़िथ्रोमाइसिन और डॉक्सीसाइक्लिन, बैक्टीरिया के विकास को रोकते हैं। जीवाणुनाशक एंटीबायोटिक्स, जैसे एमोक्सिसिलिन और सेफैलेक्सिन, बैक्टीरिया को ही मार देते हैं।
इन एंटी-बायोटिक्स को डॉक्टर आपकी बीमारी के आधार पर ही देते हैं। आमतौर पर, बैक्टीरियल इंफेक्शन होने पर ही एंटी-बॉयोटिक देने की सलाह दी जाती है।

एंटीबायोटिक दवाओं के कोर्स की अवधि कैसे निर्धारित होती है?
हर एंटी-बायोटिक को लेने का एक निश्चित समय होता है और उसी के आधार पर उसका सेवन किया जाना चाहिए। कभी-कभी डॉक्टर पांच दिनों के लिए एंटीबायोटिक लेने के लिए कहते हैं, तो कभी-कभी यह अवधि 14 दिनों तक की भी हो सकती है। उपचार कई कारकों के आधार पर भिन्न होते हैं, और एंटीबायोटिक उपचार की अवधि कुछ ऐसी होती है जिसे चिकित्सकों और शोधकर्ताओं द्वारा लगातार पुनरीक्षित किया जाता है। कुछ संक्रमण होने पर एक तय समय के लिए ही एंटी-बायोटिक लिया जाना आवश्यक होता है, तो कभी आपकी बीमारी भी एंटी-बायोटिक कोर्स के आधार की वजह बनती है। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्धारण कारक यह है कि आपको अन्य पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं क्या हैं, जैसे अस्थमा, मधुमेह, या हृदय रोग।

एंटी-बायोटिक्स कोर्स बीच में छोड़ने से क्या होता है?
एंटीबायोटिक कोर्स को हमेशा की कंप्लीट करने की सलाह दी जाती है। इसके दो कारण हैं- सबसे पहले तो हेल्थ केयर प्रोवाइडर ने आपको पूरी तरह से स्वस्थ करने के लिए एंटीबायोटिक दवाओं के कोर्स को सलेक्ट किया। ऐसे मंी आपको उसे पूरा करना चाहिए। और दूसरा कारण है एंटीबायोटिक रेसिस्टेंस।
दरअसल, जब आप अपने एंटी-बायोटिक कोर्स को पूरा करते हैं तो ऐसे में आप अपनी बीमारी के लिए जिम्मेदार सभी जीवाणुओं को मारने में सक्षम हो जाते हैं। वहीं, अगर आप कोर्स बीच में छोड़ते हैं तो आप बैक्टीरिया के एक छोटे हिस्से को अपने शरीर में रहने देते हैं और उस बैक्टीरिया में प्रतिरोध को मजबूत करने, बदलने और विकसित करने की क्षमता होती है। ऐसे में आप भले ही आप कुछ दिनों के बाद बेहतर महसूस कर रहे हों, इसका मतलब यह नहीं है कि आपको बीमार करने वाले सभी बैक्टीरिया वास्तव में अभी तक चले गए हैं।



Click it and Unblock the Notifications
