Latest Updates
-
स्कूल टिफिन के लिए 15 मिनट में तैयार करें सॉफ्ट और स्पंजी सूजी के अप्पे, नोट कर लें आसान रेसिपी -
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा -
सूरज की तपिश से काला पड़ गया है चेहरा? इन 3 देसी नुस्खों से हटाएं जिद्दी सन टैन -
क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम? -
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी -
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Ravi Pradosh Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरा है रवि प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शिव आरती -
World Paper Bag Day 2026: कब और क्यों हुई पेपर बैग दिवस की शुरुआत? जानें इसका दिलचस्प इतिहास -
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य
Mix Vaccination: पहली और दूसरी डोज में अलग वैक्सीन लग जाए तो क्या होगा? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट
देश में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जब किसी शख्स को कोरोना वैक्सीन का पहला टीका तो कोविशील्ड का लगा था और दूसरा कोवैक्सिन का लग गया या फिर इसके परे उल्टा हुआ। इसे लेकर कई लोग डर भी गए , लेकिन सरकार का कहना है कि ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है। नीति आयोग की स्वास्थ्य समिति के सदस्य डॉ. वीके पॉल का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को कोरोना वैक्सीन का अलग-अलग टीका लग जाए तो चिंता की जरूरत नहीं है। यह पूरी तरह से सुरक्षित है। यही नहीं उन्होंने कहा कि सरकार खुद ही दो टीकों को मिलाकर लगाने की प्लानिंग कर रही है। उन्होंने कहा कि ट्रायल बेसिस पर ऐसा करने की तैयारी है।
वीके पॉल ने कहा, 'प्रोटोकॉल के मुताबिक एक ही वैक्सीन की दोनों डोज लगनी चाहिए। लेकिन यदि किसी व्यक्ति को अलग-अलग वैक्सीन की डोज लग जाती हैं तो यह घबराने की बात नहीं है। हम खुद ट्रायल बेस पर दवाओं की मिक्सिंग पर विचार कर रहे हैं।' देश में कोरोना संकट को लेकर बात करते हुए नीति आयोग के सदस्य ने कहा कि सरकार की फाइजर कंपनी से बात चल रही है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ महीनों में कंपनी की ओर से भारत को एक निश्चित मात्रा में सप्लाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जुलाई तक भारत को फाइजर से टीकों की पहली खेप मिल सकती है।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने की थी मिक्स वैक्सीन रिसर्च
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक शोध में सामने आया है कि अगर दो टीकों को मिक्स किया जाए तो कोई बड़ा ख़तरा नहीं है, लेकिन दुष्प्रभाव पहले से ज़्यादा होते हैं। अभी यह साफ़ नहीं है कि वैक्सीन का कॉकटेल कोरोना के ख़िलाफ़ शरीर में कितनी इम्यूनिटी देता है। यह शोध ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी-एस्ट्राज़ेनेका कंपनी की वैक्सीन और फाइजर की वैक्सीन को लेकर की गई थी। इसमें यही देखने की कोशिश की गई थी कि क्या दो अलग-अलग खुराक देने पर लंबे समय तक इम्युनिटी बनी रहती है। फरवरी से ही इस पर शोध जारी है। एक रिपोर्ट में के अनुसार 10 लोगों को एस्ट्राज़ेनेका का टीका 4 हफ़्तों के अंतराल पर लगाया गया था उनमें बुखार के लक्षण दिखे थे, लेकिन जब उन्हें एक खुराक एस्ट्राज़ेनेका की और दूसरी फ़ाइजर की लगाई गई तो दुष्प्रभाव 34 फ़ीसदी ज़्यादा हो गया। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी अब मॉडर्ना और नोवावैक्स वैक्सीन पर भी ऐसा ट्रायल कर रहा है। हालाँकि, अभी तक कोविशील्ड और कोवैक्सीन की मिक्स वैक्सीन पर किसी शोध की ख़बर अब तक नहीं है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications