Latest Updates
-
कांवड़ यात्रा कब से होगी शुरू? इस दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, अधूरी रह जाएगी पूजा -
Kriti Sanon ने करवाए अपने अंडे फ्रीज! जानें किस उम्र में ये कराना बेहतर और Egg Freezing फायदे-नुकसान? -
कब है आषाढ़ अमावस्या? इस दिन इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, कहीं आपकी राशि भी तो लिस्ट में नहीं? -
Corona Alert: सिंगर कुमार सानू के बेटे को हुआ कोविड, आंध्र प्रदेश में मिले सबसे ज्यादा मरीज, जानें लक्षण -
स्कूल टिफिन के लिए 15 मिनट में तैयार करें सॉफ्ट और स्पंजी सूजी के अप्पे, नोट कर लें आसान रेसिपी -
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा -
सूरज की तपिश से काला पड़ गया है चेहरा? इन 3 देसी नुस्खों से हटाएं जिद्दी सन टैन -
क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम? -
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी -
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत
क्या है ब्यूबोनिक प्लेग, कितनी खतरनाक है यह बीमारी? जानिए सबकुछ
चीन ने ब्यूबोनिक प्लेग नामक एक खतरनाक बीमारी के बारे में अलर्ट जारी किया है। उत्तरी चीन के एक अस्पताल में इस बीमारी से जुड़ा एक मामला सामने आने के बाद वहां अलर्ट जारी कर दिया गया है। चीन के बयन्नुर में इसके रोकथाम के लिए स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने तीसरे स्तर की चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी इस साल के अंत तक के लिए जारी की है। साथ ही लोगों को सतर्क रहने के लिए भी कहा गया है। आइए जानते हैं कि आखिर क्या बला है ये ब्यूबोनिक प्लेग, ये कैसे फैलता है और सबसे जरूरी कि यह बीमारी कितनी खतरनाक है?
ब्यूबोनिक प्लेग को 'ब्लैक डेथ' या काली मौत भी कहते हैं। यह कोई नई बीमारी नहीं है बल्कि इसकी वजह से करोड़ों लोग पहले भी मारे जा चुके हैं।

ब्यूबोनिक प्लेग के लक्षण
इस बीमारी में इंसान को तेज बुखार और शरीर में असहनीय दर्द होता है। साथ ही नाड़ी भी तेज चलने लगती है। इसके अलावा दो-तीन दिन में शरीर में गिल्टियां निकलने लगती हैं, जो 14 दिन में ही पक जाती हैं। वही नाक और उंगलियां भी काली पड़ने लगती हैं और धीरे-धीरे वो सड़ने लगती हैं। गिल्टियां निकलने की वजह से इस बीमारी को गिल्टीवाला प्लेग भी कहते हैं।

ये कारण है इस बीमारी के
यह बीमारी जंगली चूहों में पाए जाने वाली बैक्टीरिया से होती है। दरअसल, सबसे पहले ब्यूबोनिक प्लेग जंगली चूहों को होता है। फिर उनके मरने के बाद प्लेग के बैक्टीरिया पिस्सुओं के जरिए इंसान के शरीर में घुस जाते हैं। जब पिस्सु काटते हैं तो संक्रमण वाले बैक्टीरिया इंसान के खून में मिल जाते हैं, जिससे इंसान भी प्लेग से संक्रमित हो जाता है। ऐसा चूहों के मरने के दो-तीन हफ्ते बाद होता है।

इस बैक्टीरिया की वजह से फैलती है ये बीमारी
ब्यूबोनिक प्लेग फैलाने वाले बैक्टीरिया का नाम यर्सिनिया पेस्टिस बैक्टीरियम है। यह शरीर के लिंफ नोड्स (लसीका ग्रंथियां), खून और फेफड़ों पर हमला करता है।
लोग कैसे होते हैं संक्रमित?
संक्रमित पिस्सू के काटने से यह संक्रमण मानव तक पहुंचता है। शरीर से निकलने वाले संक्रमित तरल के संपर्क में आने या न्यूमानिक से संक्रमित व्यक्ति के ट्रॉपलेट्स के द्वारा यह दूसरे व्यक्ति तक पहुंचता है। न्यूमानिक संक्रमित व्यक्ति का ड्रॉपलेट रेस्पिरेटरी सिस्टम में सांस के द्वारा प्रवेश करने पर दूसरा व्यक्ति संक्रमित होता है। समय रहते अगर संक्रमित को सामान्य एंटी-बायोटिक्स प्लेग को ठीक कर सकते हैं।



Click it and Unblock the Notifications