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अब एनर्जी नहीं बची! क्या न्यूजीलैंड की पीएम जेसिंडा का इस्तीफा ‘बर्नआउट’ का नतीजा, जानें इसकी पहचान
न्यूजीलैंड की प्राइम मिनिस्टर जैसिंडा अर्डर्न ने अचानक से अपने इस्तीफे की घोषणा की और इस घोषणा में उन्होंने एक शब्द 'टैंक खाली है' का इस्तेमाल किया, जिसको दूसरे शब्दों में बर्नआउट कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वो अब अपनी फैमली - अपने पति क्लार्क टिमोथी गेफोर्ड और चार साल की बेटी नेवे के साथ समय बिताने के लिए उत्सुक हैं। लेकिन ये बर्नआउट क्या है? जिसके कारण न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिका अर्डर्न ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 2019 में, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने बर्नआउट को एक प्रोफेशनल घटना के रूप में बताया है। हेल्थ स्पेशलिस्ट इस बारें में कहते हैं कि ये ध्यान रखना काफी जरूरी है कि स्ट्रेस और बर्नआउट दो अलग-अलग कंडीशन हैं। लेकिन किसी भी काम के दौरान, एक वक्त के बाद बर्नआउट उबलकर कर सामने आ जाता है।

Burnout: आइये जानते हैं कि ये बर्नआउट क्या है ?
इसमें एक जैसी जिंदगी जिसमें आप चाहे घर के काम में बिजी रहते हैं या फिर ऑफिस के काम में घंटों लगे रहते हैं। जिसमें एक जैसे रूटीन के कारण अब बोर होने लगे हों,आपका उन सारे काम में मन ना लगे। ये सब आगे बर्नआउट का रूप ले लेता है। काम का बढ़ता बोझ भी इसका जिम्मेदार होता है। बर्नआउट अपने संकेत आपको देता रहता है, लेकिन लेकिन आप अपनी जिम्मेदारियों के बोझ तले दबे होने के कारण उनको नजरअंदाज करते रहते हैं, लेकिन एक वक्त के बाद बर्नआउट उबलकर कर सामने आ जाता है। आप बर्नआउट का शिकार हो चुके होते हैं। आइये जानते हैं कि जब आपकी लाइफ में बर्नआउट संकेत दे रहा हो, तब आप इससे कैसे संभले-

Burnout: बर्नआउट के शुरूआती लक्षण क्या है ?
1. दौरान घर के काम या ऑफिस के काम में मन ना लगना, कुछ अच्छा ना लगना
2. किसी भी काम में मन ना लगना और बोरिंग लगना3. खुद के बारें में अच्छा ना फील करना, खुद को यूजलेस समझना
Burnout: खुद को हर वक्त थका हुआ सा महसूस करना
बर्नआउट वर्क रिलेटेड स्ट्रेस होता है। इसका सबसे बड़ा आम लक्षण थकान महसूस होना है। घर के काम जिसे आप डेली रूटीन के साथ करती थीं वहीं काम आपको बोझ लगने लगते हैं। ऑफिस के घंटे पहाड़ जितने लगने लगते हैं। तो आप समझ ले कि आप बर्नआउट के शिकार हो रहे हैं।

Burnout: हर वक्त उदासी छाई रहती है
जब आपको बर्नआउट होता है तब आप खुद को उदासी फील होती है। दिमाग में तरह तरह के बुरे खयाल आते हैं। जो आगे जाकर डिप्रेशन में बदलने लग जाती है।

Burnout: नींद का मुश्किल से आना
इस दौरान आपको नींद सही से नहीं आती है। नींद आपको आते हुए भी मुश्किल से सो पाते हैं। तो आप बर्न आउट के शिकार होते हैं। इसकी वजह से आपको दूसरी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लग जाती है। जिसमें हार्ट की प्रॉबलम, हाई ब्लड प्रेशर, और डायबीटीज का खतरा बढ़ सकता है।

Burnout: परिवार के साथ लॉन्ग हॉलीडे इसकी मेडिसिन
जो काम आपको खुशी देता था वही बोझ लगने लगे। अगर ऐसा आपके साथ हो रहा है तो आपको एक ब्रेक की काफी रख्त जरूरत है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, बर्नआउट सिंड्रोम ‘क्रोनिक वर्कप्लेस स्ट्रेस' की वजह से हो सकता है। यानी काम को लेकर ज्यादा तनाव। इसको कम करने के लिए आपको विकेशन पर जाना चाहिए। परिवार के साथ वक्त बिताना, ऑफिस के काम से कुछ वक्त के लिए छुट्टी इसको सही करने में सबसे बड़ा रोल प्ले करती है।



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