Latest Updates
-
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक -
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं
कहीं आप इमोशनल एडिक्शन के तो नहीं हो रहे शिकार ? इसे समझने और उबरने के उपाय
क्या आप जानते हैं कि आप भावनाओं के आदी हो सकते हैं और ये भावनाएं आपको अपने जीवन में आगे बढ़ने से रोकती हैं? भावनात्मक लत जेनेटिक, बिहेवियर, एटिट्यूड, रिलेशन या आध्यात्मिकता की कमी से आती है। इमोशनल एडिक्शन आदतन या मजबूरी से किसी चीज में व्यस्त या शामिल होने की स्थिति है।

इमोशन आपके अनुभवों के लिए होलोग्राफिक रिएक्शन हैं। आपके द्वारा अनुभव की जाने वाली हर एक भावनात्मक स्थिति के लिए कैमिकल होते हैं। हाइपोथैलेमस पेप्टाइड्स बनाता है जिसे वह एक सेल पर हजारों रिसेप्टर्स को भेजता है। वे इसको जोड़ते हैं और संकेत देते हैं कि हमारी सेल में क्या जाता है। आप इमोशनली सिचुएशन के आदी हो जाते हैं और जब तक हम चीजों के बारे में अपने अटैचमेंट्स, इमोशन और विश्वासों को नहीं बदलते, तब तक हम आदी बने रहते हैं।

भावनाओं के प्रति आपका एडिक्शन एक समस्या
आप ही भावनाएं हैं और भावनाएं ही आप हैं। इमोशन आपके अनुभव को बढ़ाती हैं लेकिन इन भावनाओं के प्रति आपका एडिक्शन समस्या है क्योंकि वे जैव रासायनिक एडिक्शनों का निर्माण करते हैं। जब आप उन सभी भावनाओं के साथ अपने सभी अनुभवों के बारे में सोचते हैं जो आपने उनसे जुड़ी हैं - मस्तिष्क से आपकी बॉडी सेल्स तक नीचे जाने से - इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि अपमानजनक रिश्तों, लोगों, भोजन और सेक्स को छोड़ना मुश्किल है। कोई आश्चर्य नहीं कि नशीली दवाओं और शराब का एडिक्शन, फूड एडिक्शन, जुआ एडिक्शन, और बहुत कुछ को दूर करना कठिन है।
भावनात्मक लत का पता लगाने के लिए आप किसी भरोसेमंद व्यक्ति की मदद ले सकते हैं।अपनी भावनाओं नियंत्रित करने के लिए ध्यान एक अच्छा विकल्प है

रिलेशनशिप टिप्स:
हर किसी का जीवन जीने का अपना तरीका होता है। ऐसे में कुछ लोग लाइफ में काफी प्रैक्टिकल होते हैं। तो साथ ही ज्यादातर लोग जीवन की परिस्थितियों से काफी इमोशनली निपटने लगते हैं। खासकर प्यार में कई लोग अक्सर इमोशनल एडिक्शन के शिकार हो जाते हैं। भावनात्मक एडिक्शन को केवल इमोशनल लगाव कहा जाता है। ज्यादातर कपल्स में इमोशनल एडिक्शन आसानी से देखा जा सकता है। अगर आप भी कुछ भावनाओं और भावनाओं को अपनी आदत बना लेते हैं और फिर भी उस आदत को नहीं छोड़ पा रहे हैं तो हम यहां आपको इमोशनल एडिक्शन से बाहर निकलने के कुछ आसान उपाय बताते हैं। इसकी मदद से आप अपनी आदतों पर काबू पा सकते हैं।

अपने आप को समझें
भावनात्मक लत से बाहर आने के लिए सबसे पहले आपको अपनी भावनाओं को समझना होगा। ऐसे में यह जानने की कोशिश करें कि आप किन आदतों के शिकार हो गए हैं। तभी आप उन आदतों में बदलाव लाने पर ध्यान दे सकते हैं।

भरोसेमंद लोगों की मदद लें
इमोशनल एडिक्शन का पता लगाने के लिए आप किसी भरोसेमंद दोस्त या परिवार के सदस्य की मदद ले सकते हैं। उनसे अपने व्यवहार से जुड़े कुछ सवाल पूछें और अपने अंदर हो रहे बदलावों को जानने की कोशिश करें।

हेल्दी डाइट लें
कई बार लोग चाहकर भी अपनी कुछ आदतों को नहीं बदल पाते हैं। हालांकि बदलाव के इरादे को मजबूत करने के लिए दिमाग का स्वस्थ रहना जरूरी है। ऐसे में जहां शुगर, ग्लूटेन और प्रोसेस्ड फूड खाने से दिमाग सुस्त हो जाता है। वहीं दूसरी ओर आप फल, हरी सब्जियां और पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेकर अपनी आदतों को आसानी से नियंत्रित कर सकते हैं।

मेडिटेशन करने की आदत डालें
अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने के लिए मेडिटेशन एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। मेडिटेशन करने से आप न सिर्फ खुद से जुड़ते हैं बल्कि आप अपनी खूबियों और खामियों को भी करीब से देख सकते हैं। ऐसे में आप अपनी आदतों को देखकर आसानी से अपनी सोच बदल सकते हैं और साथ ही भावनात्मक लत से भी छुटकारा पा सकते हैं।



Click it and Unblock the Notifications
