Latest Updates
-
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म
सितंबर के महीने में क्यों ज्यादा आते हैं अस्थमा अटैक?
सितंबर के महीने को अस्थमा के मरीजों के लिए बहुत खराब समझा जाता है। यूएसए में इस दौरान वसंत ऋतु जबकि भारत में मॉनसून का अंत होता है और हवा में उमस भरी रहती है। सितंबर का महीना अस्थमा के मरीजों के लिए बहुत मुश्किल होता है। अस्थमा एंड एलर्जी फाउंडेशन ऑफ अमेरिका के अनुसार इस महीने में अस्थमा के मामले बढ़ जाते हैं।

अस्थमा एक गंभीर स्थिति है। केवल भारत में ही अस्थमा के 10 मिलियन मरीज हैं और हर साल इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। इसी तरह अमेरिका में भी अस्थमा के मरीजों की संख्या बहुत बढ़ रही है। इससे फेफड़ों में ब्लॉकेज होने की वजह से सांस लेने में दिक्कत होती है। इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है लेकिन इसके ट्रिगर पॉइंट्स से बचकर अटैक को रोका जा सकता है। आइए जानते हैं कि खासतौर पर सितंबर के महीने में अस्थमा अटैक से कैसे बचा जा सकता है:

वायु प्रदूषण से बचना
सबसे पहले तो आपको धूल-भरे वातावरण से दूर रहना है। अस्थमा के मरीजों के लिए ये बहुत जरूरी है। वायु प्रदूषकों के संपर्क में जाने से पहले अपने नाक और मुंह को ढक लें। घर में धूल-मिट्टी, सिगरेट के धुएं आदि के संपर्क में ना आएं। इन सब चीजों से अस्थमा बहुत जल्दी ट्रिगर होता है। इनकी वजह से स्वस्थ व्यक्ति को भी सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। इनसे बचकर अस्थमा के अटैक को रोका जा सकता है।

सर्दी जुकाम का इलाज
इस मौसम में सर्दी-जुकाम पैदा करने वाले कीटाणु बहुत पनपते हैं। खांसी और जुकाम अस्थमा को बहुत जल्दी ट्रिगर करते हैं। इस मौसम में अस्थमा के अटैक से बचने के लिए आपको ज्यादा सावधान रहना चाहिए। अगर आपके आसपास किसी को जुकाम हो गया है तो उससे दूर रहें। अस्थमा के मरीजों में जुकाम स्थिति को और खराब कर सकता है इसलिए इससे बचने की कोशिश करें।

दवाएं लेते रहें
किसी भी प्रकार की समस्या से बचने के लिए आपको इस मौसम में अपनी दवाओं का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। अपने साथ हमेशा इनहेलर रखें। कई बार अस्थमा के गंभीर रूप ले लेने पर डॉक्टर दो इनहेलर दवाओं की भी सलाह देते हैं। अपनी दवा की ज्यादा खुराक लेने से भी बचें।

स्मार्ट डिवाइस रखें
कई डॉक्टर स्मार्ट इनहेलर की सलाह देने लगे हैं जिसकी मदद से अस्थमा की स्थिति को ट्रैक किया जा सकता है। ये डिवाइस ब्लूटूथ टेक्नोलोजी के जरिए मोबाइल एप से कनेक्ट हो जाते हैं। ये खासतौर पर बच्चों का रियल टाइम डाटा माता-पिता और डॉक्टर तक पहुंचाता है। इसके अलावा और भी कई डिवाइस हैं जो हवा की क्वालिटी को मापते हैं।



Click it and Unblock the Notifications
