Latest Updates
-
किडनी को डैमेज कर सकती हैं रोजाना की ये 5 गलत आदतें, तुरंत करें सुधार वरना पड़ेगा पछताना -
Alvida Jumma 2026: 13 या 20 मार्च, कब है रमजान का आखिरी जुमा? जानिए क्यों माना जाता है इतना खास -
कृतिका कामरा ने गौरव कपूर संग रचाई गुपचुप शादी, सुर्ख लाल साड़ी में दिखीं बेहद खूबसूरत, देखें PHOTOS -
World Kidney Day 2026: हर साल क्यों मनाया जाता है विश्व किडनी दिवस? जानें इतिहास, महत्व और इस साल की थीम -
घर से मुस्लिम प्रेमी संग भागी महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा, केरल में रचाई शादी -
कौन हैं सायली सुर्वे? मिसेज इंडिया अर्थ 2019 ने मुस्लिम पति पर लगाए लव जिहाद के आरोप, हिंदू धर्म में की वापसी -
कौन हैं हरीश राणा, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने दी इच्छामृत्यु की अनुमति? जानिए 13 साल से कोमा में क्यों थे -
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी पर चाय पी सकते हैं या नहीं? जानें व्रत से जुड़े सभी जरूरी नियम -
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी के दिन झाड़ू लगाना शुभ या अशुभ? बसौड़ा पर भूलकर भी न करें ये गलतियां -
Sheetala Ashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है शीतला अष्टमी? जानिए सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Coronavirus: इन मटेरियल से बने face masks होते है बेहतर, जानें कैसे बनाए
कोरोना वायरस से बचने के लिए मास्क पहनना बेहद जरुरी है। मगर, कोरोना के बढ़ते कहर की वजह से देश में मास्क और सैनेटाइजर की कमी हो गई है। वहीं लॉकडाउन की वजह से लोगों को मास्क मिलने में भी काफी मुश्किलें आ रही हैं। हालांकि बहुत से लोग ऐसे हैं, जो खुद घर पर ही मास्क बनाकर इसे सुरक्षा के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं जो कि काफी अच्छी बात है। मगर, घर पर मास्क बनाते समय आपको इस बात की जानकारी होना बहुत जरुरी है कि इसके लिए कौनसा फ्रैबिक सही है। स्मार्ट एयर द्वारा किए गए एक रिसर्च में 0.02 माइक्रोन कणों को अलग-अलग मटीरियल पर टेस्ट किया गया जिससे उनकी प्रभावशीलता की तुलना की जा सके। ध्यान दें कि कोरोनावायरस सिर्फ 0.1 माइक्रोन आकार का है। इस प्रकार, नीचे बताए गए इन मटीरियल्स में 0.02 माइक्रोन कण होने की क्षमता होती है जो कोरोनावायरस कणों की तुलना में पांच गुना छोटे होते हैं।

ऐसे बनाएं घर पर मास्क
घर पर मास्क बनाते हुए कौनसा फ्रैबिक चूज करें
1. मास्क बनाने के लिए ऐसा फैब्रिक यूज करें, जो 0.02 माइक्रोन तक के कणों को रोकने में सक्षम हो, जैसे कि वैक्यूम क्लीनर बैग। यह वायरस को रोकने में 86 प्रतिशत तक काम करता है जबकि डिश टॉवल वायरस को रोकने में 73 प्रतिशत तक ही कारगार है।
2. रोगाणुरोधी तकिए यानी एंटी माइक्रोबिल कवर भी मास्क बनाने के लिए सही है। यह 0.02 माइक्रोन तक के कणों को 68 प्रतिशत तक रोकने में कारगार है।
3. सूती कपड़ा भी ऐसे सूक्ष्म कणों से लड़ने के लिए 70 प्रतिशत तक कारगर होते हैं।
4. सिल्क का कपड़ा 0.02 माइक्रोन जैसे छोटे कणों को 52 प्रतिशत तक की रोक पाता है, जबकि कॉटन टी-शर्ट भी इतनी ही कारगर हैं।
5. स्कार्फ भी 49 प्रतिशत तक की सूक्ष्म अणुओं से बचाने में कारगर है। आप चाहें तो इसे भी मास्क बनाने के लिए यूज कर सकती हैं।
6. लिनेन का कपड़ा 0.02 माइक्रोन के कणों को 62 प्रतिशत तक रोकने में सक्षम होता है जबकि आम तकिए का कवर भी 57 प्रतिशत तक कारगर है।

ऐसे बनाएं मास्क
मास्क बनाने के लिए सबसे पहले 2 पेपर किचन टॉवल लें।
उन्हें एक के ऊपर एक अच्छी तरह से मिला कर रखें।
इसके बाद इन्हें कई बार फोल्ड करेंगे।
जब ये अच्छी तरह से फोल्ड हो जाएं तब इन्हें किनारे की ओर होल्ड करें और स्टेपलर की हेल्प से स्टेपल कर लें।
इसी तरह से दूसरी ओर भी स्टेपल कर लें।
इस काम को बेहद आराम के साथ करें, नहीं तो टिशू पेपर फट भी सकता है।
एक बार दोनों किनारों को स्टेपल कर लेने के बाद रबर बैंड या हेयर बैंड लें। और इसे मास्क के दोनों ओर इस तहर से स्टेपल कर लें।
अब मास्क को खोलें और देखें कि वह सही शेप में है या नहीं ।
मास्क तैयार हो जाने के बाद चेक कर लें कि यह आपके मुंह को अच्छी तरह से कवर कर रहा है या नहीं।
इस मास्क को आप आराम से अपने पर्स या पॉकेट में कैरी कर सकते हैं। इसे एक बार पहनने के बाद सेफली डिस्पोस करना न भूलें। याद रहे कि मास्क को कभी बाहर की तरफ से हाथ न लगाएं।

इन लोगों के लिए जरुरी है मास्क लगाना
1. मेडिकल वर्कर नहीं हैं।
2. कोविड-19 से संक्रमित नहीं है।
3. संक्रमित रोगियों के निकट संपर्क में नहीं हैं।
4. कोरोना वायरस से पीड़ित मरीज की देखभाल नहीं कर रहे हैं।
5. ऐसी जगह रह रहे हैं जहां ये जानलेवा संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
6. अगर फ्लू जैसे लक्षण दिख रहे हैं तो लिए मास्क पहनना बेहद जरुरी है।



Click it and Unblock the Notifications











