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Congo Fever In Pakistan: बकरीद से पहले पाकिस्तान में मंडराया कांगो फीवर का खतरा, जानें क्या है ये आफत?
What is Cango Fever : बकरीद आने में कुछ दिन ही बचे है। कई देशों में इसकी तैयारी शुरु हो चुकी है। लेकिन इस त्योहार के बीच पाकिस्तान पर एक खतरनाक वायरस कांगो वायरस का खतरा मंडरा रहा है।
पाकिस्तान के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने वायरस से बचाव को लेकर नागरिकों के लिए सलाह भी जारी की है। आइए जानते हैं कि कांगो बुखार क्या है और यह हर साल पाकिस्तान में क्यों लौट आता है?

क्या है कांगो फीवर?
कांगो फीवर को CCFH (Crimean-Congo hemorrhagic fever) भी कहते है। यह एक वायरल बुखार है जो टिक्स से संबंधित (जानवर में पाया जाने वाला मकड़ी जैसा जीवाणु) होता है। यह नायरोवायरस द्वारा होता है। पिछले साल भी पाकिस्तान में इस वायरस का प्रकोप देखा गया था। 2023 में इस वायरस के 101 मामले मिले थे जिसमें से एक-चौथाई की मौत हो गई थी। घबराने की बात इसलिए भी है कि इस बीमारी का कोई इलाज और वैक्सीन नहीं है।
कैसे फैलता है ये?
कांगो वायरस पशुओं की चमड़ी से चिपके रहने वाले हिमोरल नाम के टिक्स (परजीवी) से इंसानों में फैलता है। इस टिक्स के काटने से संक्रमित जानवर के खून के संपर्क में आने से यह वायरस इंसानों में फैल सकता है। भेड़ और बकरियों से यह वायरस तेजी से फैलता है।
पाकिस्तान में जारी एडवाइजरी के मुताबिक, यह वायरस किसी संक्रमित व्यक्ति के रक्त या शरीर के तरल पदार्थ के सीधे संपर्क में आने से एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकता है और मौत की वजह बन सकता है।
पाकिस्तान में ही क्यों फैलता है?
1976 में पाकिस्तान पहली बार CCHF के प्रकोप में आया था। तब से, लगातार अभी तक इस देश में इसके मामले सामने आते रहते हैं। दरअसल विशेषज्ञों का मानना है इस देश के ग्रामीण इलाकों में पशुओं के रखरखाव का तरीका सही नहीं होने की वजह से यह बीमारी का खतरा बना रहता है। बकरीद के समय अलग-अलग प्रांतों पर भेड़-बकरी की खरीद फरोख्त की वजह से इस बीमारी का फैलने डर बढ़ जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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