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DRY ICE क्या होती है, जिसे माउथ फ्रेशनर समझकर खाने से 5 लोगों को हुई खून की उल्टी
gurugram restaurant mouth freshener incident : हरियाणा के गुरुग्राम के एक रेंस्तरां में डिनर के बाद माउथ फ्रेशनर खाने से 5 लोगों की मुंह में जलन और उल्टी होने लगी। बिगड़ती तबीयत की वजह से उन्हें तुरंत ही निजी अस्पताल में भर्ती कराया हैं। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है।
डॉक्टर का कहना है कि जो चीज पांचों लोगों ने खाई थी वो दरअसल ड्राई आइस है, जिसकी वजह से पीड़ितों को केमिकल बर्न और पॉइजनिंग की समस्या हो गई है। ड्राई आइस दरअसल एक तरह का कार्बन डाई ऑक्साइड का ठोस रूप होता है। इसे छूने भी खतरनाक माना जाता है लेकिन इसका इस्तेमाल कूलिंग एजेंट के तौर पर फूड इंडस्ट्री में होने लगा है।
गुरुग्राम के एक बार में माउथ फ्रेशनर खाते ही 5 लोग बीमार,खून की उल्टियां pic.twitter.com/kFanq9m2Ro
— Mukesh singh sengar मुकेश सिंह सेंगर (@mukeshmukeshs) March 4, 2024
आइए डिटेल में जानते हैं कि आखिर ये क्या चीज हैं और क्यों इसे खतरनाक माना जाता है।
क्या होती है ड्राई आइस? (What is Dry ICE)
सूखी बर्फ यानी ड्राई आइस, यह कार्बन डाई ऑक्साइड का एक ठोस रूप होता है। यह काफी ठंडी होती है। जैसे नॉर्मल बर्फ का तापमान माइनस 2-3 होता है, लेकिन इसकी सतह का टेम्परेचर माइनस 80 डिग्री तक होता है। इसकी खास बात यह होती है कि यह सामान्य बर्फ की तरह गीली नहीं होती है। अगर आप इसे देखेंगे तो यह पूरी तरह सूखी होती है। इसे छूने से मना किया जाता है। जैसे सामान्य बर्फ ज्यादा तापमान में आते ही पिघलने लगती है और पानी में बदल जाती है। लेकिन ड्राय आइस ज्यादा तापमान में आते ही धुआं बनकर उड़ जाती है। यानी यह गैस में तब्दील हो जाती है।
कहां होता है इस्तेमाल?
ड्राय आइस का इस्तेमाल कूलिंग एजेंट के रुप में किया जाता है। फूड इंडस्ट्री से लेकर मेडिकल इंड्रस्ट्री तक इसकी खूब डिमांड हैं। जैसे किसी कोल्ड स्टोरेज दवाईयों को एक से दूसरी जगह ले जाना होता है तो ऐसे में उसे ड्राय आइस के साथ पैक करके भेजा जाता है, क्योंकि ये आसानी से नहीं पिघलती हैं। इसके अलावा आप आप ऑनलाइन आइसक्रीम ऑर्डर करते हैं और आपके घर तक आइसक्रीम न पिघलें इसके लिए भी ड्राई आइस का इस्तेमाल होता है। इसके अलावा फिल्मों के शूट में बादल और धुंध का इफेक्ट देने के लिए ड्राय आइस का ही इस्तेमाल होता है।

क्यों करती हैं जहर का काम
ड्राई आइस, कार्बन डाई ऑक्साइड का एक ठोस रूप होता है। वैसे यह खतरनाक नहीं होती है लेकिन अगर गलती से इसका सेवन कर लिया जाए तो ज्यादा ठंडी होने की वजह से शरीर की कोशिकाएं मरने लगती हैं। इसलिए इसे छूने की मनाही होती है। इस वजह से इसका इस्तेमाल करने वाले इसे एयर टाइट बॉक्स में रखते हैं क्योंकि इससे गैस निकलती रहती है और ज्यादा गैस की वजह से इसमें विस्फोट होने का खतरा भी रहता है।
कैसे बनाई जाती है ये बर्फ?
ड्राय आइस को बनाने के लिए पहले कार्बन डाई ऑक्साइड को 109 डिग्री फॉरेनाइट तक ठंडा करके कम्प्रेस किया जाता है, जिससे यह गैस बर्फ का रुप धारण कर लेती है। इसके बाद इसे छोटे-छोटे या बड़े टुकड़े में काट दिया जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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