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धुंए वाला पान खाने से 12 साल की बच्ची के पेट में हुआ छेद? जानें कितना खतरनाक होता है लिक्विड नाइट्रोजन
आजकल लोग स्वाद और फैंसी खाना चखने के चक्कर में कुछ भी खा-पी रहे हैं, जो उनकी सेहत पर भारी पड़ रहा है। हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। जहां बेंगलुरु में एक शादी समारोह में लिक्विड नाइट्रोजन वाला 'स्मोक पान' खाने के बाद 12 साल की एक लड़की के पेट में छेद हो गया जिसके बाद उस लड़की की सर्जरी करवानी पड़ी।
दरअसल शादी में स्मोक पान खाने के बाद लड़की को पेट में तेज दर्द और सूजन की शिकायत होने लगी। जिसके बाद उस बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया। लड़की का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर ने बताया कि जांच के दौरान उस लड़की के पेट में एक छेद मिला जिसमें गैस भरी हुई थी।

इस हादसे की वजह से लड़की को परफोरेशन पेरिटोनिटिस नाम की एक बीमारी का शिकार हो गई है। आइए जानते हैं कि लिक्विड नाइट्रोजन क्या होता है और ये कितना खतरनाक होता है?
लिक्विड नाइट्रोजन क्या है?
लिक्विड नाइट्रोजन, नाइट्रोजन का ही लिक्विड फॉर्म यानी तरल रुप होता है। गैस से ज्यादा लिक्विड नाइट्रोजन बहुत ठंडा होता है। इसका तापमान -190 से -200 डिग्री सेल्सियस के बीच होता है। आप इसे ऐसे समझ सकते है कि यह एक लीटर लिक्विड नाइट्रोजन को परिवर्तित करने पर 700 लीटर गैस निकलती है। लिक्विड नाइट्रोजन में तेजी से भाप बनने से धुआं निकलता है। इसी वजह खाने को फैंसी बनाने के लिए इसका इस्तेमाल स्मोक पान, स्मोक बिस्किट और आइसक्रीम में किया जाता है। खाने पीने के अलावा क्रायोथेरेपी और क्रायोजेनिक्स जैसी मेडिकल ट्रीटमेंट में भी इसका इस्तेमाल किया जाता हैं।
लिक्विड नाइट्रोजन में किसी तरह के टॉक्सिन्स नहीं होते हैं। लेकिन शरीर में पहुंचकर यह ऑक्सीजन की कमी पैदा कर सकता है, जो किसी के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है।
लिक्विड नाइट्रोजन के साइड इफेक्ट
परफोरेशन पेरिटोनिटिस : लिक्विड नाइट्रोजन के सेवन से गंभीर रुप से इंटरनल ऑर्गन डैमेज हो सकता है। यह पेट में पहुंचकर लिक्विड से गैस में बदलने की वजह से पेट या आंतों में छेद कर सकता है। जिसे मेडिकल टर्म में परफोरेशन पेरिटोनिटिस कहते हैं। बेंगलुरु वाले मामले में ऐसा ही कुछ हुआ है।
ऑक्सीजन की कमी कर देता है : लिक्विड नाइट्रोजन अपने आसपास के वातावरण से ऑक्सीजन को कम कर देता है। इसके सेवन से पेट में पहुंचते ही शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने जान चली जाती है। बता दें कि कुछ वक्त पहले गुरुग्राम के एक पब में एक शख्स ने एक ड्रिंक के साथ लिक्विड नाइट्रोजन पी लिया था। जिसके बाद उसे सांस लेने में मुश्किल और पेट में दर्द होने लगा। बाद हमें उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने पाया कि उसके पेट में छेद हो गया है।
कोल्ड बर्न : लिक्विड नाइट्रोजन की ज्यादा ठंडक स्किन या म्यूकोसल लेयर पर क्रायोजेनिक बर्न या कोल्ड बर्न का कारण बन सकती है। इसका तापमान - 200 डिग्री तक होता हे। यह इतना ठंडा होता है कि इसे छूने से कोल्ड बर्न भी हो सकता है।
लिक्विड नाइट्रोजन को लेकर क्या हैं नियम?
लिक्विड नाइट्रोजन वाला खाने-पीने के आइटम का सेवन करने से पहले ध्यान रखना जरूरी है कि जब तक यह पूरी तरह धुआं बनकर नहीं उड़ जाता है तब तक इसका किसी हाल में सेवन नहीं करना चाहिए।
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 के मुताबिक, सुरक्षा की दृष्टि से किसी भी फूड आइटम या ड्रिंक से लिक्विड नाइट्रोजन के पूरी तरह धुंआ बनकर उड़ न जाए तब इसे खाने के लिए सर्व नहीं किया जा सकता है। जो लोग इस नियम का उल्लंघन कर रहे हैं, उन पर एक्शन लेने का प्रावधान भी है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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