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Macular Degeneration: 20 करोड़ लोगों को है आंखों की यह लाइलाज बीमारी, जानें इसके बारे में सबकुछ
जैसे-जैसे व्यक्ति की उम्र बढ़ती है, उसे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उसका शरीर कमजोर हो जाता है और आंखों में धुंधलेपन की शिकायत होने लगती है। थोड़ा कम दिखाई देना एजिंग प्रोसेस का ही एक हिस्सा माना जाता है और इसलिए अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, कई बार आपको ठीक तरह से दिखाई ना देना किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। आंखों से जुड़ी एक ऐसी ही बीमारी है मैकुलर डीजेनरेशन।
आज दुनियाभर में करीबन 20 करोड़ लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं और बहुत से लोगों को तो इसकी जानकारी तक नहीं है। अगर समय रहते इस पर ध्यान ना दिया जाए तो इससे व्यक्ति पूरी तरह से अंधा हो सकता है। इसका कुछ हद तक इलाज तो किया जा सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है।
तो चलिए आज इस लेख में हम आपको मैकुलर डीजेनरेशन के लक्षणों, कारणों और उसके बचाव के बारे में विस्तारपूर्वक बता रहे हैं-

मैकुलर डीजेनरेशन क्या है
मैकुलर डीजेनरेशन आंखों से जुड़ा रोग है, जिसके कारण व्यक्ति का सेंट्रल विजन को धुंधला कर सकता है। मैक्यूलर डिजनरेशन से पीड़ित लोग अपने सामने की चीज़ों को सीधे नहीं देख सकते हैं। यह मुख्य रूप से उम्र से जुड़ी समस्या है। दरअसल, उम्र बढ़ने से मैक्युला को नुकसान पहुंचता है। मैक्युला आपके रेटिना का सेंट्रल हिस्सा है। आपकी रेटिना आपकी आंख के पीछे होती है और सेंट्रल विजन को नियंत्रित करती है। मैक्यूलर डिजनरेशन से पीड़ित लोग पूरी तरह से अंधे नहीं होते हैं, क्योंकि उनकी चीजों को साइड से देखने की क्षमता ठीक होती है। यह दो प्रकार का होता है। एक ड्राई मैक्यूलर डिजनेरेशन और दूसरा वेट मैक्यूलर डिजनेरेशन। मैक्यूलर डिजनरेशन एक आंख या दोनों आंखों में विकसित हो सकता है।
मैक्यूलर डीजनरेशन कितना आम है?
मैक्यूलर डीजनरेशन के बारे में अधिकतर लोगों को जानकारी नहीं होती है, लेकिन बड़ी संख्या में लोग इससे पीड़ित हैं। लगभग 20 मिलियन अमेरिकी वयस्कों में मैक्यूलर डिजनरेशन है। ऐसा माना जाता है कि 2040 तक विश्व स्तर पर करीबन 288 मिलियन लोगों को यह बीमारी होगी।
मैक्यूलर डीजनरेशन किसे हो सकता है?
आमतौर पर, मैक्यूलर डीजनरेशन को उम्र से जुड़ी समस्या माना जाता है। यह सच है कि जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, मैक्यूलर डीजनरेशन होने की संभावना अधिक होती है। लेकिन कई कारकों के कारण लोगों में कम उम्र में ही मैक्यूलर डिजनरेशन विकसित हो सकता है।
उम्र के अलावा, मैक्यूलर डिजनरेशन के भी कुछ रिस्क फैक्टर हैं-
• मैक्यूलर डिजनरेशन की फैमिली हिस्ट्री होना
• अधिक वजन होना
• स्मोकिंग
• हाई ब्लड प्रेशर होना
• सैचुरेटिड फैट से भरपूर भोजन करना
मैक्यूलर डीजनरेशन का क्या कारण है?
मैक्यूलर डीजनरेशन तब होता है जब आपकी आंख के पीछे के मैक्युला को किसी वजह से नुकसान होने लगता है। उम्र बढ़ना भी इसका एक कारक है। इसके अलावा, डायबिटीज, सिर में चोट लगना, इंफेक्शन या डाइट में पोषक तत्वों की कमी के कारण भी मैक्यूलर डीजनरेशन की शिकायत हो सकती है।
मैक्यूलर डीजनरेशन के लक्षण क्या हैं?
मैक्यूलर डीजनरेशन से पीड़ित कई लोगों में रोग बढ़ने तक लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। मैक्यूलर डीजनरेशन बढ़ने पर आपको कुछ लक्षण नजर आ सकते हैं। मसलन-
• धुंधली दृष्टि
• आपके रंग देखने के तरीके में परिवर्तन या समस्या होना
• कम दिखाई देना
• सीधी रेखाओं का टेढ़ा-मेढ़ा या घुमावदार दिखना
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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