Latest Updates
-
बारिश में बनाएं गर्मागर्म प्याज के पकौड़े और खट्टी-मीठी इमली की चटनी, जानें आसान रेसिपी -
Sawan 2026: 4 या 5? इस बार सावन में पड़ेंगे कितने सोमवार, देखें व्रत की पूरी लिस्ट -
बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाता है जोड़ों और घुटनों का दर्द? जानें इसके पीछे के 5 कारण -
शरीर में दिखने वाले ये 7 लक्षण हो सकते हैं डायबिटीज की शुरुआत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज -
बारिश के कारण बंद हुए त्र्यंबकेश्वर के कपाट, जानें मंदिर के वो 5 रहस्य जो सभी को चौंकाते हैं -
World Chocolate Day: इन 7 लोगों को भूलकर भी नहीं खानी चाहिए चॉकलेट, लिस्ट में आपका नाम तो नहीं -
Global Forgiveness Day Quotes in Hindi: क्षमा दिवस पर कड़वाहट भूलाकर अपनों को लगाएं गले, भेजें ये विचार -
रोज सुबह खाली पेट पिएं मेथी का पानी, सेहत को मिलेंगे ये 5 जबरदस्त फायदे -
मानसून में इन 3 तरीकों से चेहरे पर लगाएं कच्चा दूध, फूल की तरह खिल उठेगी त्वचा -
मुंबई में बारिश का कहर: इस मौसम में क्यों बढ़ जाता है डेंगू-मलेरिया का खतरा? जानें लक्षण और बचाव के उपाय
Vitamin P: विटामिन ABCD तो मालूम है, कभी सुना है विटामिन P के बारे में, जानें सेहत के लिए क्यों है जरुरी
आपने विटामिन A, B, C, D, E और K के बारे में तो सुना होगा, लेकिन क्या आपने कभी 'विटामिन पी' के बारे में सुना है। दरअसल विटामिन P फाइटो न्यूट्रिएंट्स होते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर माने जाते हैं। बाकी विटामिन्स की तरह ही विटामिन पी के भी बहुत फायदे हैं।
रुटिन, हेस्परिडिन और क्वेरसेटिन जैसे बायोफ्लेवोनॉइड्स अलग-अलग तरह के फलों, सब्जियों और प्लांट बेस्ड फूड आइटम्स में पाए जाते हैं। माना जाता है कि ये शरीर को भरपूर फायदे प्रदान करते हैं।

विटामिन P नाम दिया गया
फलों, सब्जियों, चाय, कोको और वाइन में कई प्रकार के फ्लेवोनोइड पाए जाते हैं। फ्लेवोनोइड्स को बायोफ्लेवोनोइड्स के रूप में भी जाना जाता है। पहली बार जब 1930 में वैज्ञानिकों ने पहली बार संतरे से फ्लेवोनोइड्स को निकाला, तब उन्हें एक नए प्रकार का विटामिन माना गया। इसलिए उन्हें विटामिन P नाम दिया गया। इस नाम का अब उपयोग नहीं किया जाता है, क्योंकि फ्लेवोनोइड विटामिन नहीं हैं। फ्लेवोनोइड्स पौधों में मौजूद होते हैं।
ब्रेन की हेल्थ को देता है बढ़ावा
फ्लेवोनोइड्स हमारे ब्रेन की कोशिकाओं की रक्षा कर सकते हैं और ब्रेन हेल्थ को बढ़ावा दे सकते हैं। फ्लेवोनोइड्स वाली डाइट का सेवन करने से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा कम हो सकता है। प्रतिदिन 300 मिलीग्राम फ्लेवोनोइड के सेवन से डायबिटीज का खतरा 5% कम हो सकता है।
दिल की सेहत रखे दुरुस्त
फ्लेवोनोइड्स यानी विटामिन पी वाले फूड्स खाने से ब्लड वेसल्स अच्छी तरह काम करता है। यह दिल की सेहत का अच्छी तरह ख्याल रखता है। इसके सेवन से हार्ट की बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
इम्यून सिस्टम मजबूत बनाए
विटामिन पी एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है! यह शरीर को फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचा सकता है। इससे सेल्स डैमेज नहीं होता है और इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है। जिससे शरीर बीमारियों से लड़ने लायक बनता है।
एलर्जी, अस्थमा, अर्थराइटिस में मदद
एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होने के चलते विटामिन पी शरीर में इंफ्लेमेशन को कम करता है। विटामिन पी से एलर्जी, अस्थमा और अर्थराइटिस जैसी बीमारियों में आराम मिल सकता है।
आंखों के लिए लाभकारी
विटामिन पी के फूड्स खाने से आंखों की ब्लड वेसल्स को फायदा पहुंचता है। इससे हेल्दी ब्लड वेसल्स तैयार होते हैं। इससे आंखों की कई समस्या खत्म होती है और विजन में सुधार होता है।
किन चीजों से मिलता है विटामिन पी
- खट्टे फल संतरा, नींबू और आंवला
- डार्क चॉकलेट
- रास्पबेरी, ब्लूबेरी, ब्लैकबेरी और स्ट्रॉबेरी
- सेब में पाया जाने वाला क्वेरसेटिन फ्लेवनॉन विटामिन पी का अच्छा स्रोत है।
- ग्रीन टी में विटामिन पी मिलता है।
- हरी और पत्तेदार सब्जियां जैसे केल, पालक और ब्रोकली में विटामिन पी मिलता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications