पतंगबाजी करते हुए कहीं परिंदे न बन जाएं आपकी डोर का शिकार, ऐसे बचाएं बेजुबानों की जान

मकर संक्रान्ति का त्योहार अपने साथ ढेर सारी खुशियां लेकर आता है। इस दिन लोग ना केवल अपने करीबियों से मिलते हैं, बल्कि परिवार और दोस्तों के साथ पतंग उड़ाते हैं और मिठाइयों का आनंद लेते हैं। यह वह दिन होता है, जब आकाश में चारों ओर सिर्फ पतंगे उड़ती हुई ही नजर आती हैं और हम सभी इसे काफी पसंद करते हैं। इस साल भी मकर संक्रांति 2024 के दिन आसमान में पतंगें छा जाएंगी।

हालांकि, आपने कभी सोचा है कि जो आसमान पक्षियों के स्वतंत्र रूप से घूमने के लिए है, जब वहां पर हर ओर सिर्फ और सिर्फ पतंगें ही नजर आती हैं तो उन मासूम पक्षियों का क्या होता है। हम सभी हर साल पतंग व उसके धागे के कारण पक्षियों के घायल होने व उनके मरने की खबरें देखते हैं।

Browser Title What To Do To Save The Lives Of Birds From Kites On Makar Sankranti 2024 In hindi

इस दिन पक्षियों को अपने जीवन के साथ काफी संघर्ष करना होता है। लेकिन अगर आप कुछ छोटे-छोटे उपाय अपनाते हैं तो इन पक्षियों को बेवजह मरने से बचा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं इस बारे में-

पतंग से पक्षी क्यों मरते हैं?

मकर संक्रान्ति के दिन पतंगों से पक्षियों का मरना या उनका घायल बेहद ही आम बात है। इस दिन आकाश में हर ओर सिर्फ पतंगें ही नजर आती हैं। पतंगों से पक्षियों को कई तरह से नुकसान हो सकता है-
• पक्षी उड़ते समय या पेड़ों पर बैठते समय पतंग की डोर में फंस सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें चोट लग सकती है या फिर उनकी जान भी जा सकती है।
• कभी-कभी ऐसा भी होता है कि पक्षी गलती से पतंग की डोर निगल सकते हैं, जिससे उनके पाचन तंत्र में इंटरनल इंजरी हो सकती है। इतना ही नहीं, इससे ब्लॉकेज भी हो सकता है और उनकी जान जा सकती है।
• कभी-कभी ऐसा भी होता है कि पक्षी पतंगों से टकरा सकते हैं, खासकर यदि पतंगें आसानी से दिखाई न दें। इससे चोट लग सकती है या फिर उनकी मृत्यु हो सकती है।

पक्षियों की जान को बचाने के लिए क्या करें?

अब सवाल यह उठता है कि पक्षियों की जान को बचाने के लिए क्या किया जाए। इसके लिए आप कुछ छोटे-छोटे कदम उठा सकते हैं। मसलन-
• कोशिश करें कि आप पतंग को उड़ाने के लिए बायोडिग्रेडेबल डोर का इस्तेमाल करें। इस तरह की डोर आसानी से टूट जाती है। जिसके कारण पक्षियों के डोर से उलझने या फिर उन्हें चोट लगने की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है। इतना ही नहीं, इससे पर्यावरण पर भी नेगेटिव असर नहीं पड़ता है।
• कभी भी ऐसे मैटीरियल से बनी पतंग की डोर का उपयोग करने से बचें जो नुकीली हो या जिसमें मेटल के घटक हों। इस तरह की डोर पक्षियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
• कोशिश करें कि आप पतंग किसी खुली जगह पर उड़ाएं। इससे पतंग के पेड़ों या इमारतों आदि से टकराने की संभावना काफी कम हो जाती है। साथ ही साथ, इससे पक्षियों को भी नुकसान नहीं होता है।
• जब भी आप पतंग उड़ाएं तो यह अवश्य देखें कि वह स्थान कैसा है। मसलन, उस एरिया में अगर पक्षियों की बहुत अधिक आबादी है, तो एक अलग स्थान चुनें।
• जिम्मेदार पतंगबाजी को बढ़ावा देने के लिए आप कम्युनिटी प्रोग्राम का हिस्सा बनें। इसमें पक्षियों को नुकसान पहुंचाए बिना पतंग उड़ाने से जुड़ी वर्कशॉप्स या इवेंट का हिस्सा बनें। जिससे लोग पतंग उड़ाने का भी भरपूर आनंद ले पाएंगे और साथ ही साथ, पर्यावरण या फिर पक्षियों को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Saturday, January 13, 2024, 17:00 [IST]
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