क्या आप भी बड़े चाव से खाते हैं शहतूत? जानें किन लोगों को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए ये फल

Mulberry Side Effects: गर्मियों की शुरूआत हो चुकी है और बाजार में छोटे-छोटे और लाल-लाल शहतूत दिखने लगे हैं। ये खट्टे-मीठे से शहतूत खाने में बहुत ही टेस्टी होते हैं साथ ही सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है। इनमें प्रचूर मात्रा में विटामिन C, आयरन और डाइटरी फाइबर होते हैं जो हमारी हेल्थ के लिए बहुत जरूरी हैं। आयुर्वेद में भी शहतूत के कई फायदे बताए गए हैं जिससे कई प्रकार की बीमारियां कोसों दूर भागती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर किसी के लिए ये रसीला फल सुरक्षित नहीं है।

जी हां, कुछ बीमारियों में इस फल का सेवन मुसीबत का कारण बन सकता है। यदि आप भी शहतूत के शौकीन हैं, तो इसके सेवन से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि आपकी सेहत के लिए यह वरदान है या कोई बड़ी मुसीबत की शुरुआत। आइए जानते हैं किन लोगों को शहतूत से दूरी बना लेनी चाहिए और इसके अधिक सेवन से क्या नुकसान हो सकते हैं।

1. लो ब्लड शुगर के मरीज

जिन लोगों को ब्लड शुगर की समस्या है उन लोगों को शहतूत का सेवन नहीं करना चाहिए। दरअसल, इसमें ब्लड शुगर को कम करने वाले तत्व पाए जाते हैं। इस बीमारी से जूझ रहे मरीज यदि शहतूत खाते हैं तो उन्हें बेहोशी आना, चक्कर आना और कमजोरी महसूस होने जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

2. किडनी की बीमारी में

जान लें कि शहतूत में पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है जो किडनी के मरीजों के लिए अच्छी नहीं है। यदि आप किडनी संबंधी बीमारी से परेशान हैं तो भूलकर भी न खाएं शहतूत। इसमें मौजूद ऑक्सीलेट्स (Oxalates) किडनी की पथरी की समस्या को और गंभीर बना सकते हैं।

3. स्किन एलर्जी

जिन लोगों को स्किन एलर्जी की समस्या है या उनकी त्वचा बहुत ज्यादा सेंसेटिव है उन्हें भी शहतूत से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। वरन कई मामलों में स्किन पर रेशेज, एलर्जी का बढ़ना और सूजन जैसी समस्या हो सकती है।

4. पाचन संबंधी गंभीर दिक्कतें

शहतूत में फाइबर बहुत अधिक मात्रा में होता है। अगर किसी को गैस, पेट में सूजन, और पेट दर्द जैसी समस्या है तो उन लोगों को भी शहतूत नहीं खाना चाहिए। वरना आपकी समस्या और अधिक बढ़ सकती है।

5. अगर सर्जरी होने वाली हो या हुई हो तो

जिन लोगों की सर्जरी होने वाली है या हाल ही में हुई है उन्हें भी शहतूत से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। दरअसल, इसका सेवन ग्लूकोज का लेवल हाई कर देता है जिससे ऑपरेशन के दौरान या बाद में ब्लड शुगर कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Thursday, April 9, 2026, 13:11 [IST]
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