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100 Days Cough को लेकर ब्रिटेन में अलर्ट जारी, जानें वूपिंग कफ के लक्षण और बचाव
100 Days Cough : ब्रिटेन में एक बेहद संक्रामक बीमारी, 'पर्टुसिस या वूपिंग कफ' को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इस बीमारी में मरीजों को 100 दिनों तक खांसी की समस्या हो रही है। यह बीमारी फेफड़ों में संक्रमण की वजह से होती है। इस समस्या में शुरुआत में सामान्य सर्दी जुकाम के लक्षण दिखाई देते हैं और फिर खांसी की समस्या होती है, जो तीन महीने या करीब 100 दिनों तक चलती है। इसे वैसे सामान्य भाषा में काली खांसी भी कहते हैं।

तेजी से बढ़ रहे मामले
ब्रिटेन की हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने बताया कि जुलाई से नवंबर के बीच देश में 716 मामले पर्टुसिस के पाए गए। इस बीमारी में फेफड़ों में संक्रमण हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान इस बीमारी के मामले घट गए थे क्योंकि उस दौरान लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया और लॉकडाउन भी था। अब चूंकि कोरोना महामारी का प्रकोप खत्म हो गया है तो फिर से पर्टुसिस के मामले बढ़ने शुरू हो गए हैं।
खांसी के साथ हो रही हैं ये समस्याएं
मरीजों को हर्निया, पसलियों में दर्द, कान में संक्रमण और पेशाब में परेशानी जैसी समस्याएं भी हो रही हैं। इस बीमारी के लिए वैक्सीन उपलब्ध है और इससे बचाव संभव है।
संक्रामक है ये खांसी
काली खांसी पैदा करने वाले बैक्टीरिया खांसने और छींकने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैलते हैं। कुछ लोगों में हल्के लक्षण होते हैं और उन्हें पता नहीं होता कि उन्हें काली खांसी है, लेकिन फिर भी वे इसका कारण बनने वाले बैक्टीरिया को बच्चों सहित दूसरों में फैला सकते हैं।
वैक्सीन है बचाव
बता दें कि पर्टुसिस बीमारी में मरीज के फेफड़ों और सांस की नली में संक्रमण हो जाता है। 50 के दशक में इस संक्रमण के चलते बड़ी संख्या में बच्चों की मौत हुई थी लेकिन 1950 में इसकी वैक्सीन आने पर इसके मामले घट गए। अब बच्चों के साथ ही व्यस्कों में भी अब इस बीमारी के मरीज दिख रहे हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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