Latest Updates
-
Periods Delay Pills: पीरियड्स टालने वाली गोलियां बन सकती हैं जानलेवा, इस्तेमाल से पहले जान लें ये गंभीर खतरे -
वजन घटाने के लिए रोज 10K कदम चलना सबसे खतरनाक, एक्सपर्ट ने बताए चौंकाने वाले दुष्परिणाम -
Maharana Pratap Jayanti 2026 Quotes: महाराणा प्रताप की जयंती पर शेयर करें उनके अनमोल विचार, जगाएं जोश -
Shani Gochar 2026: रेवती नक्षत्र में शनि का महागोचर, मिथुन और सिंह सहित इन 5 राशियों की लगेगी लॉटरी -
Aaj Ka Rashifal 9 May 2026: शनिवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी शनिदेव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेंगे सितारे -
Mother Day 2026: सलाम है इस मां के जज्बे को! पार्किंसंस के बावजूद रोज 100 लोगों को कराती हैं भोजन -
Aaj Ka Rashifal 08 May 2026: शुक्रवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, जानें अपना भाग्यशाली अंक और रंग -
Mother’s Day 2026: इस मदर्स डे मां को दें स्टाइल और खूबसूरती का तोहफा, ये ट्रेंडी साड़ियां जीत लेंगी उनका दिल -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर से बचने के लिए महिलाएं करें ये काम, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर होने पर शरीर में दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, तुरंत करवाएं जांच
शादी में दूल्हा-दुल्हन को क्यों लगाई जाती है हल्दी? जानें इसके पीछे का विज्ञान
Why do we apply haldi to the bride and groom before wedding : वेडिंग सीजन शुरू हो चुका है। शादी के बंधन में बंधने से पहले दूल्हा और दुल्हन को हल्दी लगाई जाती है। आजकल जहां हल्दी लगाने की परांपरा मात्र रस्म बनकर रह गई है जबकि पुराने जमाने में शादी से 10 से 15 दिन पहले हल्दी लगाने की रस्म शुरू हो जाती थी।
वैसे आपको बता दें कि शादियों में हल्दी की रस्म का महत्व केवल परंपरा और रीति-रिवाज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरे वैज्ञानिक और सांस्कृतिक कारण भी हैं। आइए जानते हैं शादी में हल्दी लगाने की रस्म की पीछे की वजह।

हल्दी लगाने के फायदे
शादी के अवसर पर हल्दी का इस्तेमाल इसलिए भी किया जाता है क्योंकि यह त्वचा को संक्रमण से बचाने के साथ-साथ उसे डिटॉक्स भी करती है। हल्दी त्वचा की गहराई में जाकर उसे साफ करती है और चमकदार बनाती है। साथ ही इसके आरामदायक गुणों से शरीर रिलेक्स होता है, जिससे शादी के समय होने वाली तनाव और नर्वसनेस भी कम हो जाती है। हल्दी का यह रस्म सिर्फ परंपरा ही नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक उपचार भी है जो मन और शरीर दोनों को सुकून और ऊर्जा देता है।
हल्दी की रस्म की धार्मिक मान्यता
हिंदू धर्म में शादी एक पवित्र और आध्यात्मिक बंधन माना गया है। इसमें देवी-देवताओं की कृपा और आशीर्वाद को अत्यधिक महत्व दिया जाता है। भगवान विष्णु को वैवाहिक जीवन का संरक्षक माना जाता है।
पीला रंग भगवान विष्णु का प्रिय रंग है, जो पवित्रता, समृद्धि और शुभता का प्रतीक है क्योंकि यह शुद्धिकरण, शुभता और स्वास्थ्य का प्रतीक है। यही कारण है कि शादी की रस्मों में हल्दी और पीले रंग को विशेष स्थान दिया गया है। दूल्हा और दुल्हन इस रस्म के दौरान पीले कपड़े पहनते हैं, जो इस शुभ अवसर की पवित्रता और उल्लास को और अधिक बढ़ाता है।
स्किन केयर में वरदान
त्वचा की देखभाल में हल्दी का महत्व बहुत हरा है। ब्यूटिशियन प्राची गोस्वामी बताती है कि आजकल ब्यूटी ट्रीटमेंट में कई तरह स्किन केयर ट्रीटमेंट मार्केट में अवेलेबल है। मगर शादियों में हल्दी का अलग ही महत्व है। हल्दी, विशेष रूप से उबटन के रूप में, त्वचा की समस्याओं का प्राकृतिक समाधान है। पुराने समय में ब्यूटी पार्लर और स्किन केयर ट्रीटमेंट का ट्रेंड नहीं था, तो दुल्हन के लिए हल्दी से खासतौर पर उबटन तैयार किया जाता था। शादी से पहले कई दिनों पहले दुल्हन की हल्दी का उबटन लगाना शुरु कर दिया जाता था। इसे पीठी लगाना भी कहा जाता था। शादी के दिन दुल्हन का रंग खुलकर सामने आ सकें इसलिए सिर से लेकर पांव तक दुल्हन को हल्दी लगाई जाती थी।
में हल्दी का उपयोग एक प्राकृतिक शुद्धिकरण एजेंट की तरह काम करता है। इसमें मौजूद करक्यूमिन नामक तत्व एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर है, जो त्वचा को दाग-धब्बों, खुजली और संक्रमण से बचाता है। यह न केवल बाहरी सुंदरता को निखारता है, बल्कि त्वचा की भीतरी सेहत को भी बनाए रखता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications