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'जैन' धर्म में सूर्यास्त के बाद क्यों नहीं खाया जाता है खाना, क्या है चौविहार प्रैक्टिस? आप भी जानें..
Why Jains not eat food after sunset : जैन धर्म में इस तरह की फास्टिंग को चौविहार कहा जाता है। जिसका अर्थ है सूर्यास्त के बाद से अगले दिन सूर्योदय तक कोई भी भोजन या कोई भी तरल पदार्थ नहीं लेना। कई जैन रोज़ाना इसका अभ्यास करते हैं। पर्यूषण के दौरान जैनी इस फास्टिंग को फॉलो करते हैं। वैसे आधुनिक विज्ञान में कहा गया है कि, देर से खाना खाने से कई क्रॉनिक बीमारियां हो सकती हैं।
रात में भोजन ग्रहण नहीं करने के पीछे पहली वजह अहिंसा और दूसरी सेहत है आइए जानते हैं जैन धर्म में चौविहार फास्टिंग के फायदे।

मेटाबॉलिज्म रहता है तेज
जैन लोग मानते हैं कि हमारा पाचन तंत्र भी सूर्य की रोशनी में खुलता है और अस्त होने पर बंद हो जाता है। ऐसे में शरीर को भोजन से जो ऊर्जा मिलनी चाहिए वह नहीं मिलती और भोजन नष्ट हो जाता है। रात में पाचन क्रिया धीमी हो जाती है। यदि वे रात में भोजन करते हैं, तो भोजन ठीक से पच नहीं पाता है और इससे उन्हें स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इस वजह से सूर्यास्त के बाद जैनी भोजन नहीं करते हैं।
आध्यात्मिकता
जैन धर्म के लोग रात का समय आध्यात्मिक चिंतन और ध्यान के लिए सबसे अच्छा मानते हैं। ऐसे में उनका तर्क होता है कि रात्रि भोज करने से ध्यान केंद्रित करने में मुश्किलें आती हैं।
आत्म-संयम पर जोर
जैन धर्म आत्म-संयम पर बहुत ज़ोर देता है। माना जाता है कि रात में भोजन करने से इच्छाशक्ति कमजोर होती है और इस वजह से वासना और क्रोध जैसी भावनाओं पर नियंत्रण रखने में मुश्किल होती है।
सेहत भी है वजह
कुछ जैन मानते हैं कि रात में भोजन करने से मोटापा, मधुमेह और हृदय रोग जैसी खतरनाक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए रात को भोजन करने से बचना चाहिए।
क्या कहता है इसे लेकर साइंस
दरअसल साइंस में भी कहा गया है कि कीटाणु और रोगाणु जिन्हें हम सीधे तौर पर देख नहीं सकते ऐसे बैक्टीरिया रात्रि में तेजी से फ़ैलते हैं। ऐसे में सूर्यास्त के बाद खाना बनाने और खाने से ये बैक्टीरिया भोजन में प्रवेश करके आपको बीमार बना सकते हैं। भोजन के जरिए ये जीव पेट में चले जाते हैं और बीमारियों का कारण बनते हैं। वहीं जैन धर्म में इसे हिंसा माना गया है इसलिए रात्रि में भोजन को जैन धर्म एवं आयुर्वेद में निषेध बताया गया है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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