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7 टिप्स ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिये
ब्रेस्ट कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन खासतौर पर 40 साल की उम्र के बाद इसका खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में साल में एक बार चेकअप करवाते रहने के अलावा और भी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। एक अनुमान के अनुसार यदि आप 30 साल की हैं तो आपको 229 में से 1 प्रतिशत चांस है कि आपको ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है, यदि आपकी उम्र 40 के आस-पास है तो आपको ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा 68 में से 1 प्रतिशत है और अगर आपकी उम्र 50 पार है तो आप 37 में से 1 प्रतिशत चासं रखती हैं।
यदि आपके परिवार में कोई महिला पहले से ब्रेस्ट कैंसर से पीडित हो चुकी है तो, आपको भी ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा कई गुना बढ जाता है। देखा गया है कि ब्रेस्ट कैंसर से पीडित 20-30 प्रतिशत महिलाओं के रिश्तेदारों को यह बीमारी पहले भी हो चुकी थी। ब्रेस्ट कैंसर के फैलने का खतरा ज्यादातर हमारी खराब डाइट, खूब ज्यादा धूम्रपान करने, ड्रग्स और मोटापे की वजह से होता है।
आकड़ों की मानें तो भारत में फिलाहल 22 महिलाओं में से एक महिला ब्रेस्ट कैंसर की मरीज है। डॉक्टरों के सामने हर साल ब्रेस्ट कैंसर के तकरीबन 75 हजार नए मामले सामने आ रहे हैं। यहां पर 7 तरीके दिये जा रहे हैं जिससे आप ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क कम कर सकती हैं।

व्यायाम
हजारो महिलाओं पर रिसर्च कर के यह पता लगाया गया कि जो महिलाएं रोजानाा व्यायाम करती हैं, उन्हें ब्रेस्ट कैंसर होने का रिस्क कम होता है। आपको हफ्ते में पांच दिन करीबन 30 मिनट के लिये वॉकिंग करनी चाहिये। अगर वॉक का समय ना हो तो घर पर ही कुछ हल्की फुल्की एक्सरसाइज करें।

मोटापा कंट्रोल करें
ब्रेस्ट कैंसर का बड़ा खतरा तब होता है जब आप मेनोपॉज से गुजर रही होती हैं। रिसर्च बताती है कि 18 साल की उम्र से बढ़ा 30 किलो वजन आपको रिस्क में डाल सकता है। ज्यादा वजन शरीर में एस्ट्रोजन को बढ़ा देता है जो कि कैंसर को पैदा करता है।

वसा को दूर कीजिये
खाने को हमेशा सूरजमुखी, जैतून तेल या सरसों के तेल में बनाइये जो कि अनसैच्युरेटेड फैट होते हैं। रोजाना 5 ग्राम अनसैच्युरेटेड फैट वाला तेल के सेवन से 45 प्रतिशत चांस है कि आप ब्रेस्ट कैंसर से बच सकेगीं। आपको जानकर हैरानी होगी कि इटली, ग्रीस और स्पेन में ब्रेस्ट कैंसर के बहुत ही कम रोगी मिलेगें क्योंकि वे खाने में रोज वसा रहित तेल का यूज करते हैं।

खूब सारे फल और सब्जियां खाइये
फूलगोभी, पत्तागोभी, ब्रोकोली, अंकुरित आदि समान सी दिखने वाली और एक ही परिवार की सब्जियां हैं। इन हरी सब्जियों में कैंसर से लड़ने के गुण की वजह से यह स्तनों के लिये बहुत अच्छी मानी जाती हैं। इनमें आइसोथियोसाइनेट, रसायन होता है जो कि कार्सिनोजेन को विखंडित कर देता है।

सोया का सेवन
रोजाना सोया मिल्क या टोफू का सेवन करने से एट्रोजेन का प्रभाव कम पड़ता है। इससे आप ब्रेस्ट कैंसर से बची रह सकती हैं।

स्तनपान
स्तनपान करवाने से ना केवल बच्चे की ही सेहत सुधरती है बल्कि इससे मां को एस्ट्रोजेन के लेवल को कम करने में भी मदद मिलती है। रिसर्च के मुताबिक अगर शहरों कि महिलाएं अपने बच्चे को स्तनपान करवाएं तो उनके ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा टल जाता है।

मत कीजिये स्मोकिंग
कम उम्र में यदि किसी लड़की ने स्मोकिंग करना शुरु कर दिया तो वह ब्रेस्ट कैंसर के चपेट में जल्द आ जाएगी। इसके अलावा जवान लड़की अगर पैसिव स्मोकिंग के जाल में भी फस गई तो भी उसे खतरा है। यदि आप स्मोकिंग करने वाले पति या पिता हैं तो, अपनी पत्नी और बेटी के लिये स्मोकिंग छोड़ दीजिये।



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