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बचके रहिए! ये फूड बढ़ाते है पीसीओएस के खतरे
महिलाओं को तो वैसे कई हेल्थ प्रॉब्लम से जूझना पड़ता है लेकिन जो आज कल आम बीमारी है वह है, ओवरी मे सिस्ट होने की। कभी-कभी, ओवरी की भीतरी सतहों पर पानी से भरी थैलियां सी बन जाती हैं, जिन्हें सिस्ट कहा जाता है।
अनचाहे बाल, लगातार बढ़ता वजन और अनियमित पीरियड्स जैसे लक्षणों को अनदेखा न करें। यह पीसीओएस नाम की बीमारी के शुरुआती लक्षण भी हो सकते हैं। बांझपन और कैंसर तक का खतरा पैदा करने वाली ये बीमारी हार्मोन्स की अनियमिताओं की वजह से होता है।
क्या आप जानते हैं कि कुछ विशिष्ट फूड के सेवन से भी हार्मोन्स से संबंधित समस्या यानी पीसीओएस हो सकता है, अगर विश्वास नहीं हो रहा तो आइए जानें।

पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम
उन महिलाओं में इस समस्या की आशंका सबसे ज्यादा होती है, जिन्हें असामान्य मासिक धर्म हो या उन्हें मासिक धर्म बिल्कुल भी न हो। पीसीओएस के कारण अंडे के निर्माण में बाधा पैदा होती है और फिर धीरे-धीरे वजन भी बढ़ने लगता है। अगर पीसीओएस का शुरू में पता न चल पाए और इलाज न हो पाए तो बांझपन की समस्या के साथ-साथ महिला को टाइप 2 मधुमेह और अत्यधिक कोलेस्ट्रॉल की शिकायत भी हो जाती है। और अगर सिस्ट लंबे समय तक अंडाशय में ही रहे तो कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन पीसीओएस के इलाज के लिए दवाएं भी उपलब्ध हैं।

इन्फर्टिलिटी और कैंसर का खतरा
उन महिलाओं में इस समस्या की आशंका सबसे ज्यादा होती है, जिन्हें असामान्य मासिक धर्म हो या उन्हें मासिक धर्म बिल्कुल भी न हो। पीसीओएस के कारण अंडे के निर्माण में बाधा पैदा होती है और फिर धीरे-धीरे वजन भी बढ़ने लगता है। अगर पीसीओएस का शुरू में पता न चल पाए और इलाज न हो पाए तो बांझपन की समस्या के साथ-साथ महिला को टाइप 2 मधुमेह और अत्यधिक कोलेस्ट्रॉल की शिकायत भी हो जाती है। और अगर सिस्ट लंबे समय तक अंडाशय में ही रहे तो कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन पीसीओएस के इलाज के लिए दवाएं भी उपलब्ध हैं।

रेड मीट
रेट मीट यानी मटन में सैचुरेटेड फैट्स होते हैं जो एस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ाते हैं जिससे वजन बढ़ने और पीसीओएस होने की संभावना बढ़ जाती है।

प्रोसेस्ड फूड
शरीर में सूजन बढ़ना पीसीओएस होने का यह एक मुख्य कारण है। और प्रोसेस्ड फूड में मौजूद केमिकल्स, प्रिजर्वेटिव और एडिटिव चीजों के कारण शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ता है, जिसके कारण शरीर में सूजन बढ़ती है।

सफेद चीनी
सफेद चीनी की अधिक मात्रा का सेवन करने से शरीर में इन्सुलिन का स्तर बढ़ जाता है और इससे पीसीओएस होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए अपने आहार में सफेद चीनी का इस्तेमाल कम से कम करने की कोशिश करें।

कैफीन
अधिक मात्रा में कॉफी के सेवन से पीसीओएस की संभावना बढ़ जाती है। कॉफी में मौजूद कैफीन एस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ाता है जो पीरियड्स के साथ-साथ महिलाओं की प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित करता है।

अल्कोहल
अल्कोहल का अधिक मात्रा में सेवन करने से हार्मोन्स में असंतुलन आने लगता है और इससे शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ जाता है। इससे महिलाओं में पीसीओएस की संभावना बढ़ जाती है।



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