अलर्ट! आयरन डिफेंसी से शरीर में हो सकती है खून की कमी

एनीमिया होने का मुख्य कारण शरीर में आयरन की कमी होना है विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और युवा लड़कियों में।

By Radhika Thakur

आयरन एक खनिज है जो आपके स्वास्थ्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एनीमिया होने का मुख्य कारण शरीर में आयरन की कमी होना है विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और युवा लड़कियों में।

क्योंकि प्रारंभ में आयरन की कमी के लक्षण स्पष्ट रूप से नहीं दिखाई देते अत: प्रारंभिक अवस्था में इसका पता लगाना बहुत कठिन हो जाता है। यहाँ तक कि कुछ ध्यान देने योग्य लक्षण होने पर भी हम इन लक्षणों को थकान के लक्षण समझकर इस पर ध्यान नहीं देते।

सामान्यत: आयरन की कमी का पता तब चलता है जब खून में हीमोग्लोबिन की जांच की जाती है। आयरन की कमी का शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है यह जानना बहुत महत्वपूर्ण है ताकि आप स्वस्थ और फिट रह सकें।

आयरन की कमी के लक्षण विभिन्न व्यक्तियों में भिन्न भिन्न होते हैं जो इस कमी की गंभीरता पर भी निर्भर करते हैं। जब आपके खून में आयरन की कमी हो जाती है तो इसका दुष्परिणाम आपके शरीर के उतकों को होने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति पर भी पड़ता है।

हीमोग्लोबिन के उत्पादन हेतु आयरन बहुत आवश्यक होता है। हीमोग्लोबिन शरीर में ऑक्सीजन प्रवाह का काम करता है। आयरन की कमी या एनीमिया के लक्षण ऑक्सीजन की कमी से संबंधित होते हैं।

सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार 19 से 50 वर्ष उम्र की महिलाओं को प्रतिदिन 18 मिलीग्राम आयरन की आवश्यकता होती है। इस लेख में हमने आयरन की कमी के कुछ लक्षणों के बारे में बताया है।

 बाल झड़ना:

बाल झड़ना:

क्या रोजाना आपके 100 से भी अधिक बाल झड़ते हैं? तो यह आयरन की कमी का संकेत हो सकता है। जब हेयर फॉसिल्स (बालों के कूप) तक ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाती तो इसके कारण बालों के बनने और विकास की सामान्य प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसके कारण बाल असामान्य तरीके से गिरते हैं।

लगातार इंफेक्शन (संक्रमण) होना:

लगातार इंफेक्शन (संक्रमण) होना:

प्रतिरक्षा तंत्र को स्वस्थ रखने में आयरन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर शरीर में संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है। प्रतिरक्षा तंत्र को मज़बूत बनाये रखने के लिए प्लीहा को ऑक्सीजन की उचित आपूर्ति होना महत्वपूर्ण है।

सिरदर्द:

सिरदर्द:

सामान्यत: जिन लोगों में आयरन की कमी होती है उन्हें अक्सर सिरदर्द की समस्या होती है। क्योंकि शरीर में आयरन खनिज की कमी होती है अत: शरीर के उतकों में उचित रूप से रक्त प्रवाह नहीं हो पाता। अत: रक्त प्रवाह के प्रभावित होने के कारण सिरदर्द और चक्कर आने की समस्या होती है।

त्वचा फीकी पड़ना:

त्वचा फीकी पड़ना:

त्वचा फीकी होना आयरन की कमी का सबसे मुख्य लक्षण है जो आपको शरीर में आयरन की कमी होने की चेतावनी देता है। कुशल डॉक्टर आपकी त्वचा, जीभ और आँखें देखकर ही आयरन की कमी का पता लगा लेते हैं।

 रेस्टलैस लेग सिंड्रोम:

रेस्टलैस लेग सिंड्रोम:

ऐसा व्यक्ति जिसके शरीर में आयरन की कमी होती है उन्हें रेस्टलैस लेग सिंड्रोम होने की संभावना अधिक होती है। यह एक बीमारी है जिसके कारण आप स्थित रूप से नहीं बैठ पाते। इस बीमारी से ग्रसित लगभग 20% लोगों में आयरन की कमी पाई गयी।

जीभ में सूजन:

जीभ में सूजन:

ऑक्सीजन की कमी के कारण मांसपेशियां फूल जाती हैं और आपकी जीभ पर यह स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। आयरन की कमी से मायोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है जो आपकी मांसपेशियों को सहायता देता है। इसके कारण मुंह के किनारों पर दरारें भी पड़ जाती हैं।

नाख़ून कमज़ोर होना:

नाख़ून कमज़ोर होना:

नाज़ुक नाखून आयरन की कम एक एक विशिष्ट लक्षण है। अच्छी मैनीक्योर के लिए सैलून जाने से पहले नाखूनों की कमजोरी का कारण जानने के लिए डॉक्टर से परामर्श करें। आयरन की कमी का यह सबसे विशिष्ट लक्षण है जिसके बारे में जानना बहुत महत्वपूर्ण है ताकि आप मेडिकल एक्सपर्ट (चिकित्सा विशेषज्ञ) की राय ले सकें।

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