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स्टडी: 'टाइप-2 डाइबिटिज' की वजह से भी हो सकता है Irregular Periods
महिलाओं में होने वाली अनियमित माहवारी की समस्या की वजह टाइप-2 डायबिटीज भी हो सकता है। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो में हुई एक नए स्टडी के अनुसार मोटापे की समस्या से पीड़ित उम्रदराज महिलाओं में पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम ( PCOS) जैसे पीरियड्स से जुड़े खतरे होते हैं। इस वजह से डायबिटिज जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
इस स्टडी के लिए ने उन लड़कियों के पीरियड की अनियमितता की फ्रीक्वेंसी का मूल्यांकन किया गया, जिन्हें हाल ही में डायबिटीज की बीमारी हुई है। रिसर्चर्स ने पाया कि स्टडी में शामिल 20 फीसदी से ज्यादा लड़कियों के पीरियड अनियमित थे, उन लड़कियों में से कई में टेस्टोस्टेरोन का स्तर भी ज्यादा था।
लगातार अनियमित पीरियड की वजह से दर्दनाक और भारी मात्रा में रक्तस्त्राव के साथ फैटी लीवर डिजीज, बांझपन और गर्भाशय की बीमारी भी हो सकती है। आइए जानते है कि कुछ ऐसे घरेलू उपायों के बारे में जो अनियमित माहवारी से छुटकारा दिलाते है।

पीसीओएस और डायबिटिज में संबंध?
पीसीओएस एक हार्मोनल डिसऑर्डर है इस स्थिति मे महिलाओं के अंडाशय या ओवरी (ovary) के किनारों पर पर छोटे सिस्ट्स (cysts-गांठ) पैदा हो जाते हैं और ये सामान्य अण्डोत्सर्ग की प्रक्रिया को जटिल बना देते हैं। इसकी वजह से इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ावा मिलता है जिस वजह से आगे चलकर 'टाइप टू डायबिटिज' की पहचान होती है।

रहे हाइड्रेड
दिन की शुरुआत हमेशा ही पानी पीकर करें। सुबह उठते ही खाली पेट 1 से 2 गिलास पानी पीएं। पूरे दिन में 8 से 10 गिलास पानी जरूर पीएं। इससे शरीर के टॉक्सिंस निकल जाते हैं और आप फिट एंड फाइन रहते हैं और पीरियड भी रैगुलर आते हैं।

मसालेदार खानों से करें परहेज
मसालेदार और गर्म खाद्य पदार्थ, फास्ट फूड, डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों और ऐसे अन्य जंक फूड खाने से बचे क्योंकि इसमें पोषक तत्वों की कमी होती है। संतुलित और पौष्टिक आहार खाया जाना चाहिये। फल, अनाज, सब्जियां, मीट, दाल और डेयरी प्रोडक्ट जरुर खाएं।

गाजर और चुकंदर का रस
आप अनियमित महावारी को गाजर और चुकन्दर के रस को पी कर भी ठीक कर सकती हैं। हर दिन 3 महीने तक इनके जूस को पीजिये और लाभ उठाइये।

जीरा
जीरे का पानी पीने से मासिक तो नियंत्रित होता ही है साथ में उससे होने वाले दर्द से भी आराम मिलता है। इससे आपको आयरन मिलता है जो महिलाओं में पीरियड्स के दौरान कम हो जाता है। एक चम्मच जीरे में साथ 1 चम्मच शहद का सेवन हर रोज़ करें।

पपीता
इसमें ढेर सारा पोषण, एंटीऑक्सीडेंट और बीमारी को ठीक करने वाले गुण होते हैं। कच्चे पपीते का सेवन मासिक धर्म से जुड़ी हर समस्या से निजात दिलाता है।

तुलसी
तुलसी पीरियड्स को रेगुलर करने के लिये एक चम्मच तुलसी के रस के साथ 1 चम्मच शहद मिला कर सेवन करें। इससे पीरियड्स रेगुलेट हो जाते हैं।

धनिया या सौंफ
धनिया या सौंफ धनिया या सौंफ के बीज का काढा रोज दिन में एक बार पियें। इन सामग्रियों को रात भर पानी में भिगो कर सुबह पानी छान कर खा लेना चाहिये।

तिल और गुड़
अनियमित मासिक धर्म की समस्या से निजात पाने के लिए गुड़ के साथ काले तिल का सेवन करें। इसके लिए एक बर्तन में पानी को उबालने के लिए रख दें और उसमें काला तिल डाल दें। थोड़ी देर का बाद पानी को उतार लें और थोडा गुनगुना रहने पर इसका सेवन करें। गुड़ और काले तिल के इस मिश्रण के सेवन पीरियड नियमित होने वाले है।



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