Latest Updates
-
Mahavir Jayanti 2026: महावीर जयंती कब है? जानें तिथि, महत्व और भगवान महावीर के प्रमुख सिद्धांत -
कौन थे राहुल अरुणोदय बनर्जी? शूटिंग के दौरान डूबने से हुई मौत, 43 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा -
बिग बॉस फेम रजत दलाल ने रचाई गुपचुप शादी, फोटोज पोस्ट करके सबको किया हैरान, जानें कौन है दुल्हन? -
Vastu Tips: घर में आर्थिक संकट आने से पहले दिखते हैं ये संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज -
40 की उम्र में दूसरी बार मां बनीं सोनम कपूर, सोशल मीडिया पर दी खुशखबरी, जानिए बेटा हुआ या बेटी -
घर में छिपकलियों ने मचा रखा है आतंक? भगाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, फिर कभी नहीं दिखेंगी दोबारा -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes In Marwari: आ धरती म्हारे राजस्थान री...इन मारवाड़ी मैसेज से अपनों को दें बधाई -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes: मरुधरा की रेत...राजस्थान दिवस के मौके पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 30 March 2026: सोमवार को महादेव बरसाएंगे इन 4 राशियों पर कृपा, जानें अपना भाग्यफल -
Yoga For Arthritis: गठिया के दर्द से हैं परेशान तो रोज करें ये 5 योगासान, जल्द ही मिलेगी राहत
सारा अली खान को PCOD की समस्या, जानें इस बीमारी के बारे में
आज के समय में पॉलीसिस्टक ओवरी डिसऑर्डर की समस्या महिलाओं में आम हो गयी है। अनियमित पीरियड्स की समस्या के अलावा भी इसमें दूसरी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वैश्विक स्तर पर 10 में से 1 महिला PCOD और PCOS की समस्या से ग्रसित है। वहीं पूरी दुनिया में ऐसी महिलाओं की संख्या 10 मिलियन है।

हाल ही में, एक चैट शो के दौरान सैफ अली खान और अमृता सिंह की बेटी सारा अली खान ने भी इस बात का खुलासा किया कि उन्हें PCOD की समस्या थी, जिसकी वजह से उनका वज़न लगातार बढ़ रहा था। बॉलीवुड में डेब्यू करने जा रही सारा ने अपनी मौजूदा फिगर पाने के लिए काफी मेहनत की है। स्टूडेंट लाइफ से फ़िल्मी राह पर चलने का सफर रातों रात पूरा नहीं हुआ है।
गौरतलब है कि महिलाओं में सिर्फ वज़न बढ़ना ही इस बीमारी का लक्षण नहीं है। इसके और भी कई संकेत है जिनकी तरफ हम ध्यान नहीं देते हैं और खुद को खतरे में डालते हैं।

ये है क्या?
PCOS या फिर पॉलीसिस्टक ओवरी सिंड्रोम एक तरह का डिसऑर्डर है जो हार्मोनल असंतुलन के कारण होता है। ये आमतौर पर उन महिलाओं में पाया जाता है जिनके पीरियड्स रेगुलर नहीं होता हैं। वो महिलाएं जो 40 से कम की उम्र की हैं और जिनके परिवार में डायबिटीज का इतिहास रहा है, उनमें भी PCOS का खतरा ज़्यादा रहता है। PCOS के पीछे कोई एक कारण नहीं है लेकिन किसी व्यक्ति में जींस, इन्सुलिन रेजिस्टेंस आदि फैक्टर PCOS के स्तर को प्रभावित करते हैं।

PCOS से कैसे अलग PCOD?
कई लोगों में ये ग़लतफहमी है कि पॉलीसिस्टक ओवरी डिसऑर्डर (PCOD) और पॉलीसिस्टक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) एक ही हैं। लेकिन ये सच नहीं है। दोनों ही बीमारियां ओवरी से जुड़ी हुई है लेकिन PCOD सिस्टम डिसऑर्डर की वजह से होता है तो वहीं PCOS हार्मोन्स में असंतुलन की वजह से। इन दोनों ही स्थिति में छोटा सिस्ट ओवरी में बन जाता है लेकिन PCOD ज़्यादा खतरनाक है। ये सिर्फ पीरियड्स को ही प्रभावित नहीं करता बल्कि इन्सुलिन लेवल, वज़न और फर्टिलिटी हार्मोन्स पर भी असर डालता है। PCOS की तुलना में PCOD ज़्यादा कॉमन है।

क्या हैं इसके लक्षण?
PCOD और PCOS के लक्षण समान ही हैं जिन्हें ज़्यादातर मौकों पर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। अनियमित पीरियड्स की तीन साइकिल के अलावा यदि आप इनमें से कोई संकेत देख रही हैं तो समय रहते टेस्ट ज़रूर करवा लें:
ओवरियन सिस्ट
वज़न घटाने या बढ़ाने में परेशानी
एक्ने के साथ ऑयली स्किन
डैंड्रफ
बालों का पतला होना
शरीर पर ज़्यादा बाल बढ़ना
इनफर्टिलिटी
चहलकदमी करने में दिक्कत
पेल्विक में दर्द

कैसे होता है इसका इलाज? क्या ये पूरी तरह से ठीक होता है?
PCOD और PCOS दोनों ही लाइफस्टाइल से संबंधित बीमारी है जो आपके गलत डाइट और शारीरिक गतिविधियों की कमी की वजह से होता है। अगर समय पर ट्रीटमेंट नहीं किया गया तो इस समस्या के नतीजे काफी खतरनाक हो सकते हैं। इसकी वजह से महिलाओं को कंसीव करने में दिक्कत आती है। PCOS से प्रभावित महिलाओं में गर्भपात का खतरा भी ज़्यादा रहता है।
अगर आप PCOS को ठीक करना चाहते हैं तो सबसे पहले अपनी डाइट और लाइफस्टाइल को बेहतर बनाएं। कार्ब्स युक्त चीज़ों का सेवन कम करें और अच्छी डाइट फॉलो करें। ऐसा करने से आपको वज़न कम करने और पीरियड्स को सामान्य करने में मदद मिलेगी। अगर लाइफस्टाइल में बदलाव करके इसके लक्षण में सुधर नहीं आता है तो इसके लिए आप मेडिकल ट्रीटमेंट ले सकते हैं।



Click it and Unblock the Notifications











