Latest Updates
-
Birthday Wishes for Boss: बॉस के बर्थडे पर भेजें ये खास और सम्मानजनक शुभकामनाएं, बोलें 'हैप्पी बर्थडे' -
पुरानी कब्ज और बवासीर से पाना है छुटकारा, तो इस पौधे की जड़ का करें इस्तेमाल -
वजन कम करने के लिए रोटी या चावल क्या है बेस्ट? करना है वेट लॉस तो जान लें ये 5 बातें -
दीपिका पादुकोण ने शेयर की सेकंड प्रेगनेंसी की गुड न्यूज, 40 की उम्र में मां बनना है सेफ -
Chardham Yatra करने से पहले पढ़ लें ये 5 बड़े नियम, इन लोगों को नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर 10 रुपये के नमक का ये टोटका, रातों-रात बदल देगा आपकी किस्मत -
Akshaya Tritiya Wishes: घर की लक्ष्मी को इन खूबसूरत संदेशों के जरिए कहें 'हैप्पी अक्षय तृतीया' -
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद -
Parshuram Jayanti 2026 Wishes: अधर्म पर विजय...इन संदेशों के साथ अपनों को दें परशुराम जयंती की शुभकामनाएं -
Akshaya Tritiya 2026 Wishes: सोने जैसी हो चमक आपकी...अक्षय तृतीया पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
सारा अली खान को PCOD की समस्या, जानें इस बीमारी के बारे में
आज के समय में पॉलीसिस्टक ओवरी डिसऑर्डर की समस्या महिलाओं में आम हो गयी है। अनियमित पीरियड्स की समस्या के अलावा भी इसमें दूसरी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वैश्विक स्तर पर 10 में से 1 महिला PCOD और PCOS की समस्या से ग्रसित है। वहीं पूरी दुनिया में ऐसी महिलाओं की संख्या 10 मिलियन है।

हाल ही में, एक चैट शो के दौरान सैफ अली खान और अमृता सिंह की बेटी सारा अली खान ने भी इस बात का खुलासा किया कि उन्हें PCOD की समस्या थी, जिसकी वजह से उनका वज़न लगातार बढ़ रहा था। बॉलीवुड में डेब्यू करने जा रही सारा ने अपनी मौजूदा फिगर पाने के लिए काफी मेहनत की है। स्टूडेंट लाइफ से फ़िल्मी राह पर चलने का सफर रातों रात पूरा नहीं हुआ है।
गौरतलब है कि महिलाओं में सिर्फ वज़न बढ़ना ही इस बीमारी का लक्षण नहीं है। इसके और भी कई संकेत है जिनकी तरफ हम ध्यान नहीं देते हैं और खुद को खतरे में डालते हैं।

ये है क्या?
PCOS या फिर पॉलीसिस्टक ओवरी सिंड्रोम एक तरह का डिसऑर्डर है जो हार्मोनल असंतुलन के कारण होता है। ये आमतौर पर उन महिलाओं में पाया जाता है जिनके पीरियड्स रेगुलर नहीं होता हैं। वो महिलाएं जो 40 से कम की उम्र की हैं और जिनके परिवार में डायबिटीज का इतिहास रहा है, उनमें भी PCOS का खतरा ज़्यादा रहता है। PCOS के पीछे कोई एक कारण नहीं है लेकिन किसी व्यक्ति में जींस, इन्सुलिन रेजिस्टेंस आदि फैक्टर PCOS के स्तर को प्रभावित करते हैं।

PCOS से कैसे अलग PCOD?
कई लोगों में ये ग़लतफहमी है कि पॉलीसिस्टक ओवरी डिसऑर्डर (PCOD) और पॉलीसिस्टक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) एक ही हैं। लेकिन ये सच नहीं है। दोनों ही बीमारियां ओवरी से जुड़ी हुई है लेकिन PCOD सिस्टम डिसऑर्डर की वजह से होता है तो वहीं PCOS हार्मोन्स में असंतुलन की वजह से। इन दोनों ही स्थिति में छोटा सिस्ट ओवरी में बन जाता है लेकिन PCOD ज़्यादा खतरनाक है। ये सिर्फ पीरियड्स को ही प्रभावित नहीं करता बल्कि इन्सुलिन लेवल, वज़न और फर्टिलिटी हार्मोन्स पर भी असर डालता है। PCOS की तुलना में PCOD ज़्यादा कॉमन है।

क्या हैं इसके लक्षण?
PCOD और PCOS के लक्षण समान ही हैं जिन्हें ज़्यादातर मौकों पर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। अनियमित पीरियड्स की तीन साइकिल के अलावा यदि आप इनमें से कोई संकेत देख रही हैं तो समय रहते टेस्ट ज़रूर करवा लें:
ओवरियन सिस्ट
वज़न घटाने या बढ़ाने में परेशानी
एक्ने के साथ ऑयली स्किन
डैंड्रफ
बालों का पतला होना
शरीर पर ज़्यादा बाल बढ़ना
इनफर्टिलिटी
चहलकदमी करने में दिक्कत
पेल्विक में दर्द

कैसे होता है इसका इलाज? क्या ये पूरी तरह से ठीक होता है?
PCOD और PCOS दोनों ही लाइफस्टाइल से संबंधित बीमारी है जो आपके गलत डाइट और शारीरिक गतिविधियों की कमी की वजह से होता है। अगर समय पर ट्रीटमेंट नहीं किया गया तो इस समस्या के नतीजे काफी खतरनाक हो सकते हैं। इसकी वजह से महिलाओं को कंसीव करने में दिक्कत आती है। PCOS से प्रभावित महिलाओं में गर्भपात का खतरा भी ज़्यादा रहता है।
अगर आप PCOS को ठीक करना चाहते हैं तो सबसे पहले अपनी डाइट और लाइफस्टाइल को बेहतर बनाएं। कार्ब्स युक्त चीज़ों का सेवन कम करें और अच्छी डाइट फॉलो करें। ऐसा करने से आपको वज़न कम करने और पीरियड्स को सामान्य करने में मदद मिलेगी। अगर लाइफस्टाइल में बदलाव करके इसके लक्षण में सुधर नहीं आता है तो इसके लिए आप मेडिकल ट्रीटमेंट ले सकते हैं।



Click it and Unblock the Notifications











