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World Environment Day 2024 : इस देश में च्युइंगम चबाने पर जाना पड़ता है जेल, वजह जान आप भी नहीं खाएंगे
World Environment Day 2024 : सिंगापुर की सरकार ने साल 2021 में च्यूइंगम चबाने पर बैन लगा दिया। इसके पीछे की वजह पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाना है। सिंगापुर की सरकार देश के विकास के साथ साफ-सफाई पर भी काफी पैसा खर्च करती है लोग च्यूइंगम खाकर कहीं भी फेंक देते हैं, जिससे गंदगी होती है।
इस देश में च्यूइंगम चबाते हुए पकड़े जाने पर 60 लाख रुपए का जुर्माना और दो साल की जेल की सजा हो सकती है। सिंगापुर सरकार की ऐसा फैसला लेने की वजह थी पर्यावरण। आपको डिटेल में समझाते है कैसे?

कभी आपने सोचा है कि आखिर च्युइंग गम के साथ होता क्या है? न तो इसे खा सकते है और चबाने के बाद इसे यू फेंक दिया जाता है और फेंकने के बाद यह रिसाइकिल भी नहीं होता है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि च्यूइंग गम से भी प्रदूषण फैलता है और ये प्रकृति के लिए बहुत खतरनाक है? जैसे प्लास्टिक को कभी नष्ट नहीं किया जाता है वैसे ही च्यूइंग को भी नष्ट नहीं होते है और कई पीढ़ियों तक यह है पर्यावरण में रहकर प्रदूषण फैलता है। आइए जानते है कि ये कितना नुकसानदायक है।
नहीं खत्म होते है च्युइंग गम
दुनियाभर में लोग हर साल करीब 1,00,000 टन च्युइंग गम चबाकर थूक देते है, जो धरती में ही चिपककर रह जाते है और खत्म नहीं होते है। पहले लोग चीकल जैसे पेड़ के रेजिन को चबाते थे लेकिन 1950 के दशक तक इसकी जगह सिंथेटिक गम ने ले ली थी।
बायोडिग्रेडेबल च्युइंग भी मिलने लगे
सिंथेटिक गम आमतौर पर बायोडिग्रेडेबल नहीं होते हैं, यह पॉलीसोब्यूटिन नामक सिंथेटिक पॉलिमर के बेस से बनाए जाते है। जिन्हें रिसाइकिल नहीं किया जाता है। अब बायोडिग्रेडेबल च्युइंग गम भी बनाए जाने लगे है जो पॉल्यूशन नहीं फैलाते है।
पर्यावरण को नुकसान
च्युइंग गम पर्यावरण को काफी नुकसाना पहुंचाता है। सालों-साल तक अपनी अंतिम अवस्था में मौजूद रहकर पर्यावरण को प्रदूषित करता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इसे सिगरेट की बड्स के बाद दुनिया में दूसरी सबसे ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाली चीज माना गया है। एक अनुमान के मुताबिक गम धरती के लैंडफिल में 2,50,000 टन कचरे का निर्माण करता है।
गम पॉल्यूशन की वजह
च्युइंग गम को चबाने के बाद जब इसे फेंक दिया जाता है तो इससे पर्यावरण में फैलने वाले प्रदूषण को 'गम पॉल्यूशन' कहा जाता है। हर साल सिर्फ च्युइंग गम से सैकड़ों टन प्लास्टिक कचरा पैदा होता है। च्युइंगम का नॉन-बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक कचरा ही पर्यावरण में प्रदूषण की वजह बनता है। खुली सड़क पर च्युइंग गम फेंकने से इनकी वजह से टॉक्सिक पदार्थ इनसे चिपककर हमारे जलस्रोतों तक पहुंचते है जो पानी को भी प्रदूषित करता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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