World Environment Day: नेचर थेरेपी है तनाव व एंग्जायटी का इलाज, जानें हरी घास पर नंगे पैर चलने के जादुई फायदे

Ghas Par Nange Pair Chalne Ke Fayde: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और एंग्जायटी हर दूसरे व्यक्ति की समस्या बन चुकी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका सबसे बेहतरीन इलाज प्रकृति के पास बिल्कुल मुफ्त है? इस वर्ल्ड एनवायरमेंट डे पर जानिए 'नेचर थेरेपी' यानी रोज सुबह हरी घास पर नंगे पैर चलने के कुछ ऐसे जादुई फायदे, जो आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को पूरी तरह बदल देंगे।

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1. मानसिक तनाव और एंग्जायटी से तुरंत राहत

जब हम हरी घास पर नंगे पैर चलते हैं, तो हमारे शरीर में 'कोर्टिसोल' (Cortisol) यानी स्ट्रेस हार्मोन का स्तर तेजी से कम होने लगता है। प्रकृति के सीधे संपर्क में आने से दिमाग में एंडोर्फिन और सेरोटोनिन जैसे 'हैप्पी हार्मोन्स' रिलीज होते हैं। सुबह की शांत हवा, चिड़ियों की चहचहाहट और पैरों के नीचे घास का अहसास मानसिक थकान, घबराहट (Anxiety) और डिप्रेशन को मिनटों में सोख लेता है और मूड को एकदम फ्रेश कर देता है।

2. आंखों की रोशनी बढ़ाने में मददगार

हमारे पैरों के तलवों में पूरे शरीर का 'एक्यूप्रेशर सिस्टम' छिपा होता है। जब हम नंगे पैर चलते हैं, तो पैर के अंगूठे और उसके पास वाली दूसरी व तीसरी उंगली पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ता है। मेडिकल साइंस के अनुसार, इन उंगलियों के नर्व एंडिंग्स (Nerve Endings) सीधे हमारी आंखों की नसों से जुड़े होते हैं। सुबह की ओस से भीगी हरी घास पर टहलने से इन पॉइंट्स को स्टिमुलेशन मिलता है, जिससे आंखों की रोशनी (Eyesight) सुधरती है और आंखों का तनाव दूर होता है।

3. 'अर्थिंग' का कमाल: शरीर की सूजन और दर्द करे कम

विज्ञान की भाषा में इसे 'अर्थिंग' (Earthing) या 'ग्राउंडिंग' (Grounding) कहा जाता है। हमारी पृथ्वी में असीमित मात्रा में 'फ्री इलेक्ट्रॉन्स' (Free Electrons) यानी नेगेटिव चार्ज होता है। जब हमारे पैर सीधे जमीन या घास के संपर्क में आते हैं, तो ये इलेक्ट्रॉन्स हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं। ये इलेक्ट्रॉन्स शरीर के भीतर मौजूद फ्री रेडिकल्स (Free Radicals) को न्यूट्रलाइज करते हैं, जिससे पुरानी से पुरानी अंदरूनी सूजन (Inflammation), जोड़ों का दर्द और मांसपेशियों की जकड़न प्राकृतिक रूप से कम होने लगती है।

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4. अनिद्रा की छुट्टी और आएगी गहरी नींद

यदि आपको रात में देर तक नींद नहीं आती या आप बार-बार जाग जाते हैं, तो हरी घास पर चलना आपके लिए रामबाण इलाज है। ग्राउंडिंग की मदद से हमारे शरीर का बायोलॉजिकल क्लॉक (Circadian Rhythm) यानी सोने-जागने का चक्र सुधर जाता है। यह रात के समय शरीर में 'मेलाटोनिन' (Melatonin - नींद लाने वाला हार्मोन) के स्तर को सही तरीके से बैलेंस करता है, जिससे अनिद्रा की समस्या दूर होती है और बिना किसी दवा के बेहद गहरी और सुकून भरी नींद आती है।

5. ब्लड सर्कुलेशन और नर्वस सिस्टम के लिए वरदान

नंगे पैर घास पर चलने से पैरों के तलवों की नसें एक्टिवेट हो जाती हैं, जिससे पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन (रक्त संचार) का फ्लो बहुत बेहतर हो जाता है। ब्लड फ्लो अच्छा होने से नसों में ब्लॉकेज का खतरा कम होता है और दिल सेहतमंद रहता है। इसके साथ ही, यह हमारे ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम (Anatomic Nervous System) को संतुलित करता है, जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) भी मजबूत होती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

FAQs
विज्ञान की भाषा में 'अर्थिंग' या 'ग्राउंडिंग' का क्या मतलब है?

जब हमारे पैर सीधे पृथ्वी के संपर्क में आते हैं, तो जमीन में मौजूद 'फ्री इलेक्ट्रॉन्स' हमारे शरीर में प्रवेश कर फ्री रेडिकल्स को न्यूट्रलाइज करते हैं. इसे ही विज्ञान में अर्थिंग या ग्राउंडिंग कहते हैं, जो शरीर की सूजन और दर्द को कम करती है.

हरी घास पर नंगे पैर कितनी देर चलना चाहिए?

बेहतरीन परिणामों के लिए रोज सुबह ओस से भीगी हरी घास पर कम से कम 15 से 30 मिनट नंगे पैर चलना पर्याप्त माना जाता है.

BoldSky Lifestyle

Story first published: Thursday, June 4, 2026, 8:30 [IST]
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