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World Immunization Day 2025: 10 नवंबर को क्यों मनाया जाता है विश्व टीकाकरण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व
World Immunization Day 2025 In Hindi: दुनियाभर में हर साल 10 नवंबर को विश्व टीकाकरण (World Immunization Day) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को टीकाकरण के बारे में जागरूक व प्रेरित करना है। एक व्यक्ति के लिए टीकाकरण बचपन से ही जरूरी हो जाता है। दरअसल, जब बच्चे का जन्म होता है, तो उसे कई संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए उसके जन्म के बाद से ही कई टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, ताकि बच्चे को भविष्य में कोई संक्रामक बीमारी घेर न सके। ऐसे में, हर बच्चे के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा विश्व टीकाकरण की शुरुआत की गई थी। ताकि हर व्यक्ति में इसकी जागरूकता को बढ़ाया जा सके और हर मां-बाप को अपने बच्चे को स्वस्थ रखने के लिए टीकाकरण के महत्व के बारे में बताया जा सके तो। तो चलिए, जानते हैं विश्व टीकाकरण दिवस के महत्व और इसके इतिहास के बारे में।

विश्व टीकाकरण दिवस का इतिहास
विश्व टीकाकरण दिवस का इतिहास वैसे तो बहुत पुराना नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2012 में इसकी शुरुआत की थी। विश्व टीकाकरण की शुरुआत का मुख्य उद्देश्य दुनियाभर में लोगों को टीकाकरण के महत्व को समझाना व इसके प्रति लोगों को जागरूक करना था। आज विश्व स्वास्थ्य संगठन का यह कदम लाभदायक साबित हो रहा है, क्योंकि अब लोग टीकाकरण के प्रति जागरूक तो हो ही रहे हैं। साथ ही, वह अन्य लोगों को भी अपने बच्चों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
विश्व टीकाकरण दिवस का महत्व
विश्व टीकाकरण की शुरुआत लोगों को टीकाकरण के प्रति जागरूक करने के लिए की गई थी। एक टीका व्यक्ति की जिंदगी को बचा सकता है। टीकाकरण से व्यक्ति को गंभीर से गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकता है। साथ ही, टीका लगाने से बच्चों में पोलियो, खसरा और चेचक जैसी बीमारी को हमेशा हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है। टीकाकरण बीमारियों को खत्म करने के लिए ही नहीं, बल्कि यह स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी मदद करता है।
गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखे
टीकाकरण लोगों को गंभीर बीमारियों से केवल बचाता ही नहीं, बल्कि यह गर्भवती महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग की इम्युनिटी को भी स्ट्रांग करने में भी मदद करता है, जिससे उन्हें खतरनाक बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है। साथ ही, इससे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग गंभीर बीमारियों की चपेट में भी कम आते हैं।
कोविड-19 सबसे बड़ा उदाहरण
टीकाकरण के लिए कोविड-19 सबसे बड़ा उदाहरण है। दरअसल, जब 2020 में कोरोनावायरस की शुरुआत हुई थी तो इसे दवाइयां भी ठीक नहीं कर पाई थीं। लेकिन टीकाकरण ने इस बीमारी से न केवल लोगों को राहत दिलाने, बल्कि कोविड-19 जैसे संक्रमण से बचाने में भी काफी ज्यादा मदद की थी। ऐसे में, आप जान सकते हैं कि एक व्यक्ति की जिंदगी के लिए एक टीका कितना मायने रखता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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