Latest Updates
-
Mahavir Jayanti 2026: महावीर जयंती कब है? जानें तिथि, महत्व और भगवान महावीर के प्रमुख सिद्धांत -
कौन थे राहुल अरुणोदय बनर्जी? शूटिंग के दौरान डूबने से हुई मौत, 43 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा -
बिग बॉस फेम रजत दलाल ने रचाई गुपचुप शादी, फोटोज पोस्ट करके सबको किया हैरान, जानें कौन है दुल्हन? -
Vastu Tips: घर में आर्थिक संकट आने से पहले दिखते हैं ये संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज -
40 की उम्र में दूसरी बार मां बनीं सोनम कपूर, सोशल मीडिया पर दी खुशखबरी, जानिए बेटा हुआ या बेटी -
घर में छिपकलियों ने मचा रखा है आतंक? भगाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, फिर कभी नहीं दिखेंगी दोबारा -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes In Marwari: आ धरती म्हारे राजस्थान री...इन मारवाड़ी मैसेज से अपनों को दें बधाई -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes: मरुधरा की रेत...राजस्थान दिवस के मौके पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 30 March 2026: सोमवार को महादेव बरसाएंगे इन 4 राशियों पर कृपा, जानें अपना भाग्यफल -
Yoga For Arthritis: गठिया के दर्द से हैं परेशान तो रोज करें ये 5 योगासान, जल्द ही मिलेगी राहत
World Malaria Day 2025: कहीं आप मलेरिया को तो नहीं समझ रहे हैं नॉर्मल फ्लू, इन लक्षणों से पहचानें
World Malaria Day 2025 : मलेरिया (Malaria) एक गंभीर रोग है जो मच्छरों के जरिए फैलता है और प्लाज्मोडियम नामक परजीवी इसके लिए जिम्मेदार होता है। यह बीमारी दुनियाभर में करोड़ों लोगों को प्रभावित करती है, खासकर ट्रॉपिकल और सबट्रॉपिकल इलाकों में। इसके प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस (World Malaria Day) मनाया जाता है।
मलेरिया के शुरुआती लक्षण अक्सर फ्लू या वायरल फीवर जैसे लगते हैं, इसलिए लोग इन्हें गंभीरता से नहीं लेते। मगर ये लक्षण समय पर न पहचाने जाएं तो स्थिति जानलेवा हो सकती है। साकेत अस्पताल के डॉक्टर बताते हैं कि मलेरिया के लक्षणों को समझना और तुरंत इलाज कराना बेहद जरूरी है।

मलेरिया के प्रमुख लक्षण
तेज बुखार और ठंड लगना: मलेरिया का सबसे आम संकेत है अचानक तेज बुखार जो कंपकंपी और ठंड के साथ शुरू होता है। यह बुखार कुछ घंटों तक रहकर उतर जाता है और 24 से 48 घंटे के अंतराल में दोबारा हो सकता है।
सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द: मरीज को तेज सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होता है, जिससे थकावट महसूस होती है। यह लक्षण सामान्य वायरल से मिलते-जुलते हैं।
उल्टी और मतली: मलेरिया के परजीवी शरीर में पाचन तंत्र को प्रभावित करते हैं, जिससे मतली, उल्टी और भूख न लगने जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
थकान और कमजोरी: मलेरिया में शरीर की रेड ब्लड सेल्स टूटने लगती हैं, जिससे एनीमिया हो सकता है। इसके चलते व्यक्ति को अत्यधिक थकान, चक्कर और सांस फूलने की शिकायत होती है।
पीलिया (जॉन्डिस): गंभीर स्थिति में मलेरिया लीवर को प्रभावित करता है, जिससे त्वचा और आंखों का रंग पीला पड़ सकता है। यह एक गंभीर संकेत है और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
दौरे और बेहोशी: प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम से होने वाला मलेरिया सबसे खतरनाक होता है। यह मस्तिष्क तक पहुंचकर सेरेब्रल मलेरिया का कारण बन सकता है, जिसमें मरीज को दौरे पड़ सकते हैं या वह कोमा में जा सकता है।
मलेरिया के लक्षण दिखने पर क्या करें?
- तुरंत डॉक्टर से मिलें और ब्लड टेस्ट करवाएं।
- नियमित रूप से डॉक्टर की सलाह पर लें।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें-पर्याप्त तरल पदार्थ लें।
- मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी और रिपेलेंट्स का उपयोग करें।
सही जानकारी और सतर्कता से मलेरिया से बचाव पूरी तरह संभव है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











