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डायबिटीज के मरीजों की जान की दुश्मन बन सकती हैं ये चीजें, आज ही कर लें तौबा
डायबिटीज जिसे मधुमेह भी कहा जाता है, एक बेहद ही गंभीर समस्या बनती जा रही है। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन की मानें तो साल 2030 तक दुनियाभर में 643 मिलियन और 2045 तक 783 मिलियन लोग इससे पीड़ित होंगे। भारत में भी डायबिटीज रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इसमें अधिकतर लोग टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित है। डायबिटीज के कारण ना केवल रक्त में शुगर लेवल बढ़ता है, बल्कि इससे अन्य भी कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं जैसे हृदय रोग, स्ट्रोक, नेफ्रोपैथी, रेटिनोपैथी आदि का रिस्क बढ़ जाता है।
अगर टाइप 2 डायबिटीज की बात करें तो डायबिटीज का सबसे आम प्रकार का डायबिटीज है, जिसमें या तो शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनाता या फिर इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण ब्लड शुगर लेवल प्रभावित करता है। इसका मुख्य कारण अधिक वजन और अनहेल्दी डाइट को माना गया है। इसलिए, अगर व्यक्ति खुद को थोड़ा एक्टिव रखे और अपने खानपान का ख्याल रखे तो इससे डायबिटीज को मैनेज करना अधिक आसान हो जाता है।

तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही फूड्स के बारे में बता रहे हैं, जिनसे डायबिटीज के मरीजों को तौबा कर लेनी चाहिए-
आलू (Potatoes)
अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो आपके लिए आलू से दूरी बनाना ही उचित है। कार्बोहाइड्रेट से भरपूर आलू ब्लड शुगर लेवल को एकदम से स्पाइक कर सकता है। उनमें उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है और इसलिए डायबिटीज के मरीजों के लिए इसे एक अच्छा फूड ऑप्शन नहीं माना जाता। आलू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 53 से 111 तक हो सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसे किस तरह खा रहे हैं। उदाहरण के लिए, पके हुए आलू का जीआई 111 होता है, जबकि उबले आलू का जीआई 82 होता है।
केला (Banana)
पोटेशियम रिच केले का सेवन करना यूं तो सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है। लेकिन डायबिटीज पेशेंट को यह नुकसान पहुंचा सकता है। केले में नेचुरल शुगर और कार्बोहाइड्रेट अधिक होते हैं, जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। विशेष रूप से अधिक पके केले में चीनी की मात्रा अधिक होती है। इसलिए, आप इसका सेवन करने से बचें।
तरबूज (Watermelon)
तरबूज एक हाइड्रेटिंग फल है और गर्मी में अधिकतर लोग इसका सेवन करना पसंद करते हैं। लेकिन इसका उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जिसका अर्थ है कि यह रक्त शर्करा के स्तर को तेजी से बढ़ा सकता है। तरबूज का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग 76 होता है, इसलिए इसका सेवन आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है।
सफेद चावल (white Rice)
डायबिटीज के मरीजों को सफेद चावलों से भी दूरी बनानी चाहिए। दरअसल, सफेद चावल में उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है और इसलिए यह तेजी से ग्लूकोज में बदल जाता है। अगर आप सफेद चावल खाते हैं तो इससे ब्लड शुगर लेवल स्पाइस कर सकता है। अगर आप चाहें तो सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस खा सकते हैं, क्योंकि इनमें अधिक फाइबर और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है।
फलों के रस (Fruit Juices)
फलों के रस का सेवन करना सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है। लेकिन डायबिटीज मरीजों के लिए यह काफी नुकसानदायक हो सकता है। नेचुरल होने के बावजूद भी फलों के रस में शुगर कंटेंट काफी अधिक होता है। साथ ही, इनमें फलों की तुलना में फाइबर काफी कम होता है। इसलिए, जब आप इसका सेवन करते हैं तो इससे ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है। डायबिटीज मरीजां को सिर्फ फलों के रस ही नहीं, बल्कि अन्य पैकेज्ड व शुगरी ड्रिंक्स से भी दूरी बनानी चाहिए।
खजूर (Dates)
खजूर में नेचुरल शुगर बहुत अधिक होती है। हालांकि इनके सेवन से आपको फाइबर और अन्य पोषक तत्व भी प्राप्त होते हैं। इसलिए, यह सलाह दी जाती है कि डायबिटीज के मरीजों को इनका सेवन बेहद ही सीमित मात्रा में करना चाहिए। अगर इनका सेवन कम मात्रा में न किया जाए तो उनके शुगर कंटेंट के कारण आपका ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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