Latest Updates
-
Akshaya Tritiya पर किस भगवान की होती है पूजा? जानें इस दिन का महत्व और पौराणिक कथा -
Parshuram Jayanti 2026 Sanskrit Wishes: परशुराम जयंती पर इन संस्कृत श्लोकों व संदेशों से दें अपनों को बधाई -
कौन हैं जनाई भोंसले? जानें आशा भोसले की पोती और क्रिकेटर मोहम्मद सिराज का क्या है नाता? -
Amarnath Yatra Registration 2026: शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन, घर बैठे कैसे करें आवेदन, क्या हैं जरूरी डॉक्यूमेट्स -
Akshaya Tritiya पर जन्म लेने वाले बच्चे होते हैं बेहद खास, क्या आप भी प्लान कर रहे हैं इस दिन डिलीवरी -
उत्तराखंड में 14 साल की लड़की ने दिया बच्चे को जन्म, जानें मां बनने के लिए क्या है सही उम्र -
गर्मियों में भूलकर भी न खाएं ये 5 फल, फायदे की जगह पहुंचा सकते हैं शरीर को भारी नुकसान -
Himachal Day 2026 Wishes In Pahadi: 'पहाड़ां री खुशबू, देओदारे री छां', अपनों को भेजें पहाड़ी शुभकामनाएं -
Pohela Boishakh 2026 Wishes: 'शुभो नबो बोर्शो' के साथ शुरू करें नया साल, अपनों को भेजें ये शानदार संदेश -
Himachal Day 2026 Wishes: हिमाचल है हमारा अभिमान...हिमाचल दिवस पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
Year Ender 2023: इस साल इन चार खतरनाक बीमारियों ने दुनिया को डराया, 2024 के लिए रहें अलर्ट
साल 2023 अब कुछ और दिनों का मेहमान है। सेहत के मामले में देखें तो ये पूरा साल कई प्रकार की चुनौतियों से भरा रहा। पिछले तीन साल से अधिक समय से जारी कोरोना महामारी को भले ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इस साल 'ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी' की सूची से बाहर कर दिया पर पूरे साल दुनिया के कई देशों में इस वायरस के नए-नए वैरिएंट्स मिलने की खबरें आती रही। वहीं इस साल के अंत में चीन में एक और भंयकर बीमारी मिलने से WHO ने दुनियाभर में अलर्ट जारी कर दिया।
जब हम कुछ दिनों में 2024 में प्रवेश करने जा रहे हैं तो जरूरी है कि साल 2023 की उन बीमारियों पर एक सरसरी नजर डाल ली जाए जो पूरी दुनिया के लिए समस्या का कारण बनी रही।

साल 2019 के अंत में शुरु हुई कोरोना महामारी का असर साल 2023 में भी देखा जाता रहा।
इस साल भारत सहित कई देशों में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट में कई म्यूटेशनों के साथ नए सब-वैरिएंट्स देखे जाते रहे जिसने कई देशों में समय-समय पर संक्रमण को बढ़ाया। जुलाई-सितंबर तक अमेरिका-यूके जैसे देशों में अस्पतालों में रोगियों की संख्या स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बनी रही।
टोमैटो फीवर
भारत सहित दुनिया के कई देशों में साल 2023 में टोमैटो फीवर नामक बीमारी ने भी लोगों को परेशान किया। केरल में मानसून के मौसम के दौरान टोमैटो फीवर के मामलों में वृद्धि देखी गई है, धीरे-धीरे इसके मामले कई अन्य राज्यों में भी मिले। चिकनपॉक्स जैसी बीमारी टोमैटो फीवर के कारण बच्चों की सेहत पर सबसे ज्यादा असर देखा गया जिसमें बुखार के साथ थकान और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण और त्वचा पर लाल टमाटर जैसे छोटे-छोटे दाने देखे गए।
ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी)
साल 2023 में अमेरिका के कई हिस्सों में साल 2023 में मई-जून के महीनों में एचएमपीवी के कारण संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े थे। ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) भी कोरोना की ही तरह से श्वसन पथ को संक्रमित करता है, हालांकि कोरोना के इतर इस वायरस के कारण ऊपरी और निचले दोनों श्वसन पथ में संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसके लक्षण आमतौर पर सामान्य फ्लू की तरह के ही होते हैं ऐसे में लोग इस संक्रमण को लेकर काफी कंफ्यूज रहते हैं।
रहस्यमयी निमोनिया
साल 2023 के आखिरी के महीनों में चीन में बच्चों में तेजी से बढ़े निमोनिया के मामलों ने विशेषज्ञों के लिए चिंता बढ़ा दी। नवंबर के महीने में चीन के कई शहरों में इन दिनों रहस्यमयी श्वसन बीमारी का जोखिम बढ़ता हुआ देखा गया। जिसे चायनीज निमोनिया और वॉकिंग निमोनिया जैसे नाम दिए गए। बढ़ते खतरे को देखते हुए डब्ल्यूएचओ ने गंभीरता दिखाते हुए संक्रामक रोग की रोकथाम के लिए प्रयास करते रहने की सलाह दी।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











