5 साल तक बाइपोलर डिसऑर्डर से जूझ रहे थे हनी सिंह, जानें क‍ितनी खतरनाक होती है ये बीमारी?

Honey Singh On Bipolar Disorder: हाल ही में पंजाबी सिंगर और रैपर हनी सिंह ने अपनी मेंटल हेल्‍थ से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात की उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था क‍ि वे बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित रहे थे और 5 साल तक वे इस बीमारी से जूझते रहे। इसकी वजह से उनके कई प्रोजेक्ट हाथ से न‍िकल गए थे।

उन्‍होंने बताया क‍ि पहले तो वे समझ ही नहीं पाए कि उन्हें क्या बीमारी है लेकिन धीरे-धीरे जब समझ आया तो वह उससे बाहर न‍िकलने में लग गए। वैसे आपको बता दें क‍ि बाइपोलर एक मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य से जुडी बीमारी है। आइए जानते हैं इस बीमारी के बारे डिटेल में और ये क‍ितनी खतरनाक साब‍ित हो सकती हैं।

Yo Yo Honey Singh Reveals His Struggle With Bipolar Disorder

बाइपोलर डिसऑर्डर क्‍या है?

बाइपोलर डिसऑर्डर एक मनोवैज्ञानिक समस्‍या है, जिसमें कई लोग खुद की भावनाओं पर कंट्रोल नहीं कर पाते हैं। यह एक ऐसी मानसिक स्थिति है, जिसमें मूड में बदलाव होने लगते हैं। ऐसा बाइपोलर डिसऑर्डर के कारण होता है। इस दौरान व्यक्ति की मनोदशा दो विपरीत अवस्था में बदलती रहती है। जिन्‍हें मेन‍िया और डिप्रेशन कहा जाता है।

मेनिया की स्थिति में व्यक्ति ज्यादा एक्साइटेड, एनर्जेटिक और ओवर कॉन्फिडेंट महसूस करता है। उसे नींद कम आती है, वह बहुत ज्यादा बातें करता है और अक्सर रिस्‍की काम करने से नहीं कतराता है। वहीं डिप्रेशन में व्‍यक्ति अउदासी, निराशा, बेचैनी और थकान महसूस करता है। उसे कुछ भी करने का मन नहीं करता है और वह अक्सर अकेला रहना पसंद करता है।

बाइपोलर डिसऑर्डर के वजह?

इस बीमारी के पीछे अक्‍सर कई वजह होती है। मस्तिष्क में कुछ केमिकल्स के असंतुलन के कारण भी यह बीमारी होती है। तनाव, अनियमित नींद, और कुछ प्रकार की दवाएं भी बाइपोलर डिसऑर्डर को ट्रिगर करती हैं। तनाव, इंसोमेन‍िया और ड्रग्‍स का सेवन भी इस बीमारी को ट्रिगर करने का काम करती है।

बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षण

- इस बीमारी में नींद की जरूरत कम होने लगती है
- मरीज अचानक से तेज बोलने लगता है
- उसके मन में कई विचार चलते रहते है
- व्‍यक्ति के भूख और नींद के पैटर्न में बदलाव नजर आने लगता है
- चिड़चिड़ा हो जाना
- खोये खोये रहना
- बेचैन होना या ध्यान न लगा पाना
- खुदकुशी के बारें में सोचना

बचाव के उपाय

- रोजाना एक्सरसाइज करें
- मे‍ड‍िटेशन करें
- खाने का टाइमटेबल बनाएं
- अपने मूड में आए उतार-चढ़ाव को समझने की कोशिश करें
- तनाव को कंट्रोल करना सीखें
- धूम्रपान, सिगरेट या शराब का सेवन करने से बचें
- हेल्दी डाइट लें
- रोजाना पर्याप्‍त नींद लेना
- मनोवैज्ञान‍िक से संपर्क करें

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Thursday, September 5, 2024, 21:35 [IST]
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