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बैंबू और नारियल के खोल से ऐसे करें क्रिएटिव टेरेस गार्डनिंग, पर्यावरण के लिए भी है ये फायदेमंद
पेड़ पौधों से लगाव रखने वालों को गार्डनिंग बहुत ही पसंद होता है। जहां कुछ लोग अपने घर के बगीचे में ही अपने मनपसंद पेड़ पौधे लगाते हैं, वहीं जिन लोगों के घरों में जगह नहीं होती है वे टेरेस गार्डनिंग यानी छत पर बागवानी करते हैं। इसके अलावा लोग अपने घर के बालकनी में भी पेड़ पौधे लगाते हैं।
अक्सर छत पर बागवानी के लिए हम प्लास्टिक और सिरामिक सीमेंट का इस्तेमाल करना पड़ता है, यानी हम गार्डनिंग के लिए प्लास्टिक और सिरामिक सीमेंट के गमलों का यूज करते हैं। अगर हम ईको फ्रेंडली चीजों का इस्तेमाल कर बागवानी करते हैं तो बागवानी का एक अलग ही मजा होता है। आज हम आपको अपने इस लेख में ईको फ्रेंडली बागवानी के कुछ आसान विकल्पों के बारे में बताएंगे। ये काफी अच्छे और सस्ते विकल्प है साथ ही बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं। तो आइए देखते हैं।

नेचुरल चीजों पर करें फोकस
प्लास्टिक और सिरामिक सीमेंट की जगह आप नेचुरल चीजों का इस्तेमाल करके अच्छी बागवानी कर सकते हैं, जैसे बैंबू यानी बांस, नारियल का खोल आदि। ये चीजें आपको मार्केट में आसानी से मिल जाएंगी। साथ ही इनसे काफी बढ़िया लुक भी मिलेगा।

बैंबू से तैयार करें गमले
बैंबू से आप कई अलग अलग डिजाइन के गमले तैयार कर सकते हैं। आप इनसे बने बास्केट को हैंग भी कर सकते हैं, इसके अलावा इनमें छोटे पौधे लगाकर टेबल पर भी रख सकते हैं। आप अपने करीबियों को खास मौकों पर बैंबू से बने वास भी गिफ्ट कर सकते हैं।
बैंबू से हम हैंडमेड गमले और वास तैयार कर सकते हैं। इसके अलावा इसके और भी फायदे हैं जैसे गर्मियों में ज्यादा गर्म नहीं होता है और सर्दियों में कम ठंडा रहता है। आप बैंबू के गमलों में मनी प्लांट से लेकर कई अलग अलग जड़ी बूटियां उगा सकते हैं।
बैंबू से आप थीम बनाकर भी गार्डनिंग कर सकते हैं।

नारियल का खोल
अक्सर आपने देखा होगा कि हम नारियल खाकर उसके खोल को फेंक देते हैं लेकिन नारियल का खोल भी बड़े काम की चीज़ होती है। जी हां इससे हम पौधे लगाने के लिए एक से बढ़कर एक सुंदर गमले तैयार कर सकते हैं। नारियल के खोल से आप अपने गार्डन के लिए बर्ड फीडर भी बना सकते हैं।
पर्यावरण के लिए भी नारियल का खोल बहुत ही फायदेमंद होता है।

फेल्ट के गमले
बाजार में अलग-अलग साइज के फेल्ट के गमले उपलब्ध हैं। आप इनमें छोटे बड़े पौधे लगा सकते हैं। इसके अलावा आप इनमें एडिबल चीजों को भी उगा सकते हैं। इनकी सबसे अच्छी बात यह होती है कि इनमें पानी कम डालना पड़ता है।

कोकेडामा
कोकेडामा से बहुत ही अच्छी बागवानी की जा सकती है। इसमें गमले की जरूरत नहीं पड़ती है। इसमें मॉस घास और स्ट्रिंग का यूज किया जाता है। कोकेडामा में पौधों की जड़ों पर काम किया जाता है। आप आप टेबल पर रख सकते हैं या फिर हैंग भी कर सकते हैं। टटेबल पर इसे रखने के लिए आप प्लेट, लकड़ी या फ्लोटिंग वुड का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।



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