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Ambubachi Mela 2023: कामाख्या में शुरू अंबुबाची मेला, चार दिनों तक चलने वाले उत्स्व में मिलता है अनोखा प्रसाद
भारत की रंगरंगी तहजीब के चर्चे पूरी दुनिया में होते हैं। हमारे देश में इतनी विविधता है कि कई बार यहां के तौर तरीके हमें ही हैरान कर देती हैं। देवी-देवताओं के पूजन और उनसे जुड़े नियम भी अलग अलग पाए जाते हैं।
विशिष्टता, आस्था, श्रद्धा और विश्वास से जुड़ा एक मंदिर है गुवाहाटी का कामाख्या देवी का मंदिर और उससे भी ज्यादा अचंभित करता है यहां हर साल लगने वाला अंबुबाची मेला।

असम की नीलाचल पहड़ियों पर स्थित कामाख्या मंदिर देश के 51 शक्तिपीठ में से एक है। आइये जानते हैं कामाख्या मंदिर का महत्व और यहां हर साल लगने वाले अंबुबाची मेले से जुड़ी खास जानकारी।
अंबुबाची मेला 2023 की तिथि
अंबुबाची मेला 22 जून को शुरू हो रहा है। मेले की प्रवृत्ति 22 जून को दोपहर 2:30 बजे से होगी। यह उत्सव तीन दिनों तक चलता है। 25 जून को इसका अंतिम दिन होगा। इस मेले में मां कामाख्या के रजस्वला का उत्सव मनाया जाता है। इस दौरान तीन दिन मां को पीरियड्स होते हैं और फिर चौथे दिन उनको स्नान कराकर, उनका श्रृंगार किया जाता है और फिर भक्तों के दर्शन के लिए कपाट खोले जाते हैं।
प्रसाद के रूप में मिलती है अनोखी चीज
इस उत्सव के लिए विशेष तैयारी की जाती है। मंदिर में माता के रजस्वला के दौरान गर्भ गृह के आस-पास सफेद रंग का कपड़ा बिछा दिया जाता है। ऐसी मान्यता है कि तीन दिन बाद यह कपड़ा लाल रंग में भीग जाता है। इसे ही भक्तों को प्रसाद के रूप में दिया जाता है। इस प्रसाद को बहुत ही शक्तिशाली माना जाता है।

इस मंदिर में माता के मासिक धर्म की होती है पूजा
वैसे तो महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान न तो पूजा पाठ करने की अनुमति होती है और न ही मंदिर में प्रवेश करने की आज्ञा। मगर गुवाहाटी का कामाख्या मंदिर माता के रजस्वला का उत्सव मनाता है। ऐसी मान्यता है कि इस स्थान पर माता सती की योनि गिरी थी। जो वर्तमान में एक शीला के तौर पर विराजमान है। यहां भक्त इसी शीला की पूजा अर्चना के लिए आते हैं। मां के रजस्वला को अंबुबाची मेले के रूप में मनाया जाता है। इस अवधि में माता गर्भ गृह में चली जाती हैं और कपाट बंद हो जाते हैं।
लाल रंग का हो जाता है ब्रह्मपुत्र नदी का पानी
स्थानीय लोगों के मुताबिक़ इस मेले के दौरान अपने आप ही यहां बहने वाली ब्रह्मपुत्र नदी का पानी लाल हो जाता है। आश्चर्य वाली बात यह है कि कुछ समय बाद इसका पानी दोबारा सामान्य रंग का हो जाता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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