Buddha Purnima 2023: जानें बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर क्यों फहराया जाता है पांच रंग का झंडा

आपने बौध मंदिरों या विहारों के पास एक ख़ास किस्म का झंडा लहराते हुए देखा होगा। कई बार लोग इस तरह के झंडे अपने वाहनों में भी लगाते हैं। क्या आपने सोचा है कि इस झंडे में पांच रंग क्यों होते हैं? इन रंगों का क्या महत्वा है?

इस बार बुध पूर्णिमा वैशाख माह की पहली पूर्णिमा, जो 5 मई दिन शुक्रवार को है, को मनाई जायेगी। बुध पूर्णिमा का ना सिर्फ बौद्ध धर्मावलम्बियों के लिए बल्कि हिन्दुओ के लिए भी काफी महत्व है।

Buddha Purnima Flag Ritual: 5 Colour flag hoisted, know each color meaning and significance

आइये आपको बताते हैं कि इस बार बुद्ध पूर्णिमा में पूजा का मुहूर्त क्या है और साथ में ये भी जानेंगे की इस ख़ास अवसर पर पांच रंग के झंडे फहराने के पीछे क्या कारण है।

बुद्ध पूर्णिमा 2023 मुहूर्त
बुद्ध के प्राकट्य दिवस के रूप में बुद्ध पूर्णिमा मनाया जाता है। 2023 में बुद्ध पूर्णिमा का मुहूर्त 4 मई गुरूवार को रात करीब 11:45 से शुरू होगा और अगले दिन 5 मई दिन शुक्रवार को रात 11 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। इसलिए बुद्ध पूर्णिमा 4 मई को ना मनाकर 5 मई को ही मनायी जाएगी। इस दौरान किसी नदी या सरोवर में स्नान करने के बाद दान देने से पुण्य मिलता है और बुद्ध के आशीर्वाद से सुख शांति और ज्ञान मिलता है।

क्या है पंचशील?
भगवान् बुद्ध ने पूरी दुनिया में अपना ज्ञान का प्रकाश फैलाया। उनके तमाम दिए ज्ञान में सबसे महत्वपूर्ण और लोकप्रिय ज्ञान है पंचशील का। पंचशील मतलब है पांच सिद्धांत या आचरण। ये सिद्धांत नैतिक संहिता के रूप में दिए गए हैं। इसको हम बुद्ध द्वारा दी गयी आज्ञा के तौर पर भी ले सकते हैं। बुद्ध ने अपने अनुयायियों को ये पांच नैतिक सिद्धांतों का पालन करने की आज्ञा दी थी।

ये पंचशील हैं:
हत्या या हिंसा में लिप्त न होना
चोरी न करना
यौन दुराचार से स्वयं को दूर रखना
सत्य बोलना

मादक पदार्थो का सेवन ना करना
जो लोग बौद्ध धर्म का पालन करते हैं उनके लिए ये नैतिक सिद्धांत बुद्ध की आज्ञा हैं जिनका वो पूरे मनोभाव से पालन करते हैं। बौद्ध ग्रंथ त्रिपिटक के अनुसार जो इन पांच शील का उल्लंघन करते हैं, वे अपने और अपने परिवार के लिए नकारात्मक नतीजों को आमंत्रित करते हैं।

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बौद्ध धर्म में पांच रंग के झंडे का महत्व?
बौद्ध धर्म से जुड़े ख़ास तरह की झंडे की बात करें तो इस झंडे में पांच रंग देखने को मिलते हैं। इन रंगों का ख़ास महत्व है। आइये आपको बताते हैं ये पांच रंग कौन कौन से हैं और इनका क्या मतलब है।

नीला: स्नेह, दया और शांति का प्रतीक
पीला: किसी भी चीज के अति से परहेज करना, चरम से विरक्त रहने का प्रतीक

लाल: उपलब्धि, ज्ञान, सदाचार, भाग्य और गरिमा का प्रतीक
सफेद: धर्म की पवित्रता
केसरी: बुद्ध की शिक्षा - ज्ञान का प्रतीक।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Thursday, May 4, 2023, 16:30 [IST]
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