Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
Ahoi Ashtami Vrat Rules: क्या अहोई व्रत में माताएं पानी पी सकती हैं या नहीं? जानें पारंपरिक नियम
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Kab Piye: आज यानी 13 अक्टूबर 2025, दिन सोमवार को माताओं ने अहोई अष्टमी का व्रत रखा है जो सभी माताओं के लिए बेहद खास माना जाता है। यह व्रत कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन माताएं अपने बच्चों की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और सुख-शांति के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
शाम को तारों को देखकर व्रत का पारण किया जाता है। शाम को कथा और पूजा की जाती है और बच्चों को तिलक लगाया जाता है। मान्यता के अनुसार, ये व्रत पुत्रों के लिए रखा जाता है लेकिन आज के समय में माताएं अपनी बेटियों के लिए भी व्रत रखती हैं।
लेकिन अक्सर सवाल उठता है कि क्या इस व्रत में पानी पी सकते हैं? शास्त्रों के अनुसार, अहोई अष्टमी का व्रत निर्जला रखा जाना चाहिए, यानी दिनभर पानी, भोजन या किसी भी प्रकार की खुराक से परहेज करना चाहिए। आइए जान लेते हैं कि इस व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं और पी सकते हैं तो कब पीना चाहिए?

अहोई अष्टमी व्रत में पानी पीना चाहिए या नहीं
माताएं अहोई अष्टमी का व्रत अपनी संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं। ये व्रत निर्जला रखा जाता है जो बहुत कठिन होता है। माताओं के सवाल होते हैं कि क्या अहोई अष्टमी के दिन वो पानी पी सकती हैं या नहीं। मान्यता के अनुसार, व्रत रखने वाली महिलाएं इस दिन न तो कुछ खा सकती हैं और न ही पानी पी सकती हैं। शाम को तारे देखकर व्रत खोलती हैं और फिर पानी पीती हैं।
अलग-अलग लोग अलग-अलग तरह से व्रत रखते हैं और कुछ सुबह सूरज निकलने से पहले चाय आदि पी लेते हैं तो कुछ नहीं पीते हैं। वहीं कुछ लोग कथा सुनने के बाद पानी और चाय या जूस पी लेते हैं। ऐसे में ये कहा जा सकता है कि आपके घर में जिस तरह से व्रत रखा जाता है उसी तरह से आप भी रखें।
किस अवस्था में पी सकते हैं पानी?
हालांकि कहा जाता है कि अहोई व्रत में पानी नहीं पी सकते हैं। लेकिन जो महिलाएं बीमार रहती हैं या फिर बुजुर्ग हैं या गर्भवती हैं वो पानी पी सकती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो गर्भवती महिलाओं को अहोई अष्टमी का व्रत नहीं रखना चाहिए। इससे उनके होने वाले बच्चे की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।
अहोई अष्टमी व्रत के नियम
निर्जला व्रत रखें - दिनभर भोजन और पानी से परहेज करें।
सुबह स्नान और साफ कपड़े पहनें - पूजा की तैयारी के लिए।
अहोई माता की पूजा - आठ कलश और तिल, जल, दूध, और फल अर्पित करें।
व्रत का पारण - सूरज के अस्त होने या तारे दिखने के समय करें।



Click it and Unblock the Notifications
