Latest Updates
-
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, नाराज हो सकते हैं भगवान शिव -
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर करिश्मा तन्ना के घर गूंजी किलकारी, इस शुभ दिन जन्मे बच्चों के लिए चुनें ये खास नाम -
30 जुलाई या 2 अगस्त, फ्रेंडशिप डे कब है? जानें International Friendship Day और Friendship Day में फर्क -
Happy Sawan 2026 Wishes: ...इन संदेशों के जरिए अपने प्रियजनों को दें सावन की शुभकामनाएं -
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व
Ahoi Ashtami Vrat Rules: क्या अहोई व्रत में माताएं पानी पी सकती हैं या नहीं? जानें पारंपरिक नियम
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Kab Piye: आज यानी 13 अक्टूबर 2025, दिन सोमवार को माताओं ने अहोई अष्टमी का व्रत रखा है जो सभी माताओं के लिए बेहद खास माना जाता है। यह व्रत कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन माताएं अपने बच्चों की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और सुख-शांति के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
शाम को तारों को देखकर व्रत का पारण किया जाता है। शाम को कथा और पूजा की जाती है और बच्चों को तिलक लगाया जाता है। मान्यता के अनुसार, ये व्रत पुत्रों के लिए रखा जाता है लेकिन आज के समय में माताएं अपनी बेटियों के लिए भी व्रत रखती हैं।
लेकिन अक्सर सवाल उठता है कि क्या इस व्रत में पानी पी सकते हैं? शास्त्रों के अनुसार, अहोई अष्टमी का व्रत निर्जला रखा जाना चाहिए, यानी दिनभर पानी, भोजन या किसी भी प्रकार की खुराक से परहेज करना चाहिए। आइए जान लेते हैं कि इस व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं और पी सकते हैं तो कब पीना चाहिए?

अहोई अष्टमी व्रत में पानी पीना चाहिए या नहीं
माताएं अहोई अष्टमी का व्रत अपनी संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं। ये व्रत निर्जला रखा जाता है जो बहुत कठिन होता है। माताओं के सवाल होते हैं कि क्या अहोई अष्टमी के दिन वो पानी पी सकती हैं या नहीं। मान्यता के अनुसार, व्रत रखने वाली महिलाएं इस दिन न तो कुछ खा सकती हैं और न ही पानी पी सकती हैं। शाम को तारे देखकर व्रत खोलती हैं और फिर पानी पीती हैं।
अलग-अलग लोग अलग-अलग तरह से व्रत रखते हैं और कुछ सुबह सूरज निकलने से पहले चाय आदि पी लेते हैं तो कुछ नहीं पीते हैं। वहीं कुछ लोग कथा सुनने के बाद पानी और चाय या जूस पी लेते हैं। ऐसे में ये कहा जा सकता है कि आपके घर में जिस तरह से व्रत रखा जाता है उसी तरह से आप भी रखें।
किस अवस्था में पी सकते हैं पानी?
हालांकि कहा जाता है कि अहोई व्रत में पानी नहीं पी सकते हैं। लेकिन जो महिलाएं बीमार रहती हैं या फिर बुजुर्ग हैं या गर्भवती हैं वो पानी पी सकती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो गर्भवती महिलाओं को अहोई अष्टमी का व्रत नहीं रखना चाहिए। इससे उनके होने वाले बच्चे की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।
अहोई अष्टमी व्रत के नियम
निर्जला व्रत रखें - दिनभर भोजन और पानी से परहेज करें।
सुबह स्नान और साफ कपड़े पहनें - पूजा की तैयारी के लिए।
अहोई माता की पूजा - आठ कलश और तिल, जल, दूध, और फल अर्पित करें।
व्रत का पारण - सूरज के अस्त होने या तारे दिखने के समय करें।



Click it and Unblock the Notifications