Latest Updates
-
'कांटे' और 'शूटआउट एट वडाला' के निर्देशक संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन, सामने आई मौत की वजह -
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Kab Piye: अहोई अष्टमी के व्रत में पानी पीना चाहिए या नहीं? जानें व्रत के जरूरी नियम -
Namakpara Recipe: दिवाली पर घर पर बनाएं बिना मैदा के कुरकुरे नमकपारे, निशा मधुलिका ने बताई आसान रेसिपी -
Halloween 2026: क्यों मनाया जाता है हैलोवीन? जानिए कहां और कैसे शुरू हुआ यह 'डरावना त्योहार' -
National Unity Day 2026 Wishes: हमारी पहचान हमारी एकता...राष्ट्रीय एकता दिवस पर आप भी भेजें ये शुभकामना संदेश -
Halloween 2026: हैलोवीन पार्टी के लिए ट्राई करें ये 5 स्पूकी मेकअप आइडियाज, दिखेंगी सबसे अलग -
बार-बार होने वाला सिरदर्द कहीं ब्रेन ट्यूमर तो नहीं? डॉक्टर ने बताए 5 वार्निंग संकेत जिन्हें पहचानना है जरूरी -
Ahoi Ashtami 2026: 1 या 2 नवंबर, अहोई अष्टमी कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Karwa Chauth Wishes For Saasu Maa: आपके आशीर्वाद से...करवा चौथ पर सासू मां को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Happy Karwa Chauth Wishes For Husband: चांद से भी प्यारा...करवाचौथ पर जीवनसाथी को भेजें ये प्यार भरे संदेश
Chaitra Navratri 2023 Day 6: प्रेम व विवाह का आशीर्वाद देती हैं माता कात्यायनी, पढ़ें मंत्र और आरती
पिछले पांच दिनों से भक्तगण मां दुर्गा की अराधना में लीन हैं। नवरात्र के नौ दिन मां दुर्गा के नौ अलग अलग रूपों को समर्पित होते हैं।
नवरात्र के छठे दिन, 27 मार्च को मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। मां कात्यायनी ऋषि कात्यायन की पुत्री थी।

पूरी श्रद्धा से मां कात्यायनी की आराधना करने से प्रेम और विवाह के सम्बन्ध में आ रही अड़चनों से मुक्ति मिलती है। मां कात्यायनी शेर पर सवार होती हैं और चार भुजाओं में तलवार, कमल, उपर की ओर उठा हुआ और वर देने की मुद्रा में होता है। मां के सिर पर मुकुट तेजस्वी मुकुट होता है।
जानते हैं नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा का शुभ मुहूर्त, मन्त्र एवं आरती:
कात्यायनी माता की पूजा का शुभ मुहूर्त
षष्ठी तिथि की शुरुआत 26 मार्च को दोपहर 04:32 बजे से होगी और समापन 27 मार्च को शाम 05:27 बजे होगा। वहीं गोधुलि मुहूर्त शाम के 06:35 से 06:58 तक रहेगा। इस दिन पूरा दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रहने वाला है।
वहीं पूजा के लिए रवि योग सुबह 06:18 बजे से दोपहर 03:27 बजे तक रहेगा। वहीं अमृत सिद्धि योग दिन के 03:27 बजे से शुरू हो जाएगा जो पूरे दिन चलेगा।
मां कात्यायनी पूजा मंत्र

ॐ कात्यायनी महामये महायोगिन्यधीश्वरी। नंद गोप सुतं देहि पतिं में कुरुते नम:।।
या देवी सर्वभूतेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
चंद्र हासोज्ज वलकरा शार्दू लवर वाहना कात्यायनी शुभं दद्या देवी दानव घातिनि॥
क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम:।।
मां कात्यायनी आरती
जय जय अम्बे, जय कात्यायनी, जय जगमाता, जग की महारानी।
बैजनाथ स्थान तुम्हारा, वहां वरदाती नाम पुकारा।
कई नाम हैं, कई धाम हैं, यह स्थान भी तो सुखधाम है।
हर मंदिर में जोत तुम्हारी, कहीं योगेश्वरी महिमा न्यारी।
हर जगह उत्सव होते रहते, हर मंदिर में भक्त हैं कहते।
कात्यायनी रक्षक काया की, ग्रंथि काटे मोह माया की।
झूठे मोह से छुड़ाने वाली, अपना नाम जपाने वाली।
बृहस्पतिवार को पूजा करियो, ध्यान कात्यायनी का धरियो।
हर संकट को दूर करेगी, भंडारे भरपूर करेगी।
जो भी मां को भक्त पुकारे, कात्यायनी सब कष्ट निवारे।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
